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जम्मू कश्मीर की डिग्री उत्तर प्रदेश में नियुक्ति के लिए मान्य, हाईकोर्ट ने कहा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा

Mon, 02 Nov 2020 06:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 02 Nov 2020 06:50 PM IST
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Jammu and Kashmir degree accepted for appointment in Uttar Pradesh, High Court said that Jammu and Kashmir is a part of India
Allahabad High Court
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। इसलिए इस राज्य की डिग्री या डिप्लोमा धारक को नियुक्ति देने से इस आधार पर मना नहीं किया जा सकता है कि यह एक अलग और विशेष दर्जा प्राप्त राज्य की डिग्री है और एनसीटीई के निर्देश इस पर लागू नहीं होते हैं। कोर्ट ने 68500 सहायक अध्यापक भर्ती के मामले में जम्मू कश्मीर से शिक्षक प्रशिक्षण की डिग्री लेने वाली याची सोनिया की नियुक्ति पर पुन: विचार करने का बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिया है। याचिका पर न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने सुनवाई की। 
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याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याची ने जम्मू एंड कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन से डिप्लोमा ने एलीमेंट्री टीचर्स ट्रेनिंग का कोर्स किया था। उसे 68500 सहायक अध्यापक भर्ती में 18 अप्रैल 2019 को बागपत में सहायक अध्यापक के पद नियुक्ति भी दे दी गई। मगर बाद में 23 मार्च 2020 को उसकी नियुक्ति यह कहते हुए रद्द कर दी गई कि याची ने जम्मू एंड कश्मीर राज्य से टीचर्स ट्रेनिंग का डिप्लोमा लिया है जो एक विशेष दर्जा प्राप्त राज्य है और वहां पर एनसीटीई एक्ट लागू नहीं होता है।
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अधिवक्ता ने पूर्व में भूपेंद्र नाथ त्रिपाठी व अन्य के मामले में इसी हाईकोर्ट द्वारा पारित निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के नागरिकों को इस आधार पर नहीं रोका जा सकता है कि एनसीटीई एक्ट उस राज्य में लागू नहीं होता है। अब अनुच्छेद 370 और 35 ए भी समाप्त हो चुके हैं। कोर्ट ने उपरोक्ता पूर्व निर्णय के आलोक में परिषद को याची की नियुक्ति पर चार सप्ताह में विचार करने का निर्देश दिया है।
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