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इलाहाबाद विवि में इंटरव्यू शुरू, सितंबर में नए कुलपति के आने की उम्मीद
Sat, 22 Aug 2020 01:28 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 22 Aug 2020 01:28 AM IST
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Allahabad University
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में स्थायी कुलपति की नियुक्ति के लिए शुक्रवार से इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू हो गई। इसमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय समेत प्रयागराज से कुल छह शिक्षकों को भी शामिल होना है। उम्मीद जताई जा रही है कि सितंबर में विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की नियुक्ति कर दी जाएगी।
इविवि के स्थायी कुलपति पद के लिए देश भर से तकरीबन चार सौ शिक्षकों ने आवेदन किए थे। तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद इनमें से 15 नाम छांटकर अलग कर लिए थे। अब इन 15 शिक्षकों के इंटरव्यू होने है। इंटरव्यू की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई है।
प्रयागराज से जिन शिक्षकों ने आवेदन किए हैं,ख्उनका साक्षात्कार आखिरी दिन यानी 25 अगस्त को होगा। इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन से पांच नाम शिक्षा मंत्रालय को भेजे जाएंगे और शिक्षा मंत्रालय ने नामों को इविवि के विजिटर यानी राष्ट्रपति के पास भेज देगा। राष्ट्रपति इनमें से किसी एक नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे।
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हॉस्टल में नहीं मिला प्रवेश तो धरने पर बैठ गए छात्र
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सितंबर में अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं प्रस्तावित है। हालांकि इसकी आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं की गई, लेकिन हॉस्टल के छात्र अपने घरों से लौटने लगे हैं। पीसीबी हॉस्टल में लौटे कुछ छात्रों को शुक्रवार को भी हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इस पर छात्र डीएसडब्ल्यू कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। छात्रों ने कहा कि जब हॉस्टल में प्रवेश नहीं मिलेगा, वे धरने पर बैठे रहेंगे, क्योंकि उनके पास कोई विकल्प नहीं है।
उधर, इविवि प्रशासन छात्रों को हॉस्टल में प्रवेश के लिए अनुमति देने को तैयार नहीं है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय स्पष्ट कर चुके हैं कि लॉक डाउन में जो छात्र अपने घरों को लौट गए थे, उन्हें अभी नहीं बुलाया गया है। तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के बीच छात्रों को बिना अनुमति हॉस्टल में लौटने की जरूरत नहीं थी। इस मसले पर छात्र नेताओं ने इविवि प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्रों के लिए हॉस्टल खोले जाने के साथ महिला छात्रावास परिसर में आवागमन को लेकर लगा प्रतिबंध भी हटाए जाने की मांग की जा रही है। धरने में शोध छात्रा नेहा यादव, छात्र नेता जितेंद्र धनराज, सत्यम कुशवाहा, सुनील यादव, अभिषेक द्विवेदी, हरेंद्र यादव, धनंजय कुशवाहा, विजय, सत्यम साह, वीर कुमार, अनीश यादव, धनंजय कुशवाहा आदि शामिल रहे।
सीएमपी में ऑनलाइन कक्षाओं के प्रशिक्षित हुए शिक्षक
प्रयागराज। सीएमपी डिग्री कॉलेज में शुक्रवार को पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का समापन हुआ। यह कार्यक्रम शिक्षकों को ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन और उनके लिए आवश्यक ओपन रिसोर्सेज एवं टूल्स के प्रबंधन का प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इसमें 100 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। समापन सत्र के मुख्य अतिथि टीचिंग लर्निंग सेंटर आईआईटी, बीएचयू के चेयरपर्सन प्रो. प्रशांत शुक्ला रहे। अध्यक्ष सीएमपी के प्राचार्य डॉ. बृजेश कुमार, अतिथियों का स्वागत डॉ. मनीषा कुमार सिन्हा, संचालन डॉ. गोविंद गौरव एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सरिता श्रीवास्तव ने किया।
