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कथक से व्यक्त हुए देवी के विविध रूप
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 17 Oct 2015 01:52 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। प्रयाग संगीत समिति और जयपुर कथक केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को संगीत समिति में हुए कथक समारोह ‘सृष्टि प्रवाह’ में जयपुर के कलाकारों ने अपने हुनर से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथक की मुद्राएं दर्शकों का मन मोहती रहीं।
समिति सचिव अरुण कुमार और कोषाध्यक्ष आदित्य नारायण की ओर से दीप जलाकार कार्यक्रम की शुरुआत के बाद डॉ.रेखा ठाकर और राज कुमार जबड़ा के निर्देशन में ‘आदि शक्ति मां दुर्गे के विविध रूपों का चित्रण एवं पंच तत्व’ का बेहतरीन प्रदर्शन कथक बैले के माध्यम से किया गया। पारंपरिक जयपुर घराने का कथक देवांशी दवे, औरवी शर्मा, शगुन शर्मा, कीर्ति शर्मा, चित्रांश तमर, रवींद्र राठौर, प्रेरणा, निकिता, तरुना ने समूह में प्रस्तुत किया।
रंगीला शंभू गौरा ने पधारो प्यारो पावड़ा गीत पर भवदीप जबड़ा और नव मात्रा में पारंपरिक कथक प्रस्तुत कर कलाकार चेतन जबड़ा ने खूब तालियां बटोरी। मुन्ना लाल भाट गायन, दिनेश खिच्च तबला, डॉ. प्रवीन भाट पखावज, उस्ताद अमीरुद्दीन खां सारंगी, हरिहर सरन सितार और गोविंद ने साइट रिदम पर संगत किया। समिति की ओर से सभी कलाकारों को नटराज की मूर्ति देकर सम्मानित किया गया। संचालन डॉ.मधुरानी शुक्ला ने किया। कार्यक्रम सहायक निदेशक देवेंद्र सिंह, शंकरी गुहा, नवीन चंद्र, अरुण कुमार जायसवाल, श्रवण कुमार भट्ट, विनय कुमार, सुनील मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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समिति सचिव अरुण कुमार और कोषाध्यक्ष आदित्य नारायण की ओर से दीप जलाकार कार्यक्रम की शुरुआत के बाद डॉ.रेखा ठाकर और राज कुमार जबड़ा के निर्देशन में ‘आदि शक्ति मां दुर्गे के विविध रूपों का चित्रण एवं पंच तत्व’ का बेहतरीन प्रदर्शन कथक बैले के माध्यम से किया गया। पारंपरिक जयपुर घराने का कथक देवांशी दवे, औरवी शर्मा, शगुन शर्मा, कीर्ति शर्मा, चित्रांश तमर, रवींद्र राठौर, प्रेरणा, निकिता, तरुना ने समूह में प्रस्तुत किया।
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रंगीला शंभू गौरा ने पधारो प्यारो पावड़ा गीत पर भवदीप जबड़ा और नव मात्रा में पारंपरिक कथक प्रस्तुत कर कलाकार चेतन जबड़ा ने खूब तालियां बटोरी। मुन्ना लाल भाट गायन, दिनेश खिच्च तबला, डॉ. प्रवीन भाट पखावज, उस्ताद अमीरुद्दीन खां सारंगी, हरिहर सरन सितार और गोविंद ने साइट रिदम पर संगत किया। समिति की ओर से सभी कलाकारों को नटराज की मूर्ति देकर सम्मानित किया गया। संचालन डॉ.मधुरानी शुक्ला ने किया। कार्यक्रम सहायक निदेशक देवेंद्र सिंह, शंकरी गुहा, नवीन चंद्र, अरुण कुमार जायसवाल, श्रवण कुमार भट्ट, विनय कुमार, सुनील मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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