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कुंभ 2019: धर्म संसद के लिए संतों को मनाने पहुंची विहिप की कोर कमेटी

Wed, 23 Jan 2019 03:44 PM IST
vivek shukla पंकज प्रसून, अमर उजाला, प्रयागराज
पंकज प्रसून, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: vivek shukla Updated Wed, 23 Jan 2019 03:44 PM IST
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kumbh 2019- VHP core committee reached to saints for Dharm sansad
vhp - फोटो : File Photo
जैसे-जैसे धर्म संसद की तारीख नजदीक आती जा रही है, विहिप और संतों के शिविर में गतिविधियां तेज होती जा रही हैं। संतों को साधने के लिए विश्व हिंदू परिषद की कोर टीम भी मंगलवार को कुंभ क्षेत्र में पहुंच गई। इस टीम में शामिल सभी वरिष्ठ पदाधिकारी हैं, जिनका देश भर के संतों से सीधा संपर्क रहता है।
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विहिप की कोर कमेटी में शामिल केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय, राजेंद्र सिंह पंकज, केंद्रीय मंत्री जीवेश्वर मिश्र, केंद्रीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी और संन्यासी मंडल के सदस्य दिनेश के अलावा महामंत्री संगठन विनायकराव देशपांडे, संपर्क प्रमुख रास बिहारी यहां पहुंच गए। इन पदाधिकारियों को कुंभ क्षेत्र में आए प्रमुख संतों से संपर्क कर उन्हें धर्म संसद में लाने की जिम्मेदारी दी गई है।
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इसके अलावा इन्हें यह भी दायित्व सौंपा गया है कि जो भी संत धर्म संसद में आएं वे विहिप की नीतियों के अलावा मोदी और योगी सरकार पर भी सकारात्मक रुख रखें। इस बीच विहिप शिविर में सुबह और शाम केंद्रीय पदाधिकारियों की दो दौर की बैठक हुई, जिसमें बताया गया कि करीब 60 प्रतिशत संतों को धर्म संसद में आने का बुलावा भेज दिया गया है।
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सरकार की टीम में प्रयास में जुटी

बाकी 40 प्रतिशत संत ऐसे हैं, जो किसी न किसी वजह से धर्र्म संसद को लेकर सरकार और विहिप के रुख से नाराज बताए जा रहे हैं। ऐसे लोगों को मनाने का काम कोर कमेटी करेगी । पता चला है कि 25 जनवरी तक संतों को आमंत्रण पत्र देने का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद धर्म संसद के ठीक एक दिन पहले विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारी फिर से इन्हीं संतों के पास आखिरी निवेदन लेकर जाएंगे।

विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकार के मंत्रियों, भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों की भी एक टीम बनाई गई है। यह टीम अलग-अलग समय पर पहुंचकर संतों को धर्म संसद के माध्यम से भाजपा के प्रति माहौल बनाने की कोशिश में जुटी है, जिससे सरकार के दिव्य कुंभ, भव्य कुंभ की कोशिश रंग ला सके। यही वजह है कि संतों को मेला क्षेत्र में किसी भी तरह की असुविधा नहीं होने दे रही है।

सरकार का रुख मंदिर के पक्ष में नहीं
2009 में हरिद्वार लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंदगिरी ने मंगलवार को अपने शिविर में आयोजित बैठक में कहा कि केंद्र सरकार का रुख अयोध्या में मंदिर निर्माण के पक्ष में नही है। यदि सरकार चाहती तो श्रद्धालुओं की उपेक्षा नहीं होने देती। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के पास ऐसा वक्त आया है, इसका उपयोग करना चाहिए। उन्होेंने कहा कि अयोध्या में राम का भव्य मंदिर बने, इसे लेकर लंबे समय से जनांदोलन चल रहा है, यही वक्त है जब सरकार को कड़ा फैसला लेना चाहिए।

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