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काका के लिए नम रहीं शहरियों की आंखें

Fri, 31 Jul 2015 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 31 Jul 2015 01:45 AM IST
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Kaka was the moist eyes of urbanites
इलाहाबाद। काका कलाम की याद में बृहस्पतिवार को भी शहरियों की आंखें नम रहीं। विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि देने का सिलसिला जारी रहा। अल कौसर सोसायटी की ओर से सुभाष चौराहे पर मिसाइल मैन की छह फिट ऊंचे और तीन फीट चौड़े चित्र पर माल्यार्पण किया गया।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी पुनीत मिश्रा ने कहा कि आज इस महान शख्सियत को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए अत्यधिक वेदना महसूस हो रही है। संस्था अध्यक्ष नाजिया नफीस ने कहा कि लोग कहते हैं कि यूं तो चांद में दाग होता है, लेकिन धरती का ऐसा चांद हैं जो बेदाग है। अब्दुल कलाम के इस चित्र को राजकीय संप्रेक्षण गृह खुल्दाबाद में लोगों के दर्शनार्थ रखा जाएगा। श्रद्धांजलि देने वालों में राजकुमार सिंह चौहान, डॉ. विवेक श्रीवास्तव, विष्णु चंद, मो् आमिर, विभूति, असरार गांधी, कैसर कुरैशी, डॉ. राठी समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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आल इंडिया रिटायर्ड रेलवे मेंस फेडरेशन की ओर से मिसाइल मैन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। जोनल अध्यक्ष किशन सिंह ने कहा कि अब्दुल कलाम ने जीवन के अंतिम क्षणों तक कार्य कार्य करते रहने की मिसाल पेश की है। उनके निधन से अपूर्णनीय क्षति हुई है। सभा में कृष्ण कुमार,  आरके मेहता, दीपक वर्मा समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे। श्रृंगेरी मठ में हुई बैठक में नेहरू ग्राम भारती के कुलपति जेएन मिश्रा ने अब्दुल कलाम के कार्यों की सराहना की।
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पूर्व पार्षद राजेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री से ट्रिपल आईटी का नाम अब्दुल कलाम के नाम पर रखने की मांग की गई। बैठक में मधु चकहा, संतोष मिश्रा, बबली साहू, विनोद मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे। सद्भावना समिति की बैठक में डॉ. कलाम के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। बैठक में मुख्य अतिथि आरपी तिवारी, विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. बीएन सिंह, कार्यक्रम अध्यक्ष कवि कृष्णेश्वर डींगर और संयोजक पूर्व आईएएस श्रीराम यादव ने विचार व्यक्त किए। इस दौरान मौजूद कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से डॉ. कलाम को नमन किया।
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