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खुशहाल पाकिस्तान भारत के हित में : काटजू
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 31 Jul 2015 01:57 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। भारतीय विदेश नीति पाकिस्तान के संबंध में वह नहीं हो सकती जो उसकी अन्य पड़ोसी देशों के साथ है। पाकिस्तान एक लालची एवं अविश्वासी देश है। दोनों के संबंधों को लेकर भारत एवं पाक के लोगों की भावनाएं भी जिम्मेदार हैं। यह बात पूर्व राजनयिक एवं अफगानिस्तान, म्यांमार तथा थाईलैंड में राजदूत रह चुके विवेक काटजू ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि विभाग में आयोजित व्याख्यान ने कही। व्याख्यानमाला का आयोजन इविवि एवं विदेश मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त प्रयास से किया गया।
उन्होंने भारतीय विदेश नीति के विविध पहलुओं पर विस्तार से बात रखते हुए कहा कि भारत एवं पाकिस्तान में अंर्तकलह आपसी मतभेदों का परिणाम है। इस कारण से भौगोलिक आकार और आर्थिक प्रगति में बाधा बनी रहती है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से शांत एवं समृद्ध पाकिस्तान की हमेशा कामना करता रहा है, जबकि पाकिस्तान ने हमेशा इसके उलट काम किया है। उन्होंने भारतीय विदेश नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि खुशहाल पाकिस्तान भारत के हित में है। अशांत पाकिस्तान खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि गुरुदासपुर में हमला पाकिस्तानी आतंकवाद की देन है।
पूर्व राजदूत विवेक काटजू ने कहा कि बिना किसी चमत्कार के भारत पाकिस्तान संबंध सुधरने वाले नहीं हैं। अफगानिस्तान से भारतीय विदेश नीति केसंबंध में काटजू ने कहा कि भारत से बेहतर संबंध के लिए अफगानिस्तान गंभीर नहीं है, किंतु भारत को अपना प्रयास जारी रखना चाहिए। उन्होने इजराइल और आईएसआईएस को लेकर भी विचार रखा। अध्यक्षता कुलपति प्रो. एनआर फारूकी ने की। इस मौके पर प्रो. बीपी सिंह, प्रो. मो. असलम, प्रो. आरके चौबे, प्रो. आरके सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रोफेसर मौजूद रहे।
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उन्होंने भारतीय विदेश नीति के विविध पहलुओं पर विस्तार से बात रखते हुए कहा कि भारत एवं पाकिस्तान में अंर्तकलह आपसी मतभेदों का परिणाम है। इस कारण से भौगोलिक आकार और आर्थिक प्रगति में बाधा बनी रहती है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से शांत एवं समृद्ध पाकिस्तान की हमेशा कामना करता रहा है, जबकि पाकिस्तान ने हमेशा इसके उलट काम किया है। उन्होंने भारतीय विदेश नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि खुशहाल पाकिस्तान भारत के हित में है। अशांत पाकिस्तान खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि गुरुदासपुर में हमला पाकिस्तानी आतंकवाद की देन है।
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पूर्व राजदूत विवेक काटजू ने कहा कि बिना किसी चमत्कार के भारत पाकिस्तान संबंध सुधरने वाले नहीं हैं। अफगानिस्तान से भारतीय विदेश नीति केसंबंध में काटजू ने कहा कि भारत से बेहतर संबंध के लिए अफगानिस्तान गंभीर नहीं है, किंतु भारत को अपना प्रयास जारी रखना चाहिए। उन्होने इजराइल और आईएसआईएस को लेकर भी विचार रखा। अध्यक्षता कुलपति प्रो. एनआर फारूकी ने की। इस मौके पर प्रो. बीपी सिंह, प्रो. मो. असलम, प्रो. आरके चौबे, प्रो. आरके सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रोफेसर मौजूद रहे।
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