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दलित उत्पीड़न पर कठेरिया ने जताई चिंता
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 02 Jul 2018 12:28 AM IST
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रामशंकर कठेरिया
- फोटो : फाइल फोटो
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राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग के अध्यक्ष एवं आगरा के सांसद डा. रामशंकर कठेरिया ने दलित उत्पीड़न के मामलों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि दलित उत्पीड़न के मामले हर हाल में रुकने चाहिए। इलाहाबाद में विगत कुछ माह में जो भी मामले आए हैं, उसकी समीक्षा के लिए वे अगले माह यहां फिर से आएंगे। इस दौरान मंडल के चारों जिलों की समीक्षा करेंगे। डा. कठेरिया ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में एससी/एसटी के छात्रों को आरक्षण न दिए जाने का भी मुद्दा उठाया।
सर्किट हाउस में रविवार को संवाददाताओं से हुई बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि एएमयू और जामिया इस्लामिया खुद को अल्पसंख्यक संस्था मानती हैं। पिछली सरकार ने इसके लिए एक्ट में संशोधन किया था, लेकिन वर्ष 2016 में वह एक्ट वर्तमान केंद्र सरकार ने वापस ले लिया। ऐसे में इन दोनों ही संस्था में एससी/एसटी, ओबीसी छात्रों को रिजर्वेशन मिलना चाहिए। दोनों ही संस्थाएं ऐसे छात्रों का हक मार रही हैं। डा. कठेरिया ने बीते तीन माह के दौरान इलाहाबाद में हुई तीन हत्या, नौ दुराचार की घटनाओं का भी जिक्र किया। कहा कि यहां कुल 86 घटनाएं हुईं। इस दौरान 53 लाख का मुआवजा दिया गया। पिछले वर्ष कुल घटनाओं की संख्या 365 रही। इस दौरान 5.14 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए गए। डा. कठेरिया अंबेडकर छात्रावास चांदपुर सलोरी का निरीक्षण करने भी गए। वहां समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया कि वह डीएम से वार्ता कर छात्रावास में पुस्तकालय एवं भोजनालय की सुविधाएं मुहैया कराएं।
शाम को उन्होंने नेवादा राजापुर मलिन बस्ती का निरीक्षण किया। यहां स्थानीय लोग की समस्याएं सुन मौके पर मौजूद अफसरों से निस्तारण करने को कहा। कहा कि केंद्र सरकार ने दलितों और अति दलितों के हित में कई योजनाएं चला रही हैं। इस तबके को इसका लाभ जरूर मिलना चाहिए। इस दौरान स्थानीय विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, संजय गुप्ता, निर्मला पासवान, देवेंद्र नाथ मिश्र, श्याम हेला, श्याम सुंदर द्विवेदी, अनीता सचान, विशाल अग्रवाल, वसीम अहमद, प्रदीप यादव आदि मौजूद रहे। देर शाम डा. कठेरिया बाबा मौज गिरि आश्रम भी गए। वहां उन्होंने महंत हरि गिरि से मुलाकात की।
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सर्किट हाउस में रविवार को संवाददाताओं से हुई बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि एएमयू और जामिया इस्लामिया खुद को अल्पसंख्यक संस्था मानती हैं। पिछली सरकार ने इसके लिए एक्ट में संशोधन किया था, लेकिन वर्ष 2016 में वह एक्ट वर्तमान केंद्र सरकार ने वापस ले लिया। ऐसे में इन दोनों ही संस्था में एससी/एसटी, ओबीसी छात्रों को रिजर्वेशन मिलना चाहिए। दोनों ही संस्थाएं ऐसे छात्रों का हक मार रही हैं। डा. कठेरिया ने बीते तीन माह के दौरान इलाहाबाद में हुई तीन हत्या, नौ दुराचार की घटनाओं का भी जिक्र किया। कहा कि यहां कुल 86 घटनाएं हुईं। इस दौरान 53 लाख का मुआवजा दिया गया। पिछले वर्ष कुल घटनाओं की संख्या 365 रही। इस दौरान 5.14 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए गए। डा. कठेरिया अंबेडकर छात्रावास चांदपुर सलोरी का निरीक्षण करने भी गए। वहां समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया कि वह डीएम से वार्ता कर छात्रावास में पुस्तकालय एवं भोजनालय की सुविधाएं मुहैया कराएं।
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शाम को उन्होंने नेवादा राजापुर मलिन बस्ती का निरीक्षण किया। यहां स्थानीय लोग की समस्याएं सुन मौके पर मौजूद अफसरों से निस्तारण करने को कहा। कहा कि केंद्र सरकार ने दलितों और अति दलितों के हित में कई योजनाएं चला रही हैं। इस तबके को इसका लाभ जरूर मिलना चाहिए। इस दौरान स्थानीय विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, संजय गुप्ता, निर्मला पासवान, देवेंद्र नाथ मिश्र, श्याम हेला, श्याम सुंदर द्विवेदी, अनीता सचान, विशाल अग्रवाल, वसीम अहमद, प्रदीप यादव आदि मौजूद रहे। देर शाम डा. कठेरिया बाबा मौज गिरि आश्रम भी गए। वहां उन्होंने महंत हरि गिरि से मुलाकात की।
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