इविवि के कुलपति ने किया वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने शुक्रवार को इविवि की वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन किया। यह विश्वविद्यालय की वर्ष भर की गतिविधियों का दस्तावेज है। कुलपति ने विश्वविद्यालय परिवार को कोरोना महामारी के दौरान निरंतर कार्य करते रहने पर संतोष व्यक्त किया और अपेक्षा की कि आगामी वर्ष में विश्वविद्यालय और अधिक परिश्रम के साथ नई उपलब्धियां अर्जित करेगा। वहीं, एक अन्य कार्यक्रम में कुलपति ने कोरोना काल में निरंतर कार्य करने वाले कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया। उन्हें विश्वविद्यालय की ओर से पीपीई किट का वितरण भी किया गया।
क्रमिक अनशन को एक माह पूरा
प्रयागराज। परीक्षाओं के विरोध में पांच सूत्रीय मांगों को लेकर छात्रसंघ भवन के सामने समाजवादी छात्रसभा के बैनर तले क्रमिक अनशन कर रहे छात्रों के आंदोलन को शुक्रवार को एक माह पूरा हो गया। इस मौके छात्रों ने अपने आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाई। छात्र नेता अजय सम्राट ने कहा कि हॉस्टल छात्रों को दूसरा घर है। जिस तरह पीसीबी हॉस्टल में छात्रों को प्रवेश नहीं करने दिया गया, वह निंदनीय है। अनशन में आयुष प्रियदर्शी, राहुल पटेल, नवनीत यादव, सुनील पटेल, मोहम्मद सलमान, रोहित सावन आदि शामिल रहे।
प्रोन्नति नहीं हुई तो न्यायालय जाएंगे इविवि कर्मी
प्रगयाराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की प्रोन्नति लंबे समय से अटकी पड़ी है। इस मसले पर मिनिस्टीरियल एंड टेक्निकल स्टाफ यूनियन के पूर्व महामंत्री ओपी गुप्ता ने कुलपति कार्यालय में ज्ञापन देते हुए कहा है कि प्रोन्नति न होने के कारण कर्मचारियों को भारी अर्थिक क्षति हो रही है और कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं। अगर कर्मचारियों के प्रमोशन पर शीघ्र कोई निर्णय नहीं लिया गया तो कर्मचारी न्यायालय की शरण में जाएंगे।
परीक्षाओं के आयोजन पर आइसा का विरोध
प्रयागराज। कोविड-19 के दौरान देश भर में नीट-जेईई, एनडीए, क्लैट, यूजीसी नेट एवं अन्य परीक्षाओं का आयोजन कराए जाने के निर्णय के विरोध में आइसा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना विरोध दर्ज कराया है। आइसा के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश कुमार का कहना है कि इन परीक्षाओं में लाखों अभ्यर्थियों को शामिल होना है, जबकि देशभर में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में परीक्षाएं स्थगित की जानी चाहिए।
इविवि में प्रवेश के लिए एक लाख 20 हजार आवेदन
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक कॉलेजों में प्रवेश के लिए शुक्रवार शाम तक 230802 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराए और इनमें से 120271 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन शुल्क जमा करते हुए आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली। स्नातक में प्रवेश के लिए 65691, परास्नातक के लिए 17904, आईपीएस के विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए 2157, बीएएलएलबी के लिए 7673, एलएलबी के लिए 13647, बीएड के लिए 4546, एमएड के लिए 1106, एमबीए/एमबीएआरडी के लिए 1443, एलएलएम के लिए 3449 एवं क्रेट के लिए 2655 आवेदन हुए हैं।
नई शिक्षा नीति पर हर कॉलेज में होगी वर्कशॉप
नई शिक्षा नीति पर प्रदेश के सभी राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में वेबिनार/वर्कशॉप/वर्चुअल कांफ्रेंस का आयोजन कराया जाएगा। इस बाबत उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। साथ ही आयोजन के लिए विषय भी बताए हैं।
