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लैब टेथ्निशयन भर्ती परिणाम पर रोक
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लैब टेक्निशियन भर्ती परिणाम पर रोक
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लैब टेक्निशियन के 921 पदों पर भर्ती के लिए जारी 15 जून 2019 के परिणाम पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि जारी परिणाम के तहत फिलहाल नियुक्तियां न की जाएं। कोर्ट ने याचिका में पक्षकार बनाए गए नियुक्ति पा चुके अभ्यर्थियों को भी नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। नमित कुमार पांडेय और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र सुनवाई कर रहे हैं।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि लैब टेक्निशियन भर्ती का विज्ञापन 2016 में जारी किया गया। नियुक्ति के लिए लैब टेक्निशियन में डिप्लोमा या समकक्ष तथा विज्ञान से इंटरमीडिएट अर्हता रखी गई। 29 दिसंबर 2016 को परिणाम जारी किया गया। लिखित परीक्षा में ऐसे लोग भी सफल हो गए जिनका डिप्लोमा यूपी स्टेट मेडिकल फैके ल्टी से पंजीकृत नहीं था जोकि 2003 में जारी शासनादेश के अनुसार अनिवार्य है।
इसे लेकर लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल हुई। खंडपीठ ने एक माह की मोहलत देते हुए लिखित परीक्षा में पास सभी अभ्यर्थियों को पंजीकरण कराके प्रमाणपत्र आयोग में जमा करने का निर्देश दिया। इसके बाद आयोग ने 29 दिसंबर 2016 के परिणाम को निरस्त करते हुए सभी अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में बुला लिया और कई ऐसे अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दे दी गई जो लिखित परीक्षा में पास नहीं थे या कट ऑफ मेरिट से काफी कम अंक थे। जबकि याचीगण का कट ऑफ से अधिक अंक होने के बावजूद चयन नहीं हुआ।
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इसके चुनौती देते हुए कहा गया कि लखनऊ खंडपीठ के आदेश में परिणाम निरस्त करने के लिए नहीं कहा गया। और न ही कट ऑफ मेरिट नीचे लाने का निर्देश था इसके बावजूद 15 जून 2019 को नया परिणाम चयन परिणाम घोषित किया गया। कोर्ट ने 15 जून के परिणाम पर रोक लगाते हुए जवाब तलब किया है।
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लैब टेक्निशियन के 921 पदों पर भर्ती के लिए जारी 15 जून 2019 के परिणाम पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि जारी परिणाम के तहत फिलहाल नियुक्तियां न की जाएं। कोर्ट ने याचिका में पक्षकार बनाए गए नियुक्ति पा चुके अभ्यर्थियों को भी नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। नमित कुमार पांडेय और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र सुनवाई कर रहे हैं।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि लैब टेक्निशियन भर्ती का विज्ञापन 2016 में जारी किया गया। नियुक्ति के लिए लैब टेक्निशियन में डिप्लोमा या समकक्ष तथा विज्ञान से इंटरमीडिएट अर्हता रखी गई। 29 दिसंबर 2016 को परिणाम जारी किया गया। लिखित परीक्षा में ऐसे लोग भी सफल हो गए जिनका डिप्लोमा यूपी स्टेट मेडिकल फैके ल्टी से पंजीकृत नहीं था जोकि 2003 में जारी शासनादेश के अनुसार अनिवार्य है।
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इसे लेकर लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल हुई। खंडपीठ ने एक माह की मोहलत देते हुए लिखित परीक्षा में पास सभी अभ्यर्थियों को पंजीकरण कराके प्रमाणपत्र आयोग में जमा करने का निर्देश दिया। इसके बाद आयोग ने 29 दिसंबर 2016 के परिणाम को निरस्त करते हुए सभी अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में बुला लिया और कई ऐसे अभ्यर्थियों को नियुक्तियां दे दी गई जो लिखित परीक्षा में पास नहीं थे या कट ऑफ मेरिट से काफी कम अंक थे। जबकि याचीगण का कट ऑफ से अधिक अंक होने के बावजूद चयन नहीं हुआ।
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इसके चुनौती देते हुए कहा गया कि लखनऊ खंडपीठ के आदेश में परिणाम निरस्त करने के लिए नहीं कहा गया। और न ही कट ऑफ मेरिट नीचे लाने का निर्देश था इसके बावजूद 15 जून 2019 को नया परिणाम चयन परिणाम घोषित किया गया। कोर्ट ने 15 जून के परिणाम पर रोक लगाते हुए जवाब तलब किया है।