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Prayagraj News: पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति पर अनर्गल आरोप लगाए जाने के मामले की जांच शुरू
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इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता के नाम से पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति व अन्य न्यायमूर्ति पर अनर्गल आरोप लगाते हुए पत्र भेजने के मामले की जांच शुरू हो गई है। मामले में सबसे पहले वादी अधिवक्ता का बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
एक दिन पहले अधिवक्ता विवेक कुमार सिंह ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी । उनकी तहरीर पर कर्नलगंज थाने में अज्ञात पर धोखाधड़ी व आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। उन्होंने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया है कि वह उच्च न्यायालय में विगत 24 वर्षों से अधिक से अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं। उनके संज्ञान में व्हाट्सएप के माध्यम से एक लेख आया, जिसमें उच्च न्यायालय के अधिवक्ता विवेक सिंह द्वारा पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति के विरुद्ध अनर्गल शिकायत/ आरोपों का जिक्र किया गया है।
चूंकि उच्च न्यायालय में विवेक सिंह नाम के अन्य कई अधिवक्ता हैं, इसलिए उन्होंने उस लेख पर कोई ध्यान नहीं दिया।आठ दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई जिसे रिसीव करने पर एक व्यक्ति ने खुद को प्रेस कॉरेस्पॉन्डेंट बताया। कहा कि उसे एक पत्र मिला है जिस पर विवेक सिंह अधिवक्ता का नाम व उनका मोबाइल नंबर लिखा है। उस पत्र द्वारा माननीय पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति एवं अन्य न्यायमूर्ति तथा कुछ अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध आरोप लगाते हुए इसे मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया है। अधिवक्ता के मुताबिक, इस पर उन्हाेंने उसे जवाब दिया कि उन्होंने किसी भी प्रकार का शिकायती पत्र नहीं लिखा है। उपरोक्त लिखित पत्र पूर्णतः फर्जी है। पुलिस को दी गई तहरीर में अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि उक्त पत्र पर मेरे नाम व मोबाइल नंबर का फर्जी तरीके से प्रयोग किया गया है। कर्नलगंज थाना प्रभारी बृजेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
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एक दिन पहले अधिवक्ता विवेक कुमार सिंह ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी । उनकी तहरीर पर कर्नलगंज थाने में अज्ञात पर धोखाधड़ी व आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। उन्होंने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया है कि वह उच्च न्यायालय में विगत 24 वर्षों से अधिक से अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं। उनके संज्ञान में व्हाट्सएप के माध्यम से एक लेख आया, जिसमें उच्च न्यायालय के अधिवक्ता विवेक सिंह द्वारा पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति के विरुद्ध अनर्गल शिकायत/ आरोपों का जिक्र किया गया है।
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चूंकि उच्च न्यायालय में विवेक सिंह नाम के अन्य कई अधिवक्ता हैं, इसलिए उन्होंने उस लेख पर कोई ध्यान नहीं दिया।आठ दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई जिसे रिसीव करने पर एक व्यक्ति ने खुद को प्रेस कॉरेस्पॉन्डेंट बताया। कहा कि उसे एक पत्र मिला है जिस पर विवेक सिंह अधिवक्ता का नाम व उनका मोबाइल नंबर लिखा है। उस पत्र द्वारा माननीय पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति एवं अन्य न्यायमूर्ति तथा कुछ अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध आरोप लगाते हुए इसे मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया है। अधिवक्ता के मुताबिक, इस पर उन्हाेंने उसे जवाब दिया कि उन्होंने किसी भी प्रकार का शिकायती पत्र नहीं लिखा है। उपरोक्त लिखित पत्र पूर्णतः फर्जी है। पुलिस को दी गई तहरीर में अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि उक्त पत्र पर मेरे नाम व मोबाइल नंबर का फर्जी तरीके से प्रयोग किया गया है। कर्नलगंज थाना प्रभारी बृजेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
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