निदेशालय की ओर से वेबिनार/वर्कशॉप/वर्चुअल कांफ्रेंस के आयोजन के लिए 25 विषयों के प्रस्ताव रखे गए हैं। महाविद्यालयों को इनमें से किसी एक विषय पर आयोजन कराना होगा। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वेबिनार/वर्कशॉप/वर्चुअल कांफ्रेंस के आयोजन की तिथि पांच सितंबर तक निर्धारित करते हुए संकलित सूचना 21 अगस्त तक अपराह्न एक बे तक निदेशालय को ईमेल के माध्यम से उपलब्ध करा दी जाए। साथ ही निर्धारित तिथि एवं विषय पर वेबिनार/वर्कशॉप/वर्चुअल कांफ्रेंस का आयोजन कराते हुए प्राप्त निष्कर्षों को संक्षित एवं सारगर्भित रूप से सारांश 10 सितंबर तक अपने क्षेत्र के तहत आने वाले महाविद्यालयों से प्राप्त कर संकलित रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
मुविवि में अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आठ सितंबर में
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विवि ने शुक्रवार को स्नातक, परास्नातक अंतिम वर्ष और सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा एवं पीजी डिप्लोमा की परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया। परीक्षाएं आठ सितंबर से नौ अक्तूबर तक आयोजित की जाएगी। सर्टिफिकेट कोर्स की परीक्षाएं एक सप्ताह के भीतर पूरी कराई जाएंगी।
मुविवि की वेबसाइट पर जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार स्नातक एवं परास्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं दो पालियों और सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा एवं पीजी डिप्लोमा की परीक्षाएं तीन पालियों में आयोजित की जाएंगी। प्रथम पाली में सर्टिफिकेट, द्वितीय पाली में डिप्लोमा और तृतीय पाली में पीजी डिप्लोाम की परीक्षा होगी।
सर्टिफिकेट, डिप्लोमा एवं पीजी डिप्लोमा की परीक्षाएं आठ सितंबर से शुरू हो जाएंगे, जबकि बीए एवं बीकॉम अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आठ सितंबर से होंगी। गौरतलब है कि मुविवि प्रशासन स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष और परास्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों को पहले ही अगले कक्षा में प्रमोट करने का आदेश जारी कर चुका है, जिन छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट किया गया है। उन्हें उस कक्षा की परीक्षा में जो अंक मिलेंगे, वही पिछली कक्षा के लिए भी मान्य होंगे और इसी आधार पर उनकी मार्कशीट तैयार की जाएगी।
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इविवि के स्थायी कुलपति पद के लिए देश भर से तकरीबन चार सौ शिक्षकों ने आवेदन किए थे। तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद इनमें से 15 नाम छांटकर अलग कर लिए थे। अब इन 15 शिक्षकों के इंटरव्यू होने है। इंटरव्यू की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई है।
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प्रयागराज से जिन शिक्षकों ने आवेदन किए हैं,ख्उनका साक्षात्कार आखिरी दिन यानी 25 अगस्त को होगा। इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन से पांच नाम शिक्षा मंत्रालय को भेजे जाएंगे और शिक्षा मंत्रालय ने नामों को इविवि के विजिटर यानी राष्ट्रपति के पास भेज देगा। राष्ट्रपति इनमें से किसी एक नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे।
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हॉस्टल में नहीं मिला प्रवेश तो धरने पर बैठ गए छात्र
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सितंबर में अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं प्रस्तावित है। हालांकि इसकी आधिकारिक रूप से घोषणा नहीं की गई, लेकिन हॉस्टल के छात्र अपने घरों से लौटने लगे हैं। पीसीबी हॉस्टल में लौटे कुछ छात्रों को शुक्रवार को भी हॉस्टल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इस पर छात्र डीएसडब्ल्यू कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। छात्रों ने कहा कि जब हॉस्टल में प्रवेश नहीं मिलेगा, वे धरने पर बैठे रहेंगे, क्योंकि उनके पास कोई विकल्प नहीं है।
