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कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद : लंबित सभी मुकदमों को स्थानांतरित करने की मांग को हाईकोर्ट ने माना विचारणीय

Thu, 02 Feb 2023 10:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 02 Feb 2023 10:17 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह विवाद को लेकर मथुरा की अदालत में विचाराधीन आधे दर्जन मुकदमों को हाईकोर्ट या जिला जज की अदालत में स्थानांतरित कर सुनवाई करने की मांग में दाखिल अर्जी को विचारणीय माना है।

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Krishna Janmabhoomi-Shahi Idgah dispute High Court considered for transfer of all pending case
Prayagraj News : श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह विवाद को लेकर मथुरा की अदालत में विचाराधीन आधे दर्जन मुकदमों को हाईकोर्ट या जिला जज की अदालत में स्थानांतरित कर सुनवाई करने की मांग में दाखिल अर्जी को विचारणीय माना है। विपक्षियों को नोटिस जारी कर तामील रिपोर्ट सहित अर्जी की सुनवाई के लिए दो मार्च को पेश करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव ने भगवान श्रीकृष्ण विराजमान व सात अन्य की तरफ से दाखिल स्थानांतरण अर्जी पर दिया है।

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याची अधिवक्ता पीके शर्मा व विष्णु शंकर जैन का कहना है कि मथुरा की सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में प्रश्नगत सिविल वाद लंबित है। इसी तरह के समान कई अन्य वाद भी विचाराधीन हैं। भगवान श्रीकृष्ण के करोड़ों श्रद्धालु हैं। यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है। इनमें कानून एवं संविधान की व्याख्या के मुद्दे निहित है।

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याची सभी वाद हाईकोर्ट में या जिला जज की एक अदालत में स्थानांतरित करने की प्रार्थना की है, ताकि अलग-अलग अदालती कार्यवाही से विरोधाभास उत्पन्न न होने पाए। इससे पक्षकारों को भी सुविधा होगी। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता पुनीत गुप्ता ने अर्जी की पोषणीयता पर आपत्ति की। कहा, याची को अन्य पक्षकारों को सुनवाई का अवसर न देकर अकेले केस स्थानांतरित करने की मांग का अधिकार नहीं है। याची को अनुच्छेद 228 में मुख्य न्यायाधीश के समक्ष अर्जी दाखिल करनी चाहिए।

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