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जैन मंदिरों में उमड़ा दशलक्षण पर्व का उल्लास
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 07 Sep 2016 02:08 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। आत्मशुद्धि का महापर्व दशलक्षण (पर्यूषण) मंगलवार को शुरू हुआ। शहर के जैन मंदिरों में विविध अनुष्ठान पूजन हुए। जैन समुदाय के लोगों ने घर और मंदिरों में श्रीजिन की विधिविधान से पूजा अर्चना की और दस दिनों तक आत्म अनुशासन का व्रत लिया। सांस्कृतिक संध्या में भजन कीर्तन की प्रस्तुतियों ने मंत्रमुग्ध किया।
जीरो रोड स्थित दिगंबर जैन मंदिर में पंडित कपिल, सुनील कुमार जैन के निर्देशन में श्रीजिन अभिषेक, शांतिधारा, पूजा अर्चना व आरती की गई। उसके बाद आचार्यों द्वारा दशलक्षण पर्व के दसों सोपान उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम शौच, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम अकिंचन और उत्तम ब्रह्मचर्य की आराधना का महत्व बताया।
आचार्य कपिल ने उत्तम क्षमा के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि क्षमा आत्मा का स्वभाव और पृथ्वी का नाम है। जिस प्रकार पृथ्वी तरह-तरह के बोझ सहन करती है, उसी प्रकार चाहे कितनी भी विषम परिस्थिति आए मन को स्थिर रखना चाहिए। क्रोध आत्मा का शत्रु है इसके वशीभूत प्राणी अपने आपको भी भूल जाता है जिससे सारे प्रयोजन नष्ट हो जाते हैं। सांस्कृतिक संध्या में भजन कीर्तन, धर्म पर आधारित प्रश्न मंच, शास्त्र प्रवचन, आरती हुई। इस अवसर पर पन्नालाल जैन, राहुल जैन, बाला जैन, राजेश कुमार जैन, आदि उपस्थित रहे। कर्नलगंज स्थित जैन मंदिर, जानकी प्रसाद दिगंबर जैन मंदिर, मुकुंदी लाल जैन मंदिर, बेनीगंज जैन मंदिर, ऋषभ देव तपस्थली अंदावा आदि में विविध अनुष्ठान पूजन हुए।
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जीरो रोड स्थित दिगंबर जैन मंदिर में पंडित कपिल, सुनील कुमार जैन के निर्देशन में श्रीजिन अभिषेक, शांतिधारा, पूजा अर्चना व आरती की गई। उसके बाद आचार्यों द्वारा दशलक्षण पर्व के दसों सोपान उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम शौच, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम अकिंचन और उत्तम ब्रह्मचर्य की आराधना का महत्व बताया।
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आचार्य कपिल ने उत्तम क्षमा के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि क्षमा आत्मा का स्वभाव और पृथ्वी का नाम है। जिस प्रकार पृथ्वी तरह-तरह के बोझ सहन करती है, उसी प्रकार चाहे कितनी भी विषम परिस्थिति आए मन को स्थिर रखना चाहिए। क्रोध आत्मा का शत्रु है इसके वशीभूत प्राणी अपने आपको भी भूल जाता है जिससे सारे प्रयोजन नष्ट हो जाते हैं। सांस्कृतिक संध्या में भजन कीर्तन, धर्म पर आधारित प्रश्न मंच, शास्त्र प्रवचन, आरती हुई। इस अवसर पर पन्नालाल जैन, राहुल जैन, बाला जैन, राजेश कुमार जैन, आदि उपस्थित रहे। कर्नलगंज स्थित जैन मंदिर, जानकी प्रसाद दिगंबर जैन मंदिर, मुकुंदी लाल जैन मंदिर, बेनीगंज जैन मंदिर, ऋषभ देव तपस्थली अंदावा आदि में विविध अनुष्ठान पूजन हुए।
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