{"_id":"669e0e0b8f1a70f18c0e1df6","slug":"india-is-the-third-most-affected-country-in-the-world-in-cyber-attacks-experts-gave-information-2024-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Cyber Crime : साइबर हमले में भारत विश्व का तीसरा सबसे प्रभावित देश, विशेषज्ञों ने दी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Cyber Crime : साइबर हमले में भारत विश्व का तीसरा सबसे प्रभावित देश, विशेषज्ञों ने दी जानकारी
Mon, 22 Jul 2024 01:15 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 22 Jul 2024 01:15 PM IST
सार
अउआ की ओर से आयोजित ‘साइबर क्राइम प्रिवेंशन एंड रेमेडीज'' विषयक वेबिनार में बड़ी संख्या में छात्रों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले प्रोफेशनल्स ने भी भाग लिया। अउआ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेवानिवृत आईएएस अधिकारी एसके सिंह और संस्थापक सचिव नवीन चंद्रा ने संचालन किया।
विज्ञापन
Cyber Fraud
- फोटो : Freepik
विस्तार
साइबर हमले में भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा प्रभावित देश बन गया है। ऐसे में इस तरह के हमले को रोकना बड़ी चुनौती बन गया है। यह बातें सेवा निवृत्त पुलिस महानिदेशक पद्मश्री प्रकाश सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुरा छात्र संगठन की ओर से आयोजित ऑनलाइन संवाद में कहीं। साइबर अपराध विशेषज्ञ पूर्व डीजीपी ने इस तरह के हमले के प्रति लोगों को सजग भी किया।
विज्ञापन
अउआ की ओर से आयोजित ‘साइबर क्राइम प्रिवेंशन एंड रेमेडीज'' विषयक वेबिनार में बड़ी संख्या में छात्रों के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले प्रोफेशनल्स ने भी भाग लिया। अउआ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेवानिवृत आईएएस अधिकारी एसके सिंह और संस्थापक सचिव नवीन चंद्रा ने संचालन किया।
विज्ञापन
उद्घाटन अवसर पर पद्मश्री प्रकाश सिंह ने बताया कि साइबर हमलों के मामलों में भारत विश्व का तीसरा सबसे प्रभावित देश बन गया है, जो बहुत ही गंभीर चुनौती है। ऐसा पाया गया है कि देश में हर दिन लगभग चार हजार साइबर अटैक के मामले होते हैं। यह हमले बहुत ही तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे निपटने के लिए इस समय जरूरत है ऐसे प्रोफेशनल्स की जो तकनीकी रूप से सक्षम हों। उन्होंने सरकार सुझाव दिया कि आईआईटी जैसे उच्च तकनीकी संस्थानों से छात्रों को पुलिस चयनित करे और उनकी योग्यता का उपयोग करके ऐसे मामलों से निपटे।
विज्ञापन
साइबर कॉप के नाम सेे मशहूर सेवानिवृत आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने बताया की ऐसे मामलों में एआई का गलत इस्तेमाल और भी चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि किसी की भी निजी जानकारी कंप्यूटर से निकाल लेना या चोरी कर लेना भी साइबर अपराध है। साइबर अपराध भी कई तरह से किए जा रहे हैं।जानकारी चोरी करना, जानकारी मिटाना, जानकारी में फेर बदल करना, किसी की जानकारी को किसी और को देना या कंप्यूटर के भागों को चोरी करना या नष्ट करना साइबर अपराध है।
किसी की भी निजी जानकारी उनके स्मार्ट मोबाइल फोन या कंप्यूटर से निकाल लेना या चोरी कर लेना भी साइबर अपराध है। उनका कहना था कि इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का गलत उपयोग साइबर अपराध में सबसे बड़ी चुनौती के रूप में सामने आ रहा है। किसी जान पहचान के व्यक्ति से ऑनलाइन वार्ता करते हुए भी सावधान रहना चाहिए। कोई भी एआई डीप फेंक हो सकता है। इसीलिए किसी भी अनजान से ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करने से पहले कई बार विचार जरूर करे। अंत में प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से साइबर अपराध को लेकर कई सवाल भी किए।