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बसपा छोड़ इंद्रजीत ने तलाशा नया ठौर

Thu, 03 Aug 2017 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 03 Aug 2017 02:00 AM IST
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Indrajit goes missing from BSP
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
बसपा के जमीन से जुड़े कद्दावर नेता इंद्रजीत सरोज ने शायद नया सियासी ठौर तलाश लिया है। इस जानकारी के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती सकते में आ गईं। उन्होंने सरोज को घर बैठने का फरमान सुनाया तो पार्टी में हड़कंप मच गया। कौशाम्बी, इलाहाबाद समेत कई जिलों के बड़े-छोटे नेताओं का रोष पार्टी छोड़ने के रूप में सामने आया। सरोज के गृहनगर कौशाम्बी में तो पूरी इकाई ने इस्तीफा दे दिया। जितने मुंह उतनी बातें, हर कोई सरोज के सियासी रसूख और कद के बारे में बात करता रहा। जोनल कोआर्डिनेटर अशोक गौतम ने आननफानन में पत्रकारों को बुलाकर सफाई दी कि इंद्रजीत सरोज को पार्टी से नहीं निकाला गया है। वह खुद ऐसा बयान देकर अनुशासनहीनता कर बता रहे हैं कि उनका पार्टी से कोई वास्ता नहीं है।
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बसपा के लिए इंद्रजीत सरोज का टाटा करना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। सुप्रीमो मायावती के किचेन कैबिनेट से जुटे सरोज पार्टी के हर छोटे बड़े फैसलों में शामिल होते रहे हैं। कौशाम्बी समेत इलाहाबाद मंडल ही नहीं प्रदेश में उनकी बूथ स्तरीय कार्यकर्ताओं में पैठ साल दर साल उनका कद बढ़ाती रही। विधानसभा चुनाव में कौशाम्बी की सभी सीटों पर भगवा परचम का फहरना पार्टी के भीतर उनसे दबे रहने वालों के लिए हथियार बन गया। गाहे बगाहे सुप्रीमो के कान भरकर उन्हें जलीकटी सुनवाई तो सरोज ने नया ताना बाना बुनना शुरू किया। यही पार्टी के लिए झटका खाने का कारण बन गया।
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बसपा सूत्रों के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को फोनकर इंद्रजीत सरोज को घर बैठने को कहा। साफ था कि उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया। इससे पहले राजनीतिक ठौर तलाश चुके सरोज ने नहले पर दहला मारते हुए सुप्रीमो को दो टूक कहा कि वह घुटन महसूस कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि चुनाव से पहले सार्वजनिक मंच से मायावती को धूल चटाने का एलान करने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य समेत बसपा छोड़कर सत्ता का सुख भोग रहे नेता इंद्रजीत का ह्दय परिवर्तन कराने में सफल रहे। इसी कारण इंद्रजीत बेफि क्र होकर अपने को बसपा से बाहर निकाले जाने का दर्द बांटते रहे। शायद यह भी बताते रहे कि चिंता की बात नहीं है, आगे कुछ अच्छा ही होगा। साफ है कि उन्होंने नया राजनीतिक ठौर तलाश लिया है। घोषणा के लिए उन्हें उचित मौके और मंच का इंतजार है।
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बसपा के बड़े नेताओं की कतार में शामिल इंद्रजीत सरोज को निकाले जाने की सूचना से पार्टी में भूचाल मचा है। इस पर गरमाई सियासत पर तरह-तरह के बयानों और कयासों का दौर चल रहा है। डैमेज कंट्रोल के लिए बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर अशोक गौतम ने बुधवार शाम आननफानन में पत्रकारों को बुलाकर सफाई दी। कहा कि इंद्रजीत को पार्टी से नहीं निकाला गया है। वह झूठ बोल रहे हैं, क्योंकि उनकी दूसरी पार्टी में सेटिंग हो गई है। पार्टी को बदनाम करने के लिए वह खुद बयान जारी कर खुद को निकाले जाने की झूठी बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका बयान अनुशासनहीनता है, इसलिए उनका पार्टी से कोई वास्ता नहीं है। बताते हैं कि अशोक गौतम ने बसपा अध्यक्ष मायावती के निर्देश पर यह बयान जारी किया है।  


बसपा से निकाले जाने के बाद इंद्रजीत सरोज ने बुधवार को कहा कि जोनल कोआर्डिनेटरों की बैठक में चंदा वसूलने की बात कही गई थी। उन्होंने इसका विरोध किया था। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि तुम अब घर बैठ जाओ, काम करने की जरूरत नहीं है। आगे बताया कि पूरे प्रदेश में बसपा की इस नीति से कार्यकर्ताओं में गुस्सा हैं, लोग खुद ब खुद पार्टी छोड़ रहे हैं।
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