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चार महीने बाद अब होगा कुंभ का बकाया भुगतान
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प्रयागराज। दिव्य भव्य कुंभ कराने वाली योगी सरकार ने कुंभ कार्यों के बकाया भुगतान के लिए बजट में 149 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस रकम से मेला समाप्ति के चार महीने बाद कई विभागों और कार्यदायी संस्थाओं की बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा। मार्च में प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने यह रकम सरेंडर कर दी थी।
प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने कुंभ पूर्ण होने के बाद विभागों के खर्च का ऑडिट कराया। कई संस्थाओं ने समय पर बिल नहीं दिए और कई के बिलों में त्रुटियां सामने आईं। कमिश्नर डॉ. आशीष गोयल की अध्यक्षता में कई बार हुई मेला प्राधिकरण की बैठक में जांच रिपोर्ट और रिकार्डिंग के आधार पर खर्च में भारी कटौती की गई। करीब 750 करोड़ रुपये की बचत कर रकम शासन को लौटा दी गई।
वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर मार्च में मेला प्राधिकरण ने अवशेष रकम शासन के पक्ष में सरेंडर कर दी थी। इससे समय पर बिल प्रस्तुत न करने वाले विभागों और कार्यदायी संस्थाओं का बिल भुगतान अटक गया। इस बीच प्राप्त बिलों का ऑडिट कराकर मेला प्राधिकरण ने भुगतान के लिए शासन से धनराशि अवमुक्त करने का अनुरोध किया। मंगलवार को शासन ने बजट में कुंभ कार्यों के लिए 149 करोड़ का प्रावधान कर दिया है। इस रकम से कुंभ कार्यों के मद में बकाया का भुगतान किया जाएगा।
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प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने कुंभ पूर्ण होने के बाद विभागों के खर्च का ऑडिट कराया। कई संस्थाओं ने समय पर बिल नहीं दिए और कई के बिलों में त्रुटियां सामने आईं। कमिश्नर डॉ. आशीष गोयल की अध्यक्षता में कई बार हुई मेला प्राधिकरण की बैठक में जांच रिपोर्ट और रिकार्डिंग के आधार पर खर्च में भारी कटौती की गई। करीब 750 करोड़ रुपये की बचत कर रकम शासन को लौटा दी गई।
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वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर मार्च में मेला प्राधिकरण ने अवशेष रकम शासन के पक्ष में सरेंडर कर दी थी। इससे समय पर बिल प्रस्तुत न करने वाले विभागों और कार्यदायी संस्थाओं का बिल भुगतान अटक गया। इस बीच प्राप्त बिलों का ऑडिट कराकर मेला प्राधिकरण ने भुगतान के लिए शासन से धनराशि अवमुक्त करने का अनुरोध किया। मंगलवार को शासन ने बजट में कुंभ कार्यों के लिए 149 करोड़ का प्रावधान कर दिया है। इस रकम से कुंभ कार्यों के मद में बकाया का भुगतान किया जाएगा।
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