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सिपाही भर्ती 2018: सीएमओ की रिपोर्ट में बदल गई लंबाई
Wed, 10 Jun 2020 07:23 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 10 Jun 2020 07:23 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कांस्टेबल भर्ती 2018 में पुलिस मेडिकल बोर्ड द्वारा चयन प्रक्रिया से बाहर किए गए अभ्यर्थियों को राहत दी है। कोर्ट ने अभ्यर्थियों की लंबाई की नाप के लिए अलग मेडिकल बोर्ड बनाकर जांच करने का निर्देश दिया है।
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जिनकी लंबाई मानक के अनुरूप पाई गई, उनको चयन प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश दिया है। अमन कुमार और चार अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी ने दिया।
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याची के अधिवक्ता अग्निहोत्री कुमार त्रिपाठी के अनुसार याचीगण कांस्टेबल भर्ती 2018 की लिखित परीक्षा में सफल हुए थे। शारीरिक मानक परीक्षण के दौरान उनको यह कहकर बाहर कर दिया गया कि उनकी लंबाई निर्धारित मानक 168 सेंटीमीटर से कम है। जबकि उन्होंने स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड से जांच कराई है, जिसमें उनकी लंबाई मानक के अनुरूप पाई गई।
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हाईकोर्ट ने याचीगण को पांच हजार रुपये प्रति व्यक्ति जमा करने की शर्त के साथ सीएमओ जौनपुर को एक मेडिकल बोर्ड गठित कर लंबाई की जांच करने का निर्देश दिया था। मेडिकल बोर्ड में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर स्तर के तीन डाक्टर और एक डिप्टी एसपी रैंक का अधिकारी मौजूद होना अनिवार्य था। कोर्ट के आदेश पर सीएमओ ने मेडिकल बोर्ड गठित कर सभी की लंबाई की जांच कराई।
याची संख्या एक, तीन और चार की लंबाई मानक के अनुरूप पाई गई, जबकि याची संख्या दो और पांच की लंबाई मानक से कम थी। कोर्ट ने याची एक, तीन और चार को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश दिया है।