KP Trust Election: डॉ. सुशील सिन्हा चुने गए केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष, चौधरी राघवेंद्र को 18 मतों से हराया
एशिया के सबसे बड़े शैक्षणिक ट्रस्ट कायस्थ पाठशाला के चुनाव में डॉ.सुशील सिन्हा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राघवेंद्र नाथ सिंह को 18 मतों से पराजित कर दिया। राघवेंद्र समर्थकों के हंगामे और नारबाजी के बाद पुनर्मतगणना कराई गई।
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एशिया के सबसे बड़े शैक्षणिक ट्रस्ट कायस्थ पाठशाला के चुनाव में डॉ.सुशील सिन्हा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राघवेंद्र नाथ सिंह को 18 मतों से पराजित कर दिया। राघवेंद्र समर्थकों के हंगामे और नारबाजी के बाद पुनर्मतगणना कराई गई। एक घंटे तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद परिणाम घोषित किया जा सका। दशक भर के बाद केपी ट्रस्ट में सत्ता परिवर्तन हुआ है। एक जनवरी को केपी ट्रस्ट के नवनिर्वाचित अध्यक्ष कार्यभार ग्रहण करेंगे।
कायस्थ पाठशाला इंटर कॉलेज परिसर में मंगलवार की सुबह आठ बजे चुनाव अधिकारी सेवानिवृत्त आईपीएस अफसर पीके सक्सेना की मौजूदगी में मतगणना आरंभ हुई। प्रथम चक्र में ही सुशील सिन्हा ने अपने प्रतिद्वंद्वी चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह से बढ़त बना ली। प्रथम चक्र की सात मतपेटियों की गिनती में सुशील ने 253 मतों से बढ़त ली। दूसरे राउंड में सुशील 713 मतों से आगे हो गए। शाम चार बजे तीसरे चक्र की गिनती में सुशील ने 1123 मतों की बढ़त बना ली। आखिरी राउंड की गिनती में झाम फंस गया।
मतगणना में धांधली का लगाया गया आरोप
पहले तो 128 मतों से सुशील सिन्हा को विजयी बताया गया। वहीं, हार की जानकारी मिलने के बाद मतगणना स्थल के बाहर खड़े राघवेंद्र नाथ के समर्थक गिनती में धांधली का आरोप लगाते हुए पुनर्मतगणना के लिए हंगामा करने लगे। नारेबाजी और नोकझोंक के बाद पुनर्मतगणना कराई गई। इस बार भी सुशील सिन्हा 18 मतों से जीत गए, लेकिन राघवेंद्र नाथ और उनके समर्थकों के विरोध जताने पर परिणाम रोक दिया गया।
एक घंटे तक चली जद्दोजहद के बाद चुनाव अधिकारी पीके सिन्हा ने सुशील सिन्हा को केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष पद पर निर्वाचित घोषित किया। केपी ट्रस्ट का चुनाव पांच वर्ष के लिए होता है। इससे पहले एक दशक तक इस पद पर चौधरी परिवार का कब्जा था। मौजूदा समय चौधरी जितेंद्र नाथ अध्यक्ष हैं। जबकि इससे पहले राघवेंद्र नाथ ही इस ट्रस्ट के अध्यक्ष थे।
35 हजार में 9563 लोगों ने डाले थे वोट
सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच वोट डाले गए। 32 बूथों पर शाम पांच बजे तक 9563 मत पड़े। अध्यक्ष पद के लिए चार प्रत्याशी मैदान में थे जबकि कार्यकारिणी सदस्यों के 21 पदों पर 64 प्रत्याशियों के भाग्य आजमा रहे थे। कायस्थ पाठशाला इंटर कॉलेज परिसर में सुबह आठ बजे वोटिंग शुरू हुई। शुरुआत से ही सुशील बढ़त बनाए रहे जो अंत तक कायम रही। बीच में राघवेंद्र का भी पलड़ा भारी नजर आया जो परिणाम आते आते कुछ मतों से पीछे हो गया। परिणाम आने के बाद सुशील के समर्थकों ने जमकर आतिशबाजी की।