{"_id":"57acdd8c4f1c1b2c45ee5554","slug":"increased-difficulties-in-alluvial-areas-disrupting-life","type":"story","status":"publish","title_hn":"कछारी इलाकों में बढ़ीं मुश्किलें, जीवन अस्तव्यस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कछारी इलाकों में बढ़ीं मुश्किलें, जीवन अस्तव्यस्त
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 12 Aug 2016 02:01 AM IST
विज्ञापन
गंगा का जलस्तर बढ़ा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
गंगा और यमुना के जलस्तर में बृहस्पतिवार को भी वृद्धि जारी रही। इससे दारागंज, छोटा बघाड़ा, रसूलाबाद, सलोरी, झूंसी, फाफामऊ, सोनौटी बदरा समेत कई मुहल्लों में कई परिवारों का जीवन अस्तव्यस्त हो गया है। पानी घरों में घुसने से लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। लोग अपने परिचितों के यहां शरण लिए हुए हैं। जिला प्रशासन ने बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए पहले ही हाई अलर्ट घोषित किया है। तहसीलों में शरणालय स्थापित कर वहां लोगों के लिए पेयजल, भोजन, शौचालय, एवं ठहरने के लिए दरी चादर आदि की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। सीएमओ से संक्रामक रोगों से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने को कहा।
फाफामऊ में मंगलवार को जलस्तर 83.19 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से डेढ़ मीटर नीचे है। मंगलवार को फाफामऊ के जलस्तर में सात सेमी. की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, छतनाग में आठ सेमी वृद्धि के साथ गंगा का जलस्तर 82.20 मीटर पर पहुंच गया, जबकि नैनी में आठ सेमी बढ़ोतरी के साथ यमुना का जलस्तर 82.80 मीटर दर्ज किया गया। डीएम संजय कुमार ने सिंचाई बाढ़ कार्य खंड और पंपिंग स्टेशन से जुड़े अभियंताओं को बाढ़ की स्थिति पर बराबर नजर रखने के साथ बाढ़ से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने का निर्देश दिया है। कहा कि जलस्तर बढ़ने पर पंपिंग स्टेशनों के गेट बंद कर दिया जाए। जिले में दोनों नदियों से 655 गांव प्रभावित हैं। हालांकि शाम को दोनों नदियों के जलस्तर स्थिर होने का दावा किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि रात से जलस्तर में गिरावट हो सकती है।
विज्ञापन
फाफामऊ में मंगलवार को जलस्तर 83.19 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से डेढ़ मीटर नीचे है। मंगलवार को फाफामऊ के जलस्तर में सात सेमी. की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, छतनाग में आठ सेमी वृद्धि के साथ गंगा का जलस्तर 82.20 मीटर पर पहुंच गया, जबकि नैनी में आठ सेमी बढ़ोतरी के साथ यमुना का जलस्तर 82.80 मीटर दर्ज किया गया। डीएम संजय कुमार ने सिंचाई बाढ़ कार्य खंड और पंपिंग स्टेशन से जुड़े अभियंताओं को बाढ़ की स्थिति पर बराबर नजर रखने के साथ बाढ़ से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने का निर्देश दिया है। कहा कि जलस्तर बढ़ने पर पंपिंग स्टेशनों के गेट बंद कर दिया जाए। जिले में दोनों नदियों से 655 गांव प्रभावित हैं। हालांकि शाम को दोनों नदियों के जलस्तर स्थिर होने का दावा किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि रात से जलस्तर में गिरावट हो सकती है।
विज्ञापन