फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   India, Sangam and Constitution since Sanatan, Chidanand Saraswati said in the Mahasant Sammelan

Mahakumbh : सनातन से ही भारत, संगम और संविधान, परमार्थ निकेतन के महासंत सम्मेलन में बोले चिदानंद सरस्वती

Thu, 30 Jan 2025 08:38 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 30 Jan 2025 08:38 PM IST
सार

महाकुंभ सनातन का सबसे बड़ा आयोजन है। इसकी जिम्मेदारी हम सबकी है। हमें संकल्प लेना होगा कि हम स्वयं कुंभ की जिम्मेदारी लें, नियमों का पालन करें और सावधान रहें। आज पूरे विश्व की सभ्यताओं का भी संगम में संगम हो रहा है।

विज्ञापन
India, Sangam and Constitution since Sanatan, Chidanand Saraswati said in the Mahasant Sammelan
महासंत सम्मेलन में मौजूद चिदानंद सरस्वती और आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

महाकुंभ सनातन का सबसे बड़ा आयोजन है। इसकी जिम्मेदारी हम सबकी है। हमें संकल्प लेना होगा कि हम स्वयं कुंभ की जिम्मेदारी लें, नियमों का पालन करें और सावधान रहें। आज पूरे विश्व की सभ्यताओं का भी संगम में संगम हो रहा है। सभी सभ्यताएं किसी न किसी रूप से प्रयाग के संगम में गोता लगा रही हैं।

विज्ञापन


बृहस्पतिवार को परमार्थ निकेतन शिविर में महासंत महासम्मेलन को संबोधित करते हुए परमार्थ के परमाध्यक्ष चिंदानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन है तो भारत है। भारत है, तो सनातन है। सनातन है, तो संगम है और सनातन है तो संविधान है। मैं देश के इस भाव को नमन करता हूं कि संत और महंत एक मंच पर आकर उन पुण्य आत्माओं को श्रद्धाजंलि अर्पित कर रहे हैं, जो महाकुंभ में हादसे के शिकार हुए हैं। जो हताहत हुए हैं, वे स्वस्थ होकर घर लौटें। इसके लिए हम प्रार्थना कर रहे हैं। हम सभी को मिलकर महाकुंभ को सफल बनाना है।

विज्ञापन

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविन्द्र पुरी ने कहा कि यह उन भक्तों का बलिदान है। संत अपनी 12 वर्षों की तपस्या का फल मां गंगा की शुद्धता के लिए समर्पित करते हैं। अखाड़ा सनातन की परंपरा का दिव्य दर्शन कराता है। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद महाराज ने कहा कि मौनी अमावस्या के दिन जो घटना घटी, उसके बाद संतों व अखाड़ों ने स्नान तो किया परंतु उत्साह नहीं था। सनातन सभी को माथे पर रखता है। हम विश्व गुरु नहीं, हम तो ब्रह्मांड गुरु हैं।

महामंडलेश्वर संतोष दास ने कहा कि मौनी अमावस्या के अवसर पर हुई दुखद घटना से पूरा संत समाज व्यथित है।जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्र दास ने कहा कि लुप्त सरस्वती यहां पूज्य संतों की वाणी से प्रकट हो रही है। उन्होंने आगामी विशेष तिथियों पर सावधानी से प्रशासन के आदेशों का पालन करते हुए अनुशासन के साथ स्नान करने का संदेश दिया। सम्मेलन में साध्वी चित्रलेखा, डॉ. गिरीश योगी, डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती, फलाहारी बाबा, स्वामी अभयदास महाराज समेत अनेक संत मौजूद रहे।

हमें खुद जिम्मेदारी निभानी होगी

विधायक महंत बालकनाथ महाराज ने कहा कि महाकुंभ की घटना हम सभी को जिम्मेदारियों का अहसास कराती है और षड्यंत्रों की ओर भी ध्यान आकर्षित कराती है। यह हमारी एकता और संस्कृति को खंडित करने का षड्यंत्र भी हो सकता है। जिन भक्तों का देवलोक गमन हुआ है, उनकी आत्मा संगम के आचंल में है। आने वाले कुंभ में और व्यवस्थाएं बढ़ें, इसके लिए सभी को कार्य करना है। संगम की रज में स्नान करने से भी उतना ही पुण्य प्राप्त होता है, जितना संगम में स्नान करने से।

शव व शिव पर राजनीति नहीं की जाती: धीरेंद्र शास्त्री

बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि महाकुंभ में जो घटना घटी, वह अत्यंत दुखद है। जिन्होंने भी प्रयाग में शरीर छोड़ा है, उनके लिए यह महासंत सम्मेलन श्रद्धांजलि के तौर पर समर्पित है। यहां संतों ने पहले देश को स्नान कराया फिर खुद स्नान किया। घटना दुखद है परंतु शव व शिव पर राजनीति नहीं की जाती। सरकार ने कोशिश की, परंतु श्रद्धा का उबाल है। गंगा के तट पर शरीर त्याग करना मोक्ष है। घटना की सूक्ष्म जांच की जाए तो अराजक तत्वों की जानकारी मिलेगी। प्रशासन ने जितनी जल्दी घायलों को अस्पताल पहुंचाया, वह प्रशंसनीय है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed