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कुंभ 2018: गंदगी-मलबा और लापरवाही देख भड़के मंत्री, बोले-'पीडब्ल्यूडी के बस का नहीं काम'

Thu, 29 Nov 2018 03:17 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Updated Thu, 29 Nov 2018 03:17 AM IST
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kumbh 2018 minister Ashutosh Tandon angry after looking incomplete work in SRN
ऊंट पर सवार साधु-संत - फोटो : अमर उजाला
आमतौर पर शांत और संयत रहने वाले चिकित्सा शिक्षा मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री बुधवार को मेडिकल कॉलेज के एसआएन अस्पताल में कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी की लापरवाही देख तमतमा गए। अधिशासी अभियंता मौके पर नहीं मिले तो लखनऊ में मुख्य अभियंता को फोन लगाया और बोले, पीडब्ल्यूडी के बस का नहीं है काम, कुंभ से पहले कुछ भी हो पाना संभव नहीं दिख रहा है। 
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इसके बाद मंत्री ने कुंभ कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया तो उन्हें हर तरफ खामियां मिलीं। हर तरफ गंदगी पसरी थी तो अधिकांश स्थानों पर मलबे का ढेर लगा था। अफसरों को चेताया अब दंडात्मक कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
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प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन लखनऊ से दोपहर करीब तीन बजे सीधा एसआरएन अस्पताल परिसर पहुंचे। वहां प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह, एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव, डिप्टी एसआईसी गौतम त्रिपाठी ने उनका स्वागत किया। 
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वह सीधे पुराने भवन में वार्डों का निरीक्षण करने पहुंच गए। गलियारे में टाइल्स का न लगना, बिजली का अधूरा काम और मलबा, कबाड़ पड़ा देख उनका मूड बिगड़ गया। वहीं से मुख्य अभियंता से उनके मातहतों के बारे में जानकारी देकर कुंभ कार्यों में बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी जताई। प्राचार्य से भी निगरानी न करने पर नाराजगी जताई। कहा, दिन में दो बार निरीक्षण कर प्रगति से अवगत कराएं। 

मंत्री ने पुराने भवन के साथ प्रशासनिक विंग, महामारी वार्ड नंबर 7, वार्ड पांच, नौ और दस का निरीक्षण किया। वार्ड नौ में भर्ती नैनी के दिलीप सहित अन्य मरीजों से हाल पूछा। दवाओं और डॉक्टरों के बारे में फीडबैक लेकर निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण करने पहुंचे। 

तब तक वहां पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता खंड एक एके द्विवेदी पहुंच चुके थे। मंत्री ने नक्शा मांगा और काउंटरों के बारे में पूछा तो बताया गया कि छह काउंटर और बनाकर ओपीडी हाल में 150 कुर्सिंयां लगाई जाएंगी। 

मंत्री ने निर्देश दिया कि काउंटरों की संख्या 12 की जाए। दिव्यांगों के लिए स्लोप और काउंटर अलग हो। महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष सहूलियत दी जाए। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुपर स्पेशियलिटी योजना(पीएमएचएसवाई) के भवन का निरीक्षण किया। 

फिर लौटे तो कम्युनिटी मेडिसिन सेंटर में लगे वाटर कूलर की हालत देख बिगड़ गए। कहा कि कैंटीन के साथ शुद्ध पेयजल की उचित व्यवस्था करें। 

अंत में अस्पताल परिसर में 1500 मीटर सीसी रोड में सिर्फ 300 मीटर ही सड़क बनाए जाने की जानकारी होने पर भी मंत्री का पारा चढ़ गया। कारण पूछा तो बताया गया कि गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने सीवर लाइन का काम देर से शुरू किया। निर्देश दिया कि 15 दिन में सड़क निर्माण का काम भी पूरा कर लिया जाए।

खुद बताएं तारीख, पूरे करें काम
चिकित्सा मंत्री ने कड़े लहजे में पीडब्ल्यूडी अफसरों से कहा कि वे खुद ही बताएं कि कौन सा काम कितने दिनों में पूरा कर देंगे। इंजीनियर द्विवेदी से कहा कि सात दिन में वार्डों और पुराने भवन का काम पूरा करें। 

15 दिसंबर तक अन्य कार्य पूरा करने पर अफसरों ने 7 दिन का और समय मांगा तो ओपीडी भवन के लिए 22 दिसंबर तक की मोहलत दी। पार्क में फाउंटेन और अन्य कार्य पांच दिन में पूरे करने का भरोसा मंत्री को दिया गया है। 

प्रभारी मंत्री ने साफ कहा कि तीन दिन में मलबा उठा लिया जाए। डिप्टी एसआईसी गौतम त्रिपाठी से कहा कि हर दिन सफाई और मलबा उठाने की फोटो व्हाट्सएप पर भेजें।
 
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