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KP Trust : चौधरी राघवेंद्र नाथ की ताजपोशी को हाईकोर्ट में चुनौती, हाईकोर्ट में चली लंबी बहस
Fri, 18 Apr 2025 01:45 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 18 Apr 2025 01:45 PM IST
सार
एशिया के सबसे बड़े शैक्षणिक ट्रस्ट कायस्थ पाठशाला के अध्यक्ष पद पर एसडीएम के आदेश से पुनर्मतगणना कराए जाने के बाद निर्वाचित अध्यक्ष का प्रमाण पत्र निरस्त कर दूसरे की ताजपोशी के मामले पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में लंबी बहस चली।
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चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
एशिया के सबसे बड़े शैक्षणिक ट्रस्ट कायस्थ पाठशाला के अध्यक्ष पद पर एसडीएम के आदेश से पुनर्मतगणना कराए जाने के बाद निर्वाचित अध्यक्ष का प्रमाण पत्र निरस्त कर दूसरे की ताजपोशी के मामले पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में लंबी बहस चली। पुनर्मतगणना के बाद ट्रस्ट के अध्यक्ष बने राघवेंद्र नाथ सिंह की ताजपोशी को पूर्व अध्यक्ष डॉ सुशील सिन्हा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया की अदालत कर रही है।
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डॉ सुशील कुमार सिन्हा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल तिवारी ने बृहस्पतिवार को दलील दी कि पुनर्मतगणना में परिणाम के बदलने के बाद भी सोसाइटी रजिस्ट्रार को पुराने अध्यक्ष का प्रमाण पत्र निरस्त करने का कानूनी अधिकार नहीं है। विहित प्राधिकारी की इजाजत के बगैर ताजपोशी गैरकानूनी है।
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शुक्रवार को भी इस मामले में बहस जारी रहेगी। अब नवनिर्वाचित अध्यक्ष चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा और कार्तिकेय सरन दलील पेश करेंगे।
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चौधरी परिवार के वर्चस्व की कानूनी परीक्षा
एशिया के सबसे बड़े ट्रस्ट के तौर पर मशहूर केपी ट्रस्ट में चौधरी परिवार के वर्चस्व की इसे परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। चुनाव में मिली हार के बाद एसडीएम कोर्ट पहुंचे चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह की मांग पर हुई पुनर्मतगणना में उन्हें जीत मिली। सोसाइटी रजिस्ट्रार ने डॉ. सुशील कुमार सिन्हा को हटा कर उनकी ताजपोशी भी करा दी है। लेकिन, कानूनी परीक्षा अभी बाकी है। एक ओर पुनर्मतगणना की वैधता का मामला आयुक्त की अदालत में लंबित है। वहीं दूसरी तरफ चौधरी राघवेंद्र नाथ की ताजपोशी के खिलाफ डॉ. सिन्हा ने हाईकोर्ट का रुख किया है।