फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Javed Pump raised questions If the house was illegal then how did they keep taking tax for 20 years

जावेद पंप के परिजनों ने उठाए सवाल : घर अवैध था तो कैसे 20 सालों तक लेते रहे टैक्स

Thu, 23 Jun 2022 02:04 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 23 Jun 2022 02:04 AM IST
सार

इससे पहले भी घर गिराए जाने के बाद पत्नी परवीन फातिमा, बेटी आफरीन फातिमा, सुमैया व बेटे उमाम ने कार्रवाई को गलत बताया था। जबकि पीडीए अफसरों का कहना था कि कार्रवाई नियमसंगत तरीके से की गई।

विज्ञापन
Javed Pump raised questions If the house was illegal then how did they keep taking tax for 20 years
Prayagraj Violence - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अटाला बवाल के मुख्य आरोपी जावेद मोहम्मद का घर गिराए जाने की कार्रवाई को भले ही राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर सही ठहराया है। लेकिन उसके घरवालों ने सरकार के दावों को गलत बताया है। उनका कहना है कि अगर उनका घर अवैध व नियमविरुद्ध तरीके से बना था तो सरकार के अपने ही विभाग कैसे 20 सालों तक इस घर का टैक्स लेते रहे। परिजनों का कहना है कि फिलहाल उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। यही नहीं जरूरत पड़ने पर वह सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगे।

विज्ञापन



इससे पहले भी घर गिराए जाने के बाद पत्नी परवीन फातिमा, बेटी आफरीन फातिमा, सुमैया व बेटे उमाम ने कार्रवाई को गलत बताया था। जबकि पीडीए अफसरों का कहना था कि कार्रवाई नियमसंगत तरीके से की गई। इससे पहले दो बार जावेद मोहम्मद को नोटिस जारी किया गया। जिसका उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।

विज्ञापन

उधर हिंसक प्रदर्शनों के बाद प्रयागराज व कानपुर में हुई कार्रवाई पर सवाल उठाने वाली दो याचिकाओं पर भी सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि कार्रवाई कानून के अनुसार की गई। लेकिन जावेद के परिजनों ने सरकार के दावों को गलत बताया है। उनके परिजनों ने कहा कि जिला प्रशासन नक्शा न पास होने की बात करता है तो यह बताया जाए कि शहर में कितने मकानों का नक्शा पास है।


उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 90 प्रतिशत मकान ऐसे हैं जिनका निर्माण बिना नक्शा पास कराए किया गया है। परिजनों का यह भी कहना है कि उन्हें पूर्व में कोई नोटिस नहीं मिला। 10 जून को पहले जावेद और फिर उनकी पत्नी व बेटी को अवैध तरीके से हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद रात 11 बजे के करीब एक नोटिस घर पर चिपका दी गई। फिर अगले ही दिन मकान गिरा दिया गया।


उनका यह भी कहना है कि जो नोटिस मकान पर चिपकाया गया, वह जावेद मोहम्मद के नाम पर था। जबकि जमीन की रजिस्ट्री उनकी पत्नी परवीन फातिमा के नाम पर है। घरवालों का कहना है कि यह कार्रवाई नियमविरुद्ध तो है ही, यह असंवैधानिक भी है। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इंसाफ के लिए वह अंतिम दम तक लड़ाई लडेंगे।

कब क्या हुआ
10 जून- अटाला बवाल के बाद जावेद को हिरासत में लिया गया
12 जून- पीडीए ने बुलडोजर चलवाकर मकान गिराया
12 जून- अधिवक्ता मंच ने कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र याचिका भेजी
13 जून- पत्र याचिका पर संज्ञान लेने से इंकार, नियमित याचिका दाखिल करने का सुझाव
21जून- जावेद की पत्नी परवीन फातिमा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की


28 हजार मकानों को जारी हुआ है नोटिस
शहर में करीब 28 हजार मकान ऐसे हैं जिन्हें प्रयागराज विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस जारी हुआ है। इन मकानों का निर्माण नक्शा पास कराए बिना किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed