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पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 08 Jun 2018 01:03 AM IST
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने बृहस्पतिवार को पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी कर दिया। एडमिट कार्ड जारी होने के बाद परीक्षा टलने को लेकर हो रही तमाम अटकों पर विराम लग गया है। परीक्षा 18 जून से छह जुलाई तक इलाहाबाद और लखनऊ के विभिन्न केंद्रों में आयोजित की जाएगी। मुख्य परीक्षा में 14032 अभ्यर्थियों को शामिल होना है। प्रवेश पत्र आयेाग की वेबसाइट ‘http://uppsc.up.nic.in’ पर अपलोड कर दिए गए हैं।
कई अभ्यर्थी पीसीएस मुख्य परीक्षा टालने की मांग कर रहे थे। इसके लिए मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन दिया गया था। ऐसे में परीक्षा के आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी लेकिन, आयोग ने बृहस्पतिवार को मुख्य परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी कर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया। परीक्षा अब तय समय पर ही होगी। हालांकि आयोग के सचिव जगदीश पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि परीक्षा किसी भी सूरत में नहीं टलेगी। पीसीएस मुख्य परीक्षा दो पालियों सुबह 9.30 से अपराह्नन 12.30 और अपराह्न दो से शाम पांच बजे तक आयोजित की जाएगी। केवल सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्नपत्र की अविध सुबह 9.30 से 11.30 बजे और सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्नपत्र की अवधि अपराह्न 2.30 से 4.30 बजे तक होगी।
सचिव का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्र जमा करने की चारों चरणों की प्रक्रिया निर्धारित तिथि तक पूरी कर ली है, उन्हें इस शर्त के साथ मुख्य परीक्षा में औपबंधिक रूप से शामिल होने की अनुमति दी गई है कि अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वे निर्धारित अर्हता पूरी कर रहे हैं। अगर किसी भी स्तर पर यह तथ्य प्रकाश में आता है कि अभ्यर्थी ने निर्धारित तिथि तक अर्हता एवं प्रक्रिया पूरी नहीं की है तो अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जाएगा। सचिव ने यह भी कहा है कि जिन अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र पर फोटो मुद्रित न हो, वे आईडी प्रूफ की मूल प्रति एवं दो छायाप्रति और पासपोर्ट साइज के दो फोटोग्राफ लेकर संबंधित केंद्र में उपस्थित हों, अन्यथा उन्हें परीक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
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पीसीएस मुख्य परीक्षा-2017 दो बार टल चुकी है। पहले यह परीक्षा 17 मार्च से प्रस्तावित थी। फिर इसे टालकर 17 मई से प्रस्तावित किया गया। इस बीच प्रश्नों के विचाद का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिलने के बाद आयोग ने 18 जून से परीक्षा आयोजित कराए जाने का निर्णय लिया।
छह माह पहले जारी हुआ था प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम
- पीसीएस-2017 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम इस साल 19 जनवरी को जारी किया गया था। 677 पदों के लिए हुई प्रारंभिक परीक्षा में कुल 14032 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था।
पीसीएस मुख्य परीक्षा में शामिल होने जा रहे 14032 अभ्यर्थियों में सभी का पहला लक्ष्य एसडीएम का पद होगा, सो स्पर्धा और कठिन होने जा रही है। कुल 677 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में एसडीएम के केवल 22 पद हैं जबकि सर्वाधिक 114 पद नायब तहसीलदार (एनटी) के हैं।
उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के 330 पदों पर जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को पीसीएस-जे के 330 पदों पर भर्ती के लिए अधिचायन भेज दिया है। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग पदों का अधिचायन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को भेजेगा और इसके बाद आयोग भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करेगा।
आयोग ने अपने पहले अर्धवार्षिक कैलेंडर में पीसीएस-जे परीक्षा का आयोजन 13 मई को प्रस्तावित किया था लेकिन, पदों का अधियाचन न आने के कारण परीक्षा टाल दी गई। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मोहम्मद फैज आलम ने प्रदेश के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक त्रिवेदी को 330 पदों का अधियाचन भेज दिया है। इनमें 89 पद अन्य पिछड़ा वर्ग, 69 पद अनुसूचित जाति और छह पद अनुसूचित जनजाति के हैं। पदों का अधियाचन नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के माध्यम से यूपीपीएससी को भेजा जाएगा। हालांकि आयोग ने जुलाई से दिसंबर की भर्ती परीक्षाओं का जो कैलेंडर जारी किया गया है, उसमें पीसीएस-जे का उल्लेख नहीं है। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग जैसे ही पदों का अधिचायन मिलेगा, विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा और निर्धारित समय अवधि में परीक्षा की तिथि भी घोषित कर दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के कैडर में 68 नई फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित की हैं। ऐसे में नियुक्ति एवं कार्मिक विभागों को भेजे गए 330 पदों के अधिचायन में फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए भी सिविज जज (जूनियर डिवीजन) के 68 पद शामिल हैं।
