हिंदू नववर्ष पर पूरे देश में 'धर्म जागरण अभियान' चलाने का प्रस्ताव पास, संतों ने किया हंगामा
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कुंभ मेला क्षेत्र में विश्व हिंदू परिषद की ओर से आयोजित धर्म संसद के दूसरे दिन शुक्रवार को राम मंदिर निर्माण का मुद्दा गरमाया रहा। धर्मसंसद में संतों ने पीएम मोदी पर भरोसा जताते हुए लोकसभा चुनाव तक राम मंदिर निर्माण को लेकर आंदोलन स्थगित करने की बात कही। धर्म संसद में कहा गया कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर देकर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर दी है। संतों को मोदी सरकार पर पूरा भरोसा है।
विहिप के द्वारा धर्म संसद पर लाये गए प्रस्ताव पर आरएसएस के सर संघचालक मोहन भगवत ने कहा कि, संघ राम जन्मभूमि आंदोलन का कार्यकर्ता है, हमें मंदिर से कम कुछ स्वीकार्य नहीं है।
संतों ने धर्मसंसद में जमकर हंगामा किया। कार्यक्रम में नीचे बैठे कई संत और लोग नारेबाजी करने लगे। संत राम मंदिर निर्माण की तिथि घोषित करने की मांग कर रहे थे। मंच से बार-बार संतो को शांत करने की अपील की गई। धर्म संसद के दूसरे दिन महामंडलेश्वर अखिलेश्वरानंद ने प्रस्ताव पढ़ा जिसमें मंदिर निर्माण को लेकर कोई घोषणा नहीं थी। महामंडलेश्वर अखिलेश्वरानंद ने कहा आंदोलन का राजनीतिकरण न हो इसलिए कोई नई घोषणा नहीं करेंगे। इसके बाद धर्म संसद में हंगामा हो गया। वहां मौजूद संतों ने राम मंदिर निर्माण की तारीख घोषित करने को लेकर काफी हंगामा किया। साध्वी प्रियम्वदा ने 2020 में राम मंदिर निर्माण की बात की थी जिसका संतों ने विरोध कर हंगामा किया।
#WATCH: Ruckus ensued after RSS chief Mohan Bhagwat's speech at the Dharm Sansad called by VHP in Prayagraj, protesters were demanding early construction of Ram temple in Ayodhya. pic.twitter.com/IGnOxThHuq
— ANI UP (@ANINewsUP) February 1, 2019
मोहन भागवत ने कहा- मंदिर उसी स्थान पर बनेगा सिर्फ 6 महीने तक इंतजार करें, केंद्र में मोदी की सरकार फिर से लाएं, क्योकि कोई दूसरा राम के प्रति समर्पित नहीं है। यह निर्णायक दौर है इसमें धैर्य रखना जरूरी है।
विहिप की धर्मसंसद में हिंदू कैलेंडर के अनुसार नववर्ष यानि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर धर्म जागरण अभियान चलाने का प्रस्ताव पास हुआ। धर्म जागरण अभियान के तहत पूरे देश में विहिप श्रीराम नाम का जाप करेगा। ये जाप राम मंदिर निर्माण शुरू होने तक चलता रहेगा। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, छह अप्रैल को 13 करोड़ विजय मंत्र ‘श्रीराम
जय राम, जय-जय राम’ का जाप किया जाएगा।
विहिप की धर्मसंसद में पास हुए राम जन्मभूमि प्रस्ताव की पूरी जानकारी के लिए यहां क्लिक करें...
राम मंदिर वहीं बनेगा जहां राम का जन्म हुआ- आलोक कुमार
विश्व हिंदू परिषद की धर्म संसद में विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर वहीं बनेगा जहां राम का जन्म हुआ, उन्हीं शिलाओं और ईटों से बनेगा जो पूजित हुई हैं और उसी मॉडल पर बनेगा जो देशभर के घरों में पूजित हुआ है।कुंभ मेला क्षेत्र में विहिप के शिविर में चल रही धर्म संसद को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा कि, जो शक्तियां कई पीढ़ियों तक शत्रु थीं, अब वे संधि करके हिंदुओं के खिलाफ षड्यंत्र कर रही है।
उन्होंने कहा, 'हमारी 42 एकड़ भूमि राम जन्मभूमि न्यास की है और न्यास के अध्यक्ष ने जब सरकार को पत्र लिखकर इसे लौटाने की मांग की तो प्रधानमंत्री ने इस पत्र के भेजे जाने के 15 दिन के भीतर त्वरित कार्रवाई करके उच्चतम न्यायालय में इसके लिए अर्जी दी और भूमि लौटाने की अनुमति मांगी। आलोक कुमार ने कहा, 'हम इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करते हैं।