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जस्टिस तरुण अग्रवाल को बार और बेंच ने दी विदाई
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 09 Feb 2018 01:36 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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मेघालय हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश नियुक्ति होने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल को बार और बेंच की ओर से भावभीनी विदाई दी गई। बृहस्पतिवार को मुख्य न्यायाधीश कक्ष में आयोजित फुलकोर्ट रेफरेंस में हाईकोर्ट के सभी न्यायमूर्तिगण और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अलावा न्यायिक अधिकारी एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे।
न्यायमूर्ति अग्रवाल 12 फरवरी को मेघालय में मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे। समारोह के दौरान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले ने जस्टिस अग्रवाल के योगदान को याद किया। इस मौके पर बार के अध्यक्ष आईके चतुर्वेदी, एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पीके जैन और अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने भी विचार व्यक्त किए। जस्टिस अग्रवाल ने हाईकोर्ट में बिताए दिनों को याद किया और कहा, ‘मेरा सौभाग्य है कि मैं इस हाईकोर्ट में जज बना’। समारोह में न्यायमूर्ति अग्रवाल की पत्नी स्मिता अग्रवाल भी उपस्थित थीं।
जस्टिस अग्रवाल का जन्म तीन मार्च 1956 को इलाहाबाद में हुआ। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ही उन्होंने स्नातक किया और लॉ की डिग्री 1983 में ली। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत शुरू की। सात जनवरी 2004 को वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज नियुक्त हुए। 2009 से 2012 तक उत्तराखंड हाईकोर्ट में जज और कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति रहे। 2012 में वह पुन: इलाहाबाद हाईकोर्ट आ गए। उन्होंने अब तक 30 हजार के करीब मुकदमे तय किए हैं। जस्टिस अग्रवाल पिता सतीश चंद्र अग्रवाल भी मुख्य न्यायाधीश रहे हैं तथा उनके बाबा सीबी अग्रवाल हाईकोर्ट के जज रहे हैं।
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न्यायमूर्ति अग्रवाल 12 फरवरी को मेघालय में मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ लेंगे। समारोह के दौरान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले ने जस्टिस अग्रवाल के योगदान को याद किया। इस मौके पर बार के अध्यक्ष आईके चतुर्वेदी, एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पीके जैन और अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने भी विचार व्यक्त किए। जस्टिस अग्रवाल ने हाईकोर्ट में बिताए दिनों को याद किया और कहा, ‘मेरा सौभाग्य है कि मैं इस हाईकोर्ट में जज बना’। समारोह में न्यायमूर्ति अग्रवाल की पत्नी स्मिता अग्रवाल भी उपस्थित थीं।
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जस्टिस अग्रवाल का जन्म तीन मार्च 1956 को इलाहाबाद में हुआ। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ही उन्होंने स्नातक किया और लॉ की डिग्री 1983 में ली। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत शुरू की। सात जनवरी 2004 को वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज नियुक्त हुए। 2009 से 2012 तक उत्तराखंड हाईकोर्ट में जज और कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति रहे। 2012 में वह पुन: इलाहाबाद हाईकोर्ट आ गए। उन्होंने अब तक 30 हजार के करीब मुकदमे तय किए हैं। जस्टिस अग्रवाल पिता सतीश चंद्र अग्रवाल भी मुख्य न्यायाधीश रहे हैं तथा उनके बाबा सीबी अग्रवाल हाईकोर्ट के जज रहे हैं।
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