उधर, इविवि प्रशासन छात्रों को हॉस्टल में प्रवेश के लिए अनुमति देने को तैयार नहीं है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरके उपाध्याय स्पष्ट कर चुके हैं कि लॉक डाउन में जो छात्र अपने घरों को लौट गए थे, उन्हें अभी नहीं बुलाया गया है। तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के बीच छात्रों को बिना अनुमति हॉस्टल में लौटने की जरूरत नहीं थी। इस मसले पर छात्र नेताओं ने इविवि प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्रों के लिए हॉस्टल खोले जाने के साथ महिला छात्रावास परिसर में आवागमन को लेकर लगा प्रतिबंध भी हटाए जाने की मांग की जा रही है। धरने में शोध छात्रा नेहा यादव, छात्र नेता जितेंद्र धनराज, सत्यम कुशवाहा, सुनील यादव, अभिषेक द्विवेदी, हरेंद्र यादव, धनंजय कुशवाहा, विजय, सत्यम साह, वीर कुमार, अनीश यादव, धनंजय कुशवाहा आदि शामिल रहे।
सीएमपी में ऑनलाइन कक्षाओं के प्रशिक्षित हुए शिक्षक
प्रयागराज। सीएमपी डिग्री कॉलेज में शुक्रवार को पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का समापन हुआ। यह कार्यक्रम शिक्षकों को ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन और उनके लिए आवश्यक ओपन रिसोर्सेज एवं टूल्स के प्रबंधन का प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इसमें 100 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। समापन सत्र के मुख्य अतिथि टीचिंग लर्निंग सेंटर आईआईटी, बीएचयू के चेयरपर्सन प्रो. प्रशांत शुक्ला रहे। अध्यक्ष सीएमपी के प्राचार्य डॉ. बृजेश कुमार, अतिथियों का स्वागत डॉ. मनीषा कुमार सिन्हा, संचालन डॉ. गोविंद गौरव एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सरिता श्रीवास्तव ने किया।
इविवि के कुलपति ने किया वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने शुक्रवार को इविवि की वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन किया। यह विश्वविद्यालय की वर्ष भर की गतिविधियों का दस्तावेज है। कुलपति ने विश्वविद्यालय परिवार को कोरोना महामारी के दौरान निरंतर कार्य करते रहने पर संतोष व्यक्त किया और अपेक्षा की कि आगामी वर्ष में विश्वविद्यालय और अधिक परिश्रम के साथ नई उपलब्धियां अर्जित करेगा। वहीं, एक अन्य कार्यक्रम में कुलपति ने कोरोना काल में निरंतर कार्य करने वाले कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया। उन्हें विश्वविद्यालय की ओर से पीपीई किट का वितरण भी किया गया।
क्रमिक अनशन को एक माह पूरा
प्रयागराज। परीक्षाओं के विरोध में पांच सूत्रीय मांगों को लेकर छात्रसंघ भवन के सामने समाजवादी छात्रसभा के बैनर तले क्रमिक अनशन कर रहे छात्रों के आंदोलन को शुक्रवार को एक माह पूरा हो गया। इस मौके छात्रों ने अपने आंदोलन को तेज करने की रणनीति बनाई। छात्र नेता अजय सम्राट ने कहा कि हॉस्टल छात्रों को दूसरा घर है। जिस तरह पीसीबी हॉस्टल में छात्रों को प्रवेश नहीं करने दिया गया, वह निंदनीय है। अनशन में आयुष प्रियदर्शी, राहुल पटेल, नवनीत यादव, सुनील पटेल, मोहम्मद सलमान, रोहित सावन आदि शामिल रहे।
प्रोन्नति नहीं हुई तो न्यायालय जाएंगे इविवि कर्मी
प्रगयाराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की प्रोन्नति लंबे समय से अटकी पड़ी है। इस मसले पर मिनिस्टीरियल एंड टेक्निकल स्टाफ यूनियन के पूर्व महामंत्री ओपी गुप्ता ने कुलपति कार्यालय में ज्ञापन देते हुए कहा है कि प्रोन्नति न होने के कारण कर्मचारियों को भारी अर्थिक क्षति हो रही है और कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं। अगर कर्मचारियों के प्रमोशन पर शीघ्र कोई निर्णय नहीं लिया गया तो कर्मचारी न्यायालय की शरण में जाएंगे।
परीक्षाओं के आयोजन पर आइसा का विरोध
