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जवाहर पंडित हत्याकांड : उदयभान ने जेल से बाहर बिताए 15 महीने आठ दिन, कभी शादी तो कभी बीमारी पर मिली जमानत

Fri, 26 Jul 2024 01:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 26 Jul 2024 01:18 PM IST
सार

पूर्व भाजपा विधायक उदयभान करवरिया जनवरी 2014 से नैनी सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। राज्यपाल ने 19 जुलाई को समय पूर्व रिहा करने का आदेश जारी किया था। यह आदेश जिला प्रशासन की उस संस्तुति पर जारी किया था, जिसमें जेल में करवरिया का आचरण अच्छा बताया गया था।

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Jawahar Pandit massacre: Udaybhan spent 15 months and eight days out of jail
उदयभान करवरिया और नीलम करवरिया। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सपा विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे भाजपा के पूर्व विधायक उदयभान करवरिया को बृहस्पतिवार सुबह जेल से रिहा कर दिया गया है। जेल की रिपोर्ट में पता चला है कि करवरिया ने अपने आजीवन कारावास के दाैरान कुल 15 महीने आठ दिन जेल के बाहर बिताया है। इसमें 11 महीने 13 दिन जमानत और तीन महीने 25 दिन पैरोल पर रहा है।

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पूर्व भाजपा विधायक उदयभान करवरिया जनवरी 2014 से नैनी सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। राज्यपाल ने 19 जुलाई को समय पूर्व रिहा करने का आदेश जारी किया था। यह आदेश जिला प्रशासन की उस संस्तुति पर जारी किया था, जिसमें जेल में करवरिया का आचरण अच्छा बताया गया था। जेल अफसरों का कहना है कि इस दाैरान करवरिया को कुल पांच बार जेल से बाहर जाने की अनुमति मिली है। जेल से बाहर आने का अलग-अलग कारणों को बताया गया है।
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इसमें पहला कारण उसकी बेटी की शादी है, जिसमें वह एक महीने 25 दिन दिन बाहर रहा। इसके बाद भतीजी की शादी में 23 दिन, फिर पत्नी के उपचार के लिए दो महीने व अपने खुद के इलाज के लिए दस महीने 20 दिन जेल से बाहर रहा है। लेकिन, यह भी पता चला है कि जब-जब करवरिया को पैरोल पर जाने या फिर हाईकोर्ट से जमानत मिली है तो उसने तय तारीख पर ही जेल में वापसी की है।अच्छे आचरण वाले को मिलती है पैरोल
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जेल अफसरों का कहना है कि अच्छा आचरण करने वाले बंदियों को पैरोल का प्रविधान किया गया है। इसका उद्देश्य है कि बंदी अपने पारिवारिक जीवन के साथ निरंतरता बना सके। इसलिए समय-समय पर जेल में बंद बंदी को पैरोल पर छोड़ा जाता है, लेकिन अगर कोई बंदी तय तारीख पर नहीं आता है ताे उसे आगे पैराेल नहीं दी जाती है।

Jawahar Pandit massacre: Udaybhan spent 15 months and eight days out of jail
उदयभान करवरिया और नीलम करवरिया। - फोटो : अमर उजाला।

इन-इन तारीखों में मिली जमानत और पैरोल

1-बेटी की शादी के कारण उदयभान करवरिया ने 25 दिनों का पैरोल मांगी। 20 जनवरी 2020 से 15 फरवरी तक पैराेल देने का आदेश जारी हुआ और 21 जनवरी से वह जेल से बाहर आ गया। फिर 14 और 28 फरवरी को 15-15 दिनों की और पैरोल बढ़वाई गई। इस तरह कुल एक माह 25 दिन जेल के बाहर बिताया।

2-भतीजी की शादी के लिए हाईकोर्ट से 13 मई 2021 से पांच जून 2021 तक जमानत मिली। इस तरह कुल 23 दिन उदयभान करवरिया जेल से बाहर रहा।

3-पत्नी के उपचार के लिए करवरिया को पांच अक्तूबर 2021 से एक माह के लिए पैरोल दी गई। इसके बाद 16 नवंबर को एक महीने की और पैरोल दी गई। इस बीच करवरिया ने कुल दो माह जेल के बाहर बिताया।

4-करवरिया के स्वयं के उपचार के लिए हाईकोर्ट ने 18 अप्रैल 2022 से 18 जून 2022 तक जमानत दी। इसके बाद पुन: कोर्ट के आदेश पर 17 जून से पांच जुलाई तक जमानत मिल गई। इस तरह कुल दो माह 17 दिनों तक करवरिया ने जेल के बाहर रहा।
 

5-स्वयं के उपचार के लिए बार फिर करवरिया को हाईकोर्ट से आठ सितंबर 2022 से अगले 30 दिनाें के लिए जमानत मिल गई। पुन: न्यायालय के आदेश पर 29 सितंबर से 14 अक्तूबर तक जमानत मिली। वहीं, 12 अक्तूबर को न्यायालय ने आदेश दिया कि जिस दिन करवरिया को अस्पताल से छुट्टी मिलेगी, यह आदेश स्वतः समाप्त हो जाएगा। इस तरह कुल आठ माह तीन दिन जेल के बाहर रहने के बाद 12 मई 2023 को करवरिया जेल में पेश हो गया।

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