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हाईकोर्ट के सामने से जरा बच के गुजरें
अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Tue, 29 Nov 2016 01:39 AM IST
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jaam
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पानी की टंकी पर हर दिन लगने वाले भीषण जाम ही आम आदमी के लिए अकेला सिर दर्द नहीं है। कानपुर रोड पर सौ मीटर आगे बढ़ते ही हाईकोर्ट की सीमा प्रारंभ हो जाती है। मीडिएशन सेंटर से लेकर हनुमान मंदिर चौराहे तक का फासला पार करना कोई हंसी खेल नहीं है। बमुश्किल तीन सौ मीटर का फासला तय करने में घंटा भर का वक्त भी लग सकता है। न्यायालय के आस-पास चारों ओर कारों और मोटर साइकिलों की पार्किंग होने से सड़क पर चलने के लिए सड़क पर महज कुछ फिट की जगह बचती है। उस पर अगर आमने-सामने से दो बड़े वाहन आ गए तो फिर जाम में फंसने से बचने का कोई रास्ता नहीं। हाईकोर्ट गेट संख्या चार के सामने ही महाधिवक्ता कार्यालय भी स्थित है। महाधिवक्ता कार्यालय और हाईकोर्ट के बीच कर्मचारियों, वकीलों और वादकारियों का भी दिन भर आना जाना लगा रहता है। हाईकोर्ट में हर रोज हजारों की संख्या में प्रदेश भर से वादकारी भी आते हैं। इसकी वजह से हाईकोर्ट के सामने से गुजरते वक्त वाहनों की गति धीमी ही रखनी होती है, यह भी जाम लगने की एक बड़ी वजह है।
स्कूलों की छुट्टी के वक्त यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है। नवाब युसूफ रोड पर सीवर का काम चलने की वजह से सारा दबाव कानपुर रोड़ पर आ जाता है। सिविल लाइंस और जानसेनगंज की ओर से आना वाला ट्रैफिक नवाब युसूफ रोड के बजाए कानपुर रोड होकर हाईकोर्ट के सामने से गुजरता है। दूसरी तरफ पानी की टंकी की तरफ से आने वाले वाहन भी नवाब युसूफ रोड पर जाने के बजाए कानपुर रोड हाईकोर्ट के सामने से जाते हैं दोनों तरफ से यातायात का दबाव कानपुर रोड पर आ जाता है। नतीजतन स्कूलों बच्चों और आम लोगों को यह फासला पार करने में घंटों जाम से जूझना होता है।
हाईकोर्ट के सामने पैदल यात्रियों के सड़क पार करने के लिए करीब एक दशक पहले अंडर पाथ बनाया गया था। इसका निर्माण इसलिए किया गया था ताकि पैदल हाईकोर्ट जाने वाले लोगों को सड़क पार करना पड़ने और वाहन सुचारू रूप से चलें मगर उपयोग न होने के कारण गत वर्ष इसे बंद कर दिया गया।
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हाईकोर्ट के सामने लगने वाले जाम की सबसे बड़ी वजह वाहनों की सड़क पर पार्किंग होना है। इस निजात पाने के प्रयास काफी समय से चल रहे हैं। प्रदेश सरकार ने हाल ही में मल्टी लेबल पार्किंग के लिए भूमि अधिग्रहण को हरी झंडी दे दी है। इसके अलावा पानी की टंकी चौराहे से लेकर राणा प्रताप चौराहेे के बीच फ्लाई ओवर भी प्रस्तावित है ताकि वाहनों को हाईकोर्ट के सामने से गुजरना ही न पड़े। मगर यह दोनों योजनाएं कब पूरी होंगी यह कोई भी नहीं जानता।
इलाहाबाद। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी का कहना है कि वकीलों के वाहनों की पार्किंग और जाम से निजात दिलाने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। पार्किंग और फ्लाई ओवर की योजना में काफी वक्त लगेगा। इस संबंध में जल्दी ही प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। योजना है कि हाईकोर्ट के सामने का यातायात पूरी तरह से बंद कर दिया जाए तथा दिन में सिर्फ स्कूली बच्चों के वाहन हाईकोर्ट के सामने से गुजरने की अनुमति दी जाए। दूसरा रास्ता यह हो सकता है कि ट्रैफिक वन-वे कर दी जाए। अर्थात वाहन नवाब युसूफ रोड और कानपुर रोड पर एक ही ओर से आएं और जाएं।
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स्कूलों की छुट्टी के वक्त यह स्थिति और भी भयावह हो जाती है। नवाब युसूफ रोड पर सीवर का काम चलने की वजह से सारा दबाव कानपुर रोड़ पर आ जाता है। सिविल लाइंस और जानसेनगंज की ओर से आना वाला ट्रैफिक नवाब युसूफ रोड के बजाए कानपुर रोड होकर हाईकोर्ट के सामने से गुजरता है। दूसरी तरफ पानी की टंकी की तरफ से आने वाले वाहन भी नवाब युसूफ रोड पर जाने के बजाए कानपुर रोड हाईकोर्ट के सामने से जाते हैं दोनों तरफ से यातायात का दबाव कानपुर रोड पर आ जाता है। नतीजतन स्कूलों बच्चों और आम लोगों को यह फासला पार करने में घंटों जाम से जूझना होता है।
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हाईकोर्ट के सामने पैदल यात्रियों के सड़क पार करने के लिए करीब एक दशक पहले अंडर पाथ बनाया गया था। इसका निर्माण इसलिए किया गया था ताकि पैदल हाईकोर्ट जाने वाले लोगों को सड़क पार करना पड़ने और वाहन सुचारू रूप से चलें मगर उपयोग न होने के कारण गत वर्ष इसे बंद कर दिया गया।
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हाईकोर्ट के सामने लगने वाले जाम की सबसे बड़ी वजह वाहनों की सड़क पर पार्किंग होना है। इस निजात पाने के प्रयास काफी समय से चल रहे हैं। प्रदेश सरकार ने हाल ही में मल्टी लेबल पार्किंग के लिए भूमि अधिग्रहण को हरी झंडी दे दी है। इसके अलावा पानी की टंकी चौराहे से लेकर राणा प्रताप चौराहेे के बीच फ्लाई ओवर भी प्रस्तावित है ताकि वाहनों को हाईकोर्ट के सामने से गुजरना ही न पड़े। मगर यह दोनों योजनाएं कब पूरी होंगी यह कोई भी नहीं जानता।
इलाहाबाद। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी का कहना है कि वकीलों के वाहनों की पार्किंग और जाम से निजात दिलाने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। पार्किंग और फ्लाई ओवर की योजना में काफी वक्त लगेगा। इस संबंध में जल्दी ही प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। योजना है कि हाईकोर्ट के सामने का यातायात पूरी तरह से बंद कर दिया जाए तथा दिन में सिर्फ स्कूली बच्चों के वाहन हाईकोर्ट के सामने से गुजरने की अनुमति दी जाए। दूसरा रास्ता यह हो सकता है कि ट्रैफिक वन-वे कर दी जाए। अर्थात वाहन नवाब युसूफ रोड और कानपुर रोड पर एक ही ओर से आएं और जाएं।