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कई अभ्यर्थी पीसीएस मुख्य परीक्षा टालने की मांग कर रहे थे। इसके लिए मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन दिया गया था। ऐसे में परीक्षा के आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी लेकिन, आयोग ने बृहस्पतिवार को मुख्य परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी कर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया। परीक्षा अब तय समय पर ही होगी। हालांकि आयोग के सचिव जगदीश पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि परीक्षा किसी भी सूरत में नहीं टलेगी। पीसीएस मुख्य परीक्षा दो पालियों सुबह 9.30 से अपराह्नन 12.30 और अपराह्न दो से शाम पांच बजे तक आयोजित की जाएगी। केवल सामान्य अध्ययन प्रथम प्रश्नपत्र की अविध सुबह 9.30 से 11.30 बजे और सामान्य अध्ययन द्वितीय प्रश्नपत्र की अवधि अपराह्न 2.30 से 4.30 बजे तक होगी।
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सचिव का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्र जमा करने की चारों चरणों की प्रक्रिया निर्धारित तिथि तक पूरी कर ली है, उन्हें इस शर्त के साथ मुख्य परीक्षा में औपबंधिक रूप से शामिल होने की अनुमति दी गई है कि अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वे निर्धारित अर्हता पूरी कर रहे हैं। अगर किसी भी स्तर पर यह तथ्य प्रकाश में आता है कि अभ्यर्थी ने निर्धारित तिथि तक अर्हता एवं प्रक्रिया पूरी नहीं की है तो अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जाएगा। सचिव ने यह भी कहा है कि जिन अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र पर फोटो मुद्रित न हो, वे आईडी प्रूफ की मूल प्रति एवं दो छायाप्रति और पासपोर्ट साइज के दो फोटोग्राफ लेकर संबंधित केंद्र में उपस्थित हों, अन्यथा उन्हें परीक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
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पीसीएस मुख्य परीक्षा-2017 दो बार टल चुकी है। पहले यह परीक्षा 17 मार्च से प्रस्तावित थी। फिर इसे टालकर 17 मई से प्रस्तावित किया गया। इस बीच प्रश्नों के विचाद का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिलने के बाद आयोग ने 18 जून से परीक्षा आयोजित कराए जाने का निर्णय लिया।
छह माह पहले जारी हुआ था प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम
- पीसीएस-2017 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम इस साल 19 जनवरी को जारी किया गया था। 677 पदों के लिए हुई प्रारंभिक परीक्षा में कुल 14032 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था।
पीसीएस मुख्य परीक्षा में शामिल होने जा रहे 14032 अभ्यर्थियों में सभी का पहला लक्ष्य एसडीएम का पद होगा, सो स्पर्धा और कठिन होने जा रही है। कुल 677 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में एसडीएम के केवल 22 पद हैं जबकि सर्वाधिक 114 पद नायब तहसीलदार (एनटी) के हैं।
उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के 330 पदों पर जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग को पीसीएस-जे के 330 पदों पर भर्ती के लिए अधिचायन भेज दिया है। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग पदों का अधिचायन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को भेजेगा और इसके बाद आयोग भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करेगा।
आयोग ने अपने पहले अर्धवार्षिक कैलेंडर में पीसीएस-जे परीक्षा का आयोजन 13 मई को प्रस्तावित किया था लेकिन, पदों का अधियाचन न आने के कारण परीक्षा टाल दी गई। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मोहम्मद फैज आलम ने प्रदेश के नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक त्रिवेदी को 330 पदों का अधियाचन भेज दिया है। इनमें 89 पद अन्य पिछड़ा वर्ग, 69 पद अनुसूचित जाति और छह पद अनुसूचित जनजाति के हैं। पदों का अधियाचन नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग के माध्यम से यूपीपीएससी को भेजा जाएगा। हालांकि आयोग ने जुलाई से दिसंबर की भर्ती परीक्षाओं का जो कैलेंडर जारी किया गया है, उसमें पीसीएस-जे का उल्लेख नहीं है। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग जैसे ही पदों का अधिचायन मिलेगा, विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा और निर्धारित समय अवधि में परीक्षा की तिथि भी घोषित कर दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के कैडर में 68 नई फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित की हैं। ऐसे में नियुक्ति एवं कार्मिक विभागों को भेजे गए 330 पदों के अधिचायन में फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए भी सिविज जज (जूनियर डिवीजन) के 68 पद शामिल हैं।