फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Kumbh Mela 2019 RSS-VHP not Consider Ram as God Shankaracharya Swaroopanand says

आरएसएस-विहिप के लोग राम को भगवान नहीं मानते हैं : शंकराचार्य स्वरूपानंद

Fri, 01 Feb 2019 12:01 AM IST
kapil kumar अनूप ओझा, अमर उजाला, प्रयागराज
अनूप ओझा, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: kapil kumar Updated Fri, 01 Feb 2019 12:01 AM IST
विज्ञापन
Kumbh Mela 2019 RSS-VHP not Consider Ram as God Shankaracharya Swaroopanand says

द्वारिका-शारदा, ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने बृहस्पतिवार की शाम कहा कि सरकार अयोध्या में रामलला की जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण नहीं कराना चाहती। विवादित भूमि को छोड़कर अन्य जगह मंदिर निर्माण की केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी देकर यह जाहिर कर दिया है।

विज्ञापन


उन्होंने कुंभ में शुरू हुई विहिप की धर्म संसद का नाम लिए बगैर कहा अब 24 घंटे के भीतर ही इस सच से परदा उठ जाएगा। शंकराचार्य ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए तय तिथि पर शिलान्यास करने वह अयोध्या जाएंगे और हाईकोर्ट ने जिस जगह को रामलला की जन्मभूमि माना है, उसी जगह शिलान्यास करेंगे। 
विज्ञापन


यमुना तट स्थित मनकामेश्वर महादेव में अमर उजाला से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि आरएसएस, विहिप और भाजपा के लोग राम को भगवान नहीं, बल्कि एक आदर्श महापुरुष मानते हैं। इसीलिए केंद्र सरकार ने विवादित स्थल से हटकर दूसरी जगह मंदिर निर्माण के लिए जमीन देने की अर्जी सुप्रीम कोर्ट में दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन होने और सुनवाई चलने की स्थिति में वह क्या नियम तोड़कर विवादित भूमि पर शिलान्यास करने जाएंगे? इस सवाल पर उनका कहना था कि हाईकोर्ट ने रामलला की जन्मभूमि घोषित कर दिया है। वहीं रामलला विराजमान हैं। जहां रामलला विराजमान हैं, वहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के जाने पर रोक नहीं है, तो उनको कैसे रोका जा सकता है। वह वहां शिला पूजन ही करेंगे। शंकराचार्य ने कहा कि उन्होंने तो शिलान्यास की तारीख बता दी। वसंत पंचमी के बाद अयोध्या पहुंचने की भी तारीख बता देंगे। 


उधर, शंकराचार्य के एलान के बाद देश के सभी 543 संसदीय क्षेत्रों से अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए 2172 शिलाएं मंगाई जा रही हैं। मंदिर निर्माण में लगाई जाने वाली चार तरह की शिलाओं का नामकर शंकराचार्य ने नंदा, वद्रा, जमा, पूर्णा के रूप में किया है। इन शिलाओं से आनंद, कल्याण, विजय और पूर्णता की प्राप्ति होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed