फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   KP Trust Election: Result stopped for an hour after counting, fierce fight for certificate

KP Trust Chunav : गिनती के बाद घंटे भर रोका गया परिणाम, प्रमाणपत्र के लिए जमकर नोकझोंक

Wed, 27 Dec 2023 01:25 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 27 Dec 2023 01:25 PM IST
सार

लंबी जद्दोजहद के बाद पुनर्मतगणना कराई गई। बावजूद इसके राघवेंद्र की तुलना में सुशील सिन्हा के पक्ष में अधिक मत आए और उन्हें निर्वाचित घोषित करना पड़ा। शाम पांच बजे आखिरी और चौथे चक्र की गिनती के बाद जब सुशील सिन्हा ने बढ़त बना ली तब हंगामा शुरू हो गया।

विज्ञापन
KP Trust Election: Result stopped for an hour after counting, fierce fight for certificate
जीत के बाद जुलूस निकालते केपी ट्रस्ट के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार सिन्हा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

केपी ट्रस्ट के चुनाव में मंगलवार की शाम वोटों की गिनती के दौरान अध्यक्ष प्रत्याशी राघवेंद्र नाथ सिंह के समर्थकों ने मतगणना स्थल के बाहर जमकर हंगामा किया। गिनती में धांधली का आरोप लगाकर राघवेंद्र समर्थक फिर से मतगणना कराने के लिए शोर-शराबा, नारेबाजी करने लगे। कुछ समर्थकों ने तो केपी ट्रस्ट न्यायाधिकरण के समक्ष मामला ले जाने की धमकी दे डाली। इसके बाद परिणाम रोक दिया गया।

विज्ञापन






विज्ञापन






लंबी जद्दोजहद के बाद पुनर्मतगणना कराई गई। बावजूद इसके राघवेंद्र की तुलना में सुशील सिन्हा के पक्ष में अधिक मत आए और उन्हें निर्वाचित घोषित करना पड़ा। शाम पांच बजे आखिरी और चौथे चक्र की गिनती के बाद जब सुशील सिन्हा ने बढ़त बना ली तब हंगामा शुरू हो गया। उधर सुशील सिन्हा के समर्थकों ने बैंडबाजा मंगवा लिया। इस बीच राघवेंद्र नाथ के समर्थकों का कहना था वोटों की गिनती में गड़बड़ी हुई है। भाजपा एमएलसी केपी श्रीवास्तव के दबाव में गड़बड़ी कराने का आरोप लगाया जाने लगा। इस दौरान परिणाम रोक दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद चुनाव अधिकारी पीके सक्सेना ने पुनर्मतगणना का आदेश जारी कर दिया। दोबारा वोटों की गिनती कराए जाने के बाद भी 18 वोटों से सुशील सिन्हा अपने प्रतिद्वंद्वी राघवेंद्र नाथ से आगे रहे। इसके बाद भी परिणाम घोषित नहीं किया जा रहा था। तब एमएलसी केपी श्रीवास्तव ने हस्तक्षेप किया। उनका कहना था कि जब दोबारा मतगणना करा ली गई है तब परिणाम घोषित क्यों नहीं किया जा रहा है? इसके बाद सुशील सिन्हा को विजयी घोषित किया गया।

जीत का प्रमाण पत्र जारी करने में भी होती रही हीलाहवाली

केपी ट्रस्ट के चुनाव का परिणाम आने के बाद मंगलवार की देर शाम सर्टिफिकेट जारी करने में हीला हवाली की जाने लगी। कहा जाने लगा कि सर्टिफिकेट बुधवार को जारी किया जाएगा। इसलिए कि कोई ऑपरेटर उपलब्ध नहीं है। इस पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. सुशील और उनके समर्थकों का कहना था कि कोई बात नहीं है, सर्टिफिकेट को हाथ से ही लिखकर जारी कर दिया जाएगा। दबाव बढ़ने के चुनाव अधिकारी ने हाथ से ही जीत का प्रमाण पत्र लिखवाकर जारी किया।

नतीजा आते ही समर्थकों ने सुशील को फूलमाला से लादा, कंधे पर लेकर थिरके

केपी ट्रस्ट का अध्यक्ष निर्वाचित होने के एलान के बाद डॉ. सुशील सिन्हा को समर्थकों ने फूलमाला से लाद दिया। नए अध्यक्ष को लोग कंधे पर बैठाकर बैंडबाजा के साथ नाचने-थिरकने लगे। बाजेगाजे के साथ जश्न मनाया जाने लगा।

एक दशक के बाद हुआ सत्ता परिवर्तन

एक दशक के बाद केपी ट्रस्ट की सत्ता में परिवर्तन हुआ। इससे पहले वर्ष 2009 से 2013 तक टीपी सिंह केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष रहे। इनके बाद राघवेंद्र नाथ सिंह के हाथ में सत्ता आई। मौजूदा समय राघवेंद्र नाथ के ही भाई जितेंद्र नाथ सिंह केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष का चुनाव पांच वर्ष के लिए होता है। डॉ. सुशील सिन्हा को 4668 और राघवेंद्र नाथ सिंह को 4650 मत मिले।

कार्यकारिणी सदस्यों के 20 पदों पर वोटों की गिनती आज

कार्यकारिणी सदस्यों के 20 पदों पर बुधवार को मतगणना होगी। सुबह आठ बजे से केपी इंटर कॉलेज परिसर में कार्यकारिणी सदस्य के पदों पर वोटों की गिनती आरंभ होगी। शाम तक परिणाम घोषित किए जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed