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हाईकोर्ट से मांगी गई जानकारी, इलाहाबाद विवि को भारी न पड़ जाए
Thu, 18 Apr 2019 01:31 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 18 Apr 2019 01:31 AM IST
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- फोटो : प्रयागराज
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पीसीबी हॉस्टल में पूर्व छात्र की हत्या के मामले को हाईकोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान से लेने से इलाहाबाद विश्वविद्यालय की भी मुश्किलें बढ़ गईं हैं। कोर्ट ने कुल सचिव से इविवि की सुरक्षा और कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति के बारे में जानकारी मांगी है। इसके उलट इविवि के किसी छात्रावास में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। साथ ही सुरक्षा और शिक्षकों की उपस्थिति जांचने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में कोर्ट को जवाब देना कहीं इविवि प्रशासन के लिए भारी न पड़ जाए।
वार्डेन, अधीक्षक नहीं रहते छात्रावासों में
इविवि प्रशासन की ओर से छात्रावासों के अधीक्षक एवं वार्डेन के लिए कैंपस में आवास की व्यवस्था होने के बाद भी वे वहां अधिकांश नहीं रहते। छात्रावासों में कौन आ रहा है और कौन जा रहा है इसकी निगरानी नहीं होती। विवि की ओर से छात्रावासों वैध और अवैध छात्रों की पहचान के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
अधिकारियों के आवास पर सुरक्षा, छात्रावासों में नहीं
इविवि की ओर से निजी सुरक्षा एजेंसी को परिसर की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। विवि के अधिकारियों, गेस्ट हाउस सहित अन्य भवनों पर सुरक्षा गार्डों को लगाया गया है। विवि के अधिकारियों के आवास पर भी सुरक्षागार्ड हैं लेकिन छात्रावासों की निगरानी के लिए कोई नहीं रहता।
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कैंपस में कौन आ रहा, कोई निगरानी नहीं
इविवि के मुख्य परिसर सहित, विज्ञान, कामर्स और लॉ फैकेल्टी में कौन आ रहा है और कौन जा रहा है, इसकी कोई जानकारी विवि के पास नहीं है। आलम तो यह है कि विवि के लाइब्रेरी गेट से दिनभर बड़ी संख्या में विवि के शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र अपने वाहन से परिसर में आते-जाते रहते हैं, ऐसे में सुरक्षा के कोई मानक पूरे करना सुरक्षा गार्डों के लिए संभव नहीं है।
कक्षा में नियमित अटेंडेंस नहीं
इविवि प्रशासन की ओर से कक्षा में नियमित अटेंडेंस की व्यवस्था होने के बाद भी शिक्षकों की ओर से लगातार इसकी अवहेलना की जाती है। विवि के बीए-बीएससी की कक्षाओं में 150 से 160 तक छात्र-छात्राएं होने के चलते शिक्षकों को तय समय में अटेंडेंस लेना और इसी अवधि में छात्रों को पढ़ाना संभव नहीं है। ऐसे में अधिकांश शिक्षक अटेंडेंस के नियम के बाद भी नियमित उपस्थिति नहीं चेक करते। विवि के शिक्षकों का कहना है कि जब कक्षा में 50 से 60 विद्यार्थी होते हैं तो उनकी उपस्थिति चेक की जा सकती है, लेकिन इससे अधिक छात्रों की उपस्थिति चेक करना संभव नहीं होता।
शिक्षक कक्षा में पढ़ाते हैं या नहीं, पता नहीं
इविवि अलग-अलग संकायों में नियुक्त शिक्षक अपने-अपने विभागों में अध्यापन करते हैं कि नहीं, नियमित विभाग और कक्षा में आते हैं कि नहीं, ये जांचने की व्यवस्था इविवि के पास नहीं है। छात्रों ने कई बार कर्मचारियों की तरह शिक्षकों की उपस्थिति जांचने की व्यवस्था की मांग की परंतु सुनवाई नहीं हुई।
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वार्डेन, अधीक्षक नहीं रहते छात्रावासों में
इविवि प्रशासन की ओर से छात्रावासों के अधीक्षक एवं वार्डेन के लिए कैंपस में आवास की व्यवस्था होने के बाद भी वे वहां अधिकांश नहीं रहते। छात्रावासों में कौन आ रहा है और कौन जा रहा है इसकी निगरानी नहीं होती। विवि की ओर से छात्रावासों वैध और अवैध छात्रों की पहचान के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
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अधिकारियों के आवास पर सुरक्षा, छात्रावासों में नहीं
इविवि की ओर से निजी सुरक्षा एजेंसी को परिसर की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। विवि के अधिकारियों, गेस्ट हाउस सहित अन्य भवनों पर सुरक्षा गार्डों को लगाया गया है। विवि के अधिकारियों के आवास पर भी सुरक्षागार्ड हैं लेकिन छात्रावासों की निगरानी के लिए कोई नहीं रहता।
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कैंपस में कौन आ रहा, कोई निगरानी नहीं
इविवि के मुख्य परिसर सहित, विज्ञान, कामर्स और लॉ फैकेल्टी में कौन आ रहा है और कौन जा रहा है, इसकी कोई जानकारी विवि के पास नहीं है। आलम तो यह है कि विवि के लाइब्रेरी गेट से दिनभर बड़ी संख्या में विवि के शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र अपने वाहन से परिसर में आते-जाते रहते हैं, ऐसे में सुरक्षा के कोई मानक पूरे करना सुरक्षा गार्डों के लिए संभव नहीं है।
कक्षा में नियमित अटेंडेंस नहीं
इविवि प्रशासन की ओर से कक्षा में नियमित अटेंडेंस की व्यवस्था होने के बाद भी शिक्षकों की ओर से लगातार इसकी अवहेलना की जाती है। विवि के बीए-बीएससी की कक्षाओं में 150 से 160 तक छात्र-छात्राएं होने के चलते शिक्षकों को तय समय में अटेंडेंस लेना और इसी अवधि में छात्रों को पढ़ाना संभव नहीं है। ऐसे में अधिकांश शिक्षक अटेंडेंस के नियम के बाद भी नियमित उपस्थिति नहीं चेक करते। विवि के शिक्षकों का कहना है कि जब कक्षा में 50 से 60 विद्यार्थी होते हैं तो उनकी उपस्थिति चेक की जा सकती है, लेकिन इससे अधिक छात्रों की उपस्थिति चेक करना संभव नहीं होता।
शिक्षक कक्षा में पढ़ाते हैं या नहीं, पता नहीं
इविवि अलग-अलग संकायों में नियुक्त शिक्षक अपने-अपने विभागों में अध्यापन करते हैं कि नहीं, नियमित विभाग और कक्षा में आते हैं कि नहीं, ये जांचने की व्यवस्था इविवि के पास नहीं है। छात्रों ने कई बार कर्मचारियों की तरह शिक्षकों की उपस्थिति जांचने की व्यवस्था की मांग की परंतु सुनवाई नहीं हुई।