फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   It is not right to cancel arms license on the basis of accidental incident, DM's order cancelled.

हाईकोर्ट ने कहा : आकस्मिक घटना के आधार पर शस्त्र लाइसेंस का आवेदन निरस्त करना सही नहीं, डीएम का आदेश रद्द

Wed, 18 Oct 2023 04:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 18 Oct 2023 04:02 PM IST
सार

शस्त्र लाइसेंस के आवेदन को डीएम ने यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि याची के साथ घटना आकस्मिक हुई है। इस आधार पर याची को शस्त्र लाइसेंस निर्गत नहीं किया जा सकता है। याची ने डीएम के आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी और मांग की उसे शस्त्र लाइसेंस निर्गत किया जाए।

विज्ञापन
It is not right to cancel arms license on the basis of accidental incident, DM's order cancelled.
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि किसी भी अपराध पीड़ित व्यक्ति को इस आधार पर शस्त्र लाइसेंस देने से इंकार नहीं किया जा सकता कि उसके साथ हुई आपराधिक घटना आकस्मिक थी। कोर्ट ने याची के शस्त्र लाइसेंस की मांग करने वाली याचिका को स्वीकार करते हुए गाज़ीपुर डीएम के आदेश को रद्द कर दिया और नए सिरे से याची के अभ्यावेदन पर विचार करने का आदेश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने गाजीपुर के याची आलोक कुमार सिंह की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है।

विज्ञापन


 मामले में याची कारोबारी है और कारोबार के सिलसिले में अक्सर कई जिलों में आना-जाना होता है। 27 सितंबर 2014 को याची से मोटरसाइकिल सवार ने मारपीट करते हुए एक लाख रुपये लूट लिए। याची ने इस बात की प्राथमिकी गाजीपुर के कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी। अपने खिलाफ हुई घटना को लेकर याची ने शस्त्र लाइसेंस की मांग की। पुलिस ने घटना को देखते हुए याची को शस्त्र लाइसेंस निर्गत करने की संस्तुति कर दी और फाइल को डीएम के पास भेज दिया, लेकिन डीएम ने यह कहते हुए शस्त्र लाइसेंस देने से मना कर दिया कि याची के साथ घटना आकस्मिक हुई है।
विज्ञापन


इस आधार पर याची को शस्त्र लाइसेंस निर्गत नहीं किया जा सकता है। याची ने डीएम के आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी और मांग की उसे शस्त्र लाइसेंस निर्गत किया जाए। याची के अधिवक्ता पंकज त्यागी, आकाश त्यागी ने तर्क दिया कि याची ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करता है और धन के साथ बैंकों में आना जाना होता है। इस वजह से जान और माल का खतरा बना रहता है। कोर्ट ने याची के तर्कों को स्वीकार करते हुए डीएम गाजीपुर को याची के प्रत्यावेदन पर नए सिरे से विचार करने का आदेश पारित किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed