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मानसून की दस्तक, रिमझिम बारिश से मौसम खुशगवार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 25 Jun 2015 01:35 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद मानसून ने दस्तक दे ही दी। बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ मानसून झारखंड, बिहार होते हुए गंगा के मैदान में पहुंच गया। इलाहाबाद एवं आसपास के इलाकों में बुधवार शाम रिमझिम बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक 4.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। अधिकतम पारा भी 38.8 डिग्री और न्यूनतम 28.0 डिग्री पर आ गया। वहीं आर्द्रता 85 फीसदी और न्यूनतम 42 फीसदी दर्ज की गई। शहरियों ने पहली बारिश का जमकर लुत्फ उठाया।
मौसम का मिजाज सुबह से ही बदला हुआ था। आसमान में घने बादल संकेत दे रहे थे कि बारिश हो सकती है। दिन भर पुरवइया हवा बही, जिसने पछुवा हवा को पीछे धकेल दिया। दूसरी ओर मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा का कहना है कि मानसून ने दस्तक दे दी है। बंगाल की खाड़ी से चलकर मानसून गंगा के मैदान में पहुंच चुका है। हालांकि, अभी दो-तीन इसकी सक्रियता कम है, लेकिन 27 जून से इसके पूरी तरह सक्रिय होने की उम्मीद है। मौसम विभाग के मुताबिक बृहस्पतिवार को तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है।
मानसून की पहली बारिश से शहर की तमाम सड़कों पर बने गड्ढों में पानी जमा हो गया, जिससे शहरियों का चलना फिरना दूभर हो गया। कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन भी फिसले जिससे कई लोग चुटहिल भी हुए।
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मौसम के बदले मिजाज और बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशियां बिखेर दी हैं। कृषि विज्ञानियों के मुताबिक बारिश का सबसे अधिक लाभ धान की नर्सरी को हुआ है। जिला कृषि अधिकारी अतींद्र सिंह का कहना है कि बारिश ने किसानों को काफी राहत दी है। इससे धान की नर्सरी को लाभ पहुंचेगा।
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मौसम का मिजाज सुबह से ही बदला हुआ था। आसमान में घने बादल संकेत दे रहे थे कि बारिश हो सकती है। दिन भर पुरवइया हवा बही, जिसने पछुवा हवा को पीछे धकेल दिया। दूसरी ओर मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्रा का कहना है कि मानसून ने दस्तक दे दी है। बंगाल की खाड़ी से चलकर मानसून गंगा के मैदान में पहुंच चुका है। हालांकि, अभी दो-तीन इसकी सक्रियता कम है, लेकिन 27 जून से इसके पूरी तरह सक्रिय होने की उम्मीद है। मौसम विभाग के मुताबिक बृहस्पतिवार को तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है।
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मानसून की पहली बारिश से शहर की तमाम सड़कों पर बने गड्ढों में पानी जमा हो गया, जिससे शहरियों का चलना फिरना दूभर हो गया। कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन भी फिसले जिससे कई लोग चुटहिल भी हुए।
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मौसम के बदले मिजाज और बारिश ने किसानों के चेहरों पर खुशियां बिखेर दी हैं। कृषि विज्ञानियों के मुताबिक बारिश का सबसे अधिक लाभ धान की नर्सरी को हुआ है। जिला कृषि अधिकारी अतींद्र सिंह का कहना है कि बारिश ने किसानों को काफी राहत दी है। इससे धान की नर्सरी को लाभ पहुंचेगा।