खुल्दाबाद दोहरा हत्याकांड : मृतक भाजपा नेता भी नामजद, पुलिस ने कई लोगों को उठाया
लकड़मंडी में रंग डालने के विवाद में शनिवार को हुई फायरिंग में भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष दुर्गेश चौहान ओर पड़ोसी विनोद चौहान की हत्या हो गई थी। फायरिंग में विनोद की बहन रानी और मोहल्ले का ही चिंटू भी जख्मी हुआ, जिनका इलाज एसआरएन अस्पताल में चल रहा है।
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खुल्दाबाद लकड़मंडी में हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में मृतक विनोद चौहान (30) के परिजनों ने दूसरे पक्ष के मारे गए भाजपा नेता दुर्गेश चौहान पर भी नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। उसकी मां की ओर से तहरीर देकर केस दर्ज कराया गया है। इससे पहले भाजपा नेता के परिजनों ने विनोद समेत आठ पर नामजद केस दर्ज कराया था। हालांकि देर रात तक एक भी हत्यारोपी को पुलिस पकड़ नहीं सकी। अफसरों का कहना है कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
लकड़मंडी में रंग डालने के विवाद में शनिवार को हुई फायरिंग में भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष दुर्गेश चौहान ओर पड़ोसी विनोद चौहान की हत्या हो गई थी। फायरिंग में विनोद की बहन रानी और मोहल्ले का ही चिंटू भी जख्मी हुआ, जिनका इलाज एसआरएन अस्पताल में चल रहा है। देर रात दुर्गेश के परिजनों ने कुल आठ लोगों पर नामजद केस दर्ज कराया। इनमें मृतक विनोद के अलावा उसके परिवार के कुछ लोगों के साथ ही तीन अन्य के नाम भी शामिल हैं।
उधर, देर रात विनोद की मां ने हत्या का आरोप लगाते हुए मृतक भाजपा नेता दुर्गेश पर केस दर्ज कराया। सीओ कोतवाली सत्येंद्र प्रसाद तिवारी ने बताया कि जांच पड़ताल की जा रही है। मामले में जो भी लोग नामजद कराए गए हैं, उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है। विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तनाव को देखते हुए अलग-अलग अंतिम संस्कार
रविवार को दोनों शवों के पोस्टमार्टम के दौरान मर्चरी पर स्थिति तनावपूर्ण रही। मामला एक ही मोहल्ले का था ऐसे में वहां पहले ही भारी फोर्स तैनात कर दी गई थी। तनाव को देखते हुए पोस्टमार्टम में भी दो घंटे का अंतराल रखा गया। पहले भाजपा नेता का पोस्टमार्टम हुआ और करीब दो घंटे बाद दूसरे मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया।
अफसरों ने हालात को देखते हुए दोनों परिवारों से कहा कि वह एक ही घाट पर अंतिम संस्कार न कराएं। परिजनों ने इसे मानते हुए ऐसा ही किया। भाजपा नेता का अंतिम संस्कार जहां दारागंज घाट पर हुआ वहीं, दूसरे मृतक का अंतिम संस्कार रसूलाबाद घाट पर हुआ।