{"_id":"60203f67d83a3a6fc0786e8e","slug":"kalpavasi-s-phone-calls-are-being-shunned-family-members-are-worried","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड की घटना को लेकर कल्पवासियों से फोन पर हाल पूछ रहे उनके परिजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड की घटना को लेकर कल्पवासियों से फोन पर हाल पूछ रहे उनके परिजन
Mon, 08 Feb 2021 12:58 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 08 Feb 2021 12:58 AM IST
विज्ञापन
prayagraj news
- फोटो : prayagraj
उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने की घटना की सूचना मिलने पर माघ मेला में कल्पवास कर रहे श्रद्धालुओं के शिविरों में घंटों मोबाइल फोन घनघनाते रहे। श्रद्धालुओं के परिजन लगातार उनका हालचाल पूछते रहे। इधर आपदा का असर संगम तक पहुंचने की आशंका से शिविरों में ठहरे कल्पवासियों में भी बेचैनी दिखी। लगभग 50 हजार कल्पवासियों, साधु-संतों को इस बात की चिंता सता रही है कि यदि गंगा में जलस्तर बढ़ा तो क्या होगा। शिविर हटेंगे तो कहां जाएंगे।
माघ मेला क्षेत्र में रविवार को दोपहर बाद से कल्पवासी हों या साधु-संत, सभी उत्तराखंड की आपदा से परेशान दिखे। गोरखपुर सहजनवा के भूषण उपाध्याय प्रयागवाल सभा के महामंत्री के शिविर में रहकर कल्पवास कर रहे हैं। उन्हें कुछ पता होता, इससे पहले उनके बेटे का फोन आ गया। हालचाल लिया और पापा को सुरक्षित घर ले जाने को कहा। वहीं संत कबीर नगर के राम मिलन यादव ने परिजनों को बताया कि हालात फिलहाल ठीक हैं, चिंता की जरूरत नहीं है। उधर जिगना मिजापुर के विनोद पाठक, संतकबीर नगर की हीरा देवी के परिजन भी परेशान रहे। बार-बार फोन कर पुरोहितों से मेला क्षेत्र के साथ गंगा में जल बढ़ने की दशा में क्या करेंगे, इस पर चर्चा कर संतुष्ट हुए। मेजा के हरिश्चंद्र, कौड़िहार के सजनलाल ने बताया कि 20 बरस हो गए, कुछ न हुआ, इस बार भी गंगा मैया सब ठीक ही करेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
माघ मेला क्षेत्र में रविवार को दोपहर बाद से कल्पवासी हों या साधु-संत, सभी उत्तराखंड की आपदा से परेशान दिखे। गोरखपुर सहजनवा के भूषण उपाध्याय प्रयागवाल सभा के महामंत्री के शिविर में रहकर कल्पवास कर रहे हैं। उन्हें कुछ पता होता, इससे पहले उनके बेटे का फोन आ गया। हालचाल लिया और पापा को सुरक्षित घर ले जाने को कहा। वहीं संत कबीर नगर के राम मिलन यादव ने परिजनों को बताया कि हालात फिलहाल ठीक हैं, चिंता की जरूरत नहीं है। उधर जिगना मिजापुर के विनोद पाठक, संतकबीर नगर की हीरा देवी के परिजन भी परेशान रहे। बार-बार फोन कर पुरोहितों से मेला क्षेत्र के साथ गंगा में जल बढ़ने की दशा में क्या करेंगे, इस पर चर्चा कर संतुष्ट हुए। मेजा के हरिश्चंद्र, कौड़िहार के सजनलाल ने बताया कि 20 बरस हो गए, कुछ न हुआ, इस बार भी गंगा मैया सब ठीक ही करेंगी।
विज्ञापन
कब आएगा पानी, क्या करेंगे लोग
शिविरों में रहने वाले कल्पवासियों का कहना था कि वे सजग हैं । कुछ हुआ तो सुरक्षित स्थान पर चले जाएंगे। लोग आपस में पूछताछ करते रहे कि कब आएगा पानी, मौनी का स्नान कर पाएंगे कि नहीं, कल्पवास कैसे पूरा होगा। तमाम चिंताओं के बीच लोग अब भगवान का सहारा बता रहे हैं। साधु-संतों ने कहा कि जल कितना बढ़ेगा इस पर सारी चीजें निर्भर हैं।
विज्ञापन