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डीबीटीएल के नाम पर भारत गैस की अंधेरगर्दी
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Thu, 08 Jan 2015 01:44 AM IST
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इलाहाबाद। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर एलपीजी से अधिकतम ग्राहकों को जोड़ने के लिए भारत पेट्रोलियम के अफसर अंधेरगर्दी पर उतारू हो गए हैं। कंपनी के अफसर ग्राहकों पर दबाव बनाकर डीबीटीएल का फार्म भराने की कोशिशों में जुटे हैं। दबाव के लिए ही पिछले तीन दिनों तक शहर के एलपीजी ग्राहकों को सब्सिडी वाले यानी 438 रुपये के रसोई गैस सिलेंडर नहीं दिए जा रहे हैं। नैनी के बाद बुधवार को इसे लेकर मम्फोर्डगंज स्थित भारत गैस की एजेंसी पर ग्राहकों ने जमकर हंगामा काटा। ग्राहकों का बवाल बढ़ा तो कंपनी ने शाम को कुछ एजेंसियों पर ट्रक सिलेंडर भेजे गए लेकिन इनमें भी कम संख्या में सब्सिडी वाले सिलेंडर दिए गए। इससे ग्राहकों को आगे भी दिक्कत हो सकती है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने ग्राहकों को 31 मार्च तक इस बात की छूट दी है कि वह डीबीटीएल के फार्म भर सकते हैं। जो ग्राहक एजेंसी और बैंक में फार्म जमा कर रजिस्ट्रेशन नहीं करा सकेंगे, उन्हें 31 मार्च तक सब्सिडी वाले कोटे के सिलेंडर मिलते रहेंगे। इसके तहत अब भारत गैस में अब तक 42.6 फीसदी ग्राहक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। 57.4 फीसदी ग्राहकों को जल्द रजिस्टर्ड कराने के लिए भारत पेट्रोलियम के अफसरों ने ग्राहकों पर गलत तरीके से दबाव बनाना शुरू कर दिया है। बीपीसी की शहर में 20 गैस एजेसिंयां हैं और इनसे जुड़े 107724 ग्राहक हैं। सभी ग्राहक डीबीटीएल का फार्म जनवरी में ही भर दें, इसके लिए तेल कंपनी के अफसरों ने गैस एजेंसियों पर 438 रुपये वाले सिलेंडर की आपूर्ति ही रोक दी। पांच और छह जनवरी को केवल 773.50 रुपये के नॉन सब्सिडी वाले सिलेंडर ही दिए गए। बुधवार को मम्फोर्डगंज स्थित एजेंसी पर ग्राहकों ने यह कहते हुए हंगामा किया कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक छूट दी है तो कंपनी और एजेंसी फार्म भराने के लिए बाध्य नहीं कर सकती।
एजेंसी संचालकों ने ग्राहकों को किसी तरह समझाकर स्थिति सामान्य की। बताया, कंपनी से ही सब्सिजी वाले सिलेंडर नहीं मिले हैं। ग्राहकों ने तेल कंपनी के अफसरों को मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की तो मोबाइल भी स्विच ऑफ कर दिए गए।
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0 ‘31 मार्च तक सब्सिडी वाले सिलेंडर ग्राहकों को देने की छूट मोदी सरकार ने दी है। सरकार के फैसले को तेल कंपनी के अफसर या एजेंसी संचालक मानने से इनकार नहीं कर सकते। इसकी शिकायत पेट्रोलियम मंत्री से की जाएगी।’
केशव प्रसाद मौर्य
सांसद, फूलपुर
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पेट्रोलियम मंत्रालय ने ग्राहकों को 31 मार्च तक इस बात की छूट दी है कि वह डीबीटीएल के फार्म भर सकते हैं। जो ग्राहक एजेंसी और बैंक में फार्म जमा कर रजिस्ट्रेशन नहीं करा सकेंगे, उन्हें 31 मार्च तक सब्सिडी वाले कोटे के सिलेंडर मिलते रहेंगे। इसके तहत अब भारत गैस में अब तक 42.6 फीसदी ग्राहक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। 57.4 फीसदी ग्राहकों को जल्द रजिस्टर्ड कराने के लिए भारत पेट्रोलियम के अफसरों ने ग्राहकों पर गलत तरीके से दबाव बनाना शुरू कर दिया है। बीपीसी की शहर में 20 गैस एजेसिंयां हैं और इनसे जुड़े 107724 ग्राहक हैं। सभी ग्राहक डीबीटीएल का फार्म जनवरी में ही भर दें, इसके लिए तेल कंपनी के अफसरों ने गैस एजेंसियों पर 438 रुपये वाले सिलेंडर की आपूर्ति ही रोक दी। पांच और छह जनवरी को केवल 773.50 रुपये के नॉन सब्सिडी वाले सिलेंडर ही दिए गए। बुधवार को मम्फोर्डगंज स्थित एजेंसी पर ग्राहकों ने यह कहते हुए हंगामा किया कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक छूट दी है तो कंपनी और एजेंसी फार्म भराने के लिए बाध्य नहीं कर सकती।
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एजेंसी संचालकों ने ग्राहकों को किसी तरह समझाकर स्थिति सामान्य की। बताया, कंपनी से ही सब्सिजी वाले सिलेंडर नहीं मिले हैं। ग्राहकों ने तेल कंपनी के अफसरों को मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की तो मोबाइल भी स्विच ऑफ कर दिए गए।
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0 ‘31 मार्च तक सब्सिडी वाले सिलेंडर ग्राहकों को देने की छूट मोदी सरकार ने दी है। सरकार के फैसले को तेल कंपनी के अफसर या एजेंसी संचालक मानने से इनकार नहीं कर सकते। इसकी शिकायत पेट्रोलियम मंत्री से की जाएगी।’
केशव प्रसाद मौर्य
सांसद, फूलपुर