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Prayagraj : डॉक्टर कार्तिकेय मर्डर केस की विवेचना एसआईटी के हवाले, तीन सदस्यीय टीम गठित की गई

Thu, 07 Nov 2024 04:57 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 07 Nov 2024 04:57 AM IST
सार

मूल रूप से हरिद्वार के कोटद्वार जिला के रहने वाले डॉ. कार्तिकेय मेडिकल कॉलेज में जूनियर रेजीडेंट थे। 28 सितंबर की रात नौ बजे एसआरएन अस्पताल की स्टाफ पार्किंग में अपनी कार के भीतर संदिग्ध हाल में मृत मिले थे। पुलिस ने इसे प्रथमदृष्टया खुदकुशी का मामला बताया लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से दम घुटने की बात सामने आई।

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Investigation of Dr. Karthikeya murder case handed over to SIT, three-member team formed
डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर कार्तिकेय श्रीवास्तव(27) की हत्या के केस की विवेचना अब स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम(एसआईटी) करेगी। इसके लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। इसमें दो थाना प्रभारी व एक चौकी प्रभारी को शामिल किया गया है। विवेचना का पर्यवेक्षण एसीपी सिविल लाइंस करेंगे।

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मूल रूप से हरिद्वार के कोटद्वार जिला के रहने वाले डॉ. कार्तिकेय मेडिकल कॉलेज में जूनियर रेजीडेंट थे। 28 सितंबर की रात नौ बजे एसआरएन अस्पताल की स्टाफ पार्किंग में अपनी कार के भीतर संदिग्ध हाल में मृत मिले थे। पुलिस ने इसे प्रथमदृष्टया खुदकुशी का मामला बताया लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से दम घुटने की बात सामने आई।तीसरे दिन बहन अंजलि श्रीवास्तव ने शक के आधार पर मेडिकल कॉलेज के ही एसोसिएट प्रोफेसर सचिन यादव, जूनियर रेजीडेंट शिवम गुप्ता व अनामिका पर हत्या का केस दर्ज कराया था। तब से लेकर एक महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है लेकिन अब तक सच्चाई सामने नहीं आ सकी है।

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उधर परिजनों की ओर से आला अफसरों से मुलाकात कर विवेचना निष्पक्ष तरीके से कराए जाने की मांग लगातार की जा रही थी। इसी को देखते हुए पुलिस अफसरों ने मुकदमे की विवेचना एसआईटी से कराने का निर्णय लिया। साथ ही टीम भी गठित कर दी।

अब तक इस मामले की विवेचना कोतवाली थाना प्रभारी रोहित तिवारी कर रहे थे। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी के गठन के बाद विवेचना ट्रांसफर करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जल्द ही एसआईटी को एफआईआर की कॉपी के साथ ही अब तक कि विवेचना से जुटाए गए साक्ष्य आदि सौंपे जाएंगे। डीसीपी नगर अभिषेक भारती ने बताया कि परिजनों की मांग पर विवेचना एसआईटी से कराए जाने का निर्णय लिया गया है। एसआईटी गठित कर दी गई है। टीम जल्द ही विवेचना अपने हाथों में लेगी।

मौजूदा विवेचक से संतुष्ट नहीं परिजन

पुलिस सूत्रों का कहना है कि विवेचना एसआईटी से कराए जाने की वजह परिजनों का मौजूदा विवेचक से संतुष्ट न रहना रहा। उन्होंने अफसरों से मुलाकात की और बार-बार मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग कर रहे थे। इस बारे में मुकदमा वादी डॉक्टर कार्तिकेय की बहन अंजलि श्रीवास्तव ने सिर्फ इतना बताया कि उन्होंने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर निष्पक्ष तरीके से विवेचना कराए जाने का आग्रह किया था। संभवत: इसी को लेकर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ इतना चाहती हैं कि उनके भाई को न्याय मिले।

आरोपियों, साथी व पीएम करने वाले डॉक्टरों का हो चुका है बयानइस मामले में अब तक तीनों आरोपियों के अलावा डॉक्टर कार्तिकेय के साथियों व पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों का बयान पुलिस दर्ज कर चुकी है। उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी स्टेट मेडिको लीगल सेल को भेजी जा चुकी है। उधर इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी आंतरिक जांच करा चुका है।

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