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घरेलू विवाद समाप्त होने के बाद मुकदमा चलाना अनुचित
Thu, 02 May 2019 12:45 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 02 May 2019 12:45 AM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि घरेलू विवाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद भी आपराधिक मुकदमा चलाए रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। सुप्रीमकोर्ट ने भी कहा है कि अपराध गंभीर और समाज पर प्रभाव डालने वाला नहीं हो और पक्षों में समझौता हो गया हो तो मुकदमे को जारी रखने का औचित्य नहीं है।
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कोर्ट ऐसे मामलों में अपनी अंतर्निहित शक्तियों का प्रयोग न्यायहित में कर सकती है। हाईकोर्ट ने झांसी की अदालत में विचाराधीन राज्य बनाम वरुण वाल्मीकि केस की कार्यवाही रद्द कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति केएन बाजपेयी ने बबीना झांसी के शंकर बाल्मीकि और अन्य की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।
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याची अधिवक्ता एके ओझा का कहना था कि आपराधिक मामले के दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है। इस आशय का हलफनामा भी कोर्ट में दाखिल किया गया है। इसके बावजूद मुकदमा समाप्त नहीं किया जा रहा है, जबकि दोनों पक्षों में केस समाप्त करने पर सहमति बन गई है, जिस पर यह याचिका दाखिल की गई थी।
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