प्रयागराज। कोविड-19 के दौरान देश भर में नीट-जेईई, एनडीए, क्लैट, यूजीसी नेट एवं अन्य परीक्षाओं का आयोजन कराए जाने के निर्णय के विरोध में आइसा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना विरोध दर्ज कराया है। आइसा के प्रदेश अध्यक्ष शैलेश कुमार का कहना है कि इन परीक्षाओं में लाखों अभ्यर्थियों को शामिल होना है, जबकि देशभर में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में परीक्षाएं स्थगित की जानी चाहिए।
इविवि में प्रवेश के लिए एक लाख 20 हजार आवेदन
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) एवं संघटक कॉलेजों में प्रवेश के लिए शुक्रवार शाम तक 230802 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराए और इनमें से 120271 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन शुल्क जमा करते हुए आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली। स्नातक में प्रवेश के लिए 65691, परास्नातक के लिए 17904, आईपीएस के विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए 2157, बीएएलएलबी के लिए 7673, एलएलबी के लिए 13647, बीएड के लिए 4546, एमएड के लिए 1106, एमबीए/एमबीएआरडी के लिए 1443, एलएलएम के लिए 3449 एवं क्रेट के लिए 2655 आवेदन हुए हैं।
नई शिक्षा नीति पर हर कॉलेज में होगी वर्कशॉप
नई शिक्षा नीति पर प्रदेश के सभी राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में वेबिनार/वर्कशॉप/वर्चुअल कांफ्रेंस का आयोजन कराया जाएगा। इस बाबत उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। साथ ही आयोजन के लिए विषय भी बताए हैं।
निदेशालय की ओर से वेबिनार/वर्कशॉप/वर्चुअल कांफ्रेंस के आयोजन के लिए 25 विषयों के प्रस्ताव रखे गए हैं। महाविद्यालयों को इनमें से किसी एक विषय पर आयोजन कराना होगा। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वेबिनार/वर्कशॉप/वर्चुअल कांफ्रेंस के आयोजन की तिथि पांच सितंबर तक निर्धारित करते हुए संकलित सूचना 21 अगस्त तक अपराह्न एक बे तक निदेशालय को ईमेल के माध्यम से उपलब्ध करा दी जाए। साथ ही निर्धारित तिथि एवं विषय पर वेबिनार/वर्कशॉप/वर्चुअल कांफ्रेंस का आयोजन कराते हुए प्राप्त निष्कर्षों को संक्षित एवं सारगर्भित रूप से सारांश 10 सितंबर तक अपने क्षेत्र के तहत आने वाले महाविद्यालयों से प्राप्त कर संकलित रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
मुविवि में अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आठ सितंबर में
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विवि ने शुक्रवार को स्नातक, परास्नातक अंतिम वर्ष और सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा एवं पीजी डिप्लोमा की परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया। परीक्षाएं आठ सितंबर से नौ अक्तूबर तक आयोजित की जाएगी। सर्टिफिकेट कोर्स की परीक्षाएं एक सप्ताह के भीतर पूरी कराई जाएंगी।
मुविवि की वेबसाइट पर जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार स्नातक एवं परास्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं दो पालियों और सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा एवं पीजी डिप्लोमा की परीक्षाएं तीन पालियों में आयोजित की जाएंगी। प्रथम पाली में सर्टिफिकेट, द्वितीय पाली में डिप्लोमा और तृतीय पाली में पीजी डिप्लोाम की परीक्षा होगी।
सर्टिफिकेट, डिप्लोमा एवं पीजी डिप्लोमा की परीक्षाएं आठ सितंबर से शुरू हो जाएंगे, जबकि बीए एवं बीकॉम अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आठ सितंबर से होंगी। गौरतलब है कि मुविवि प्रशासन स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष और परास्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों को पहले ही अगले कक्षा में प्रमोट करने का आदेश जारी कर चुका है, जिन छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट किया गया है। उन्हें उस कक्षा की परीक्षा में जो अंक मिलेंगे, वही पिछली कक्षा के लिए भी मान्य होंगे और इसी आधार पर उनकी मार्कशीट तैयार की जाएगी।