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जामताड़ा गैंग के दो मददगारों को जेल, जाली आधार-सिम बरामद
Wed, 23 Jun 2021 01:17 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 23 Jun 2021 01:17 AM IST
सार
- 83 हजार नगद, लैपटॉप के अलावा कई अन्य दस्तावेज भी मिले
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prayagraj news : करेली पुलिस के हत्थे चढे़ ठगी करने वाले शातिर बादमाश।
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
जामताड़ा के साइबर अपराध गैंग के प्रतापगढ़ निवासी दो मददगार धीरज पांडेय व राहुल पांडेय मंगलवार को जेल भेज दिए गए। दोनों के कब्जे से 83 हजार नगद के अलावा एक दर्जनजाली सिम कार्ड और आधा दर्जन आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। इसके अलावा अलग-अलग नंबरों के पैन कार्ड की छायाप्रतियों के साथ अन्य दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस का कहना है कि कुछ अन्य मददगारों के नाम भी सामने आए हैं जिनकी तलाश की जा रही है।
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जेल भेजे गए आरोपियों में धीरज पुत्र कृष्णकांत पांडेय फतनपुर थाना क्षेत्र स्थित भीट बिरौरा का पूरा का रहने वाला है। जबकि रोहित पुत्र हनुमान प्रसाद पांडेय रानीगंज थाना क्षेत्र के दरियापुर पॉवरहाउस के पास रहता है। पुलिस का दावा है कि सटीक सूचना पर दोनों को सोमवार शाम करेली के असगरी तिराहे के पास से गिरफ्तार किया गया था जिन्हें मंगलवार को जेल भेज दिया गया। इनके कब्जे से बरामद सिम कार्ड जाली दस्तावेजों के सहारे लिए गए थे। इसकेअलावा पेनड्राइव, कार्ड रीडर, एक लैपटॉप, सेंट्रल विजिलेंस कमीशन व बिजनेस कॉरेस्पांडेंट के नाम से जारी दो-दो प्रमाणपत्र भी मिले।
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- फोटो : demo pic
20 दिन में ही किया करोड़ों का वारा-न्यारा
जालसाली का यह खेल कितने बड़े पैमाने पर खेला जा रहा था, इसका पता इसी से चलता है कि महज 20 दिनों में ही गिरोह के लोगों ने करोड़ों रुपये का वारा-न्यारा कर दिया। पुलिस का दावा है कि इस बात का खुलासा जेल भेज गए दोनों आरोपियों से पूछताछ में हुआ है। उन्होंने बताया कि वह विभिन्न कंपिनियों के डिजिटल पेमेंट बैंक में लोगों का अकाउंट खोलवाते थे। इसके फर्जी दस्तावेजों के सहारे लिए गए सिम नंबर व ईमेल आईडी के जरिए संबंधित कंपनी के एप पर मनी वालेट अकाउंट क्रिएट कर यूजर आईडी व पासवर्ड जामताड़ा में बैठे अपने आकाओं को देते थे। जो इसके बाद पूरा खेल करते थे।अपराधियों ने कई राज्यों में फैला है जाल
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों से पूछताछ में इस बात का भी खुलासा हुआ कि फर्जीवाड़े करने वाले साइबर अपराधियों ने कई राज्यों में जाल फैला रखा है। ऐसे ही एक मामले में उन्होंने नागालैंड के एक व्यक्ति को आठ लाख रुपये का चूना लगाया था। इसी तरह प्रदेश के देवरिया से चार लाख, इटावा से 16 लाख व प्रतापगढ़ से दो लाख रुपये फर्र्जीवाड़ा कर अलग-अलग बैंक खातों से विभिन्न मनी वालेट अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे।50 हजार के लेनदेन पर दो हजार कमीशन
पुलिस के मुताबिक, धीरज व रोहित को फर्जीवाड़ा कर बैंक खातों से उड़ाई गई रकम पर कमीशन मिलता था। पूछताछ में उन्होंने बताया कि 50 हजार के प्रति लेनदेन पर उन्हें दो हजार रुपये बतौर कमीशन दिए जाते थे। इसके अलावा डिजिटल पेमेंट बैंक में खाता खोलवाने के लिए भी वह लोगों को रुपयों का लालच दिया करते थे।दोनों से पूछताछ में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं जो रुपयों का लालच देकर लोगों के फर्जी डिजिटल पेमेंट अकाउंट खोलवाते थे। उनकी तलाश में टीमें लगाई गई हैं। मास्टरमाइंड की तलाश में पुलिस टीम झारखंड भी भेजी जाएगी। -आशुतोष मिश्र, एसपी क्राइम