कुंभ मेले में फोटो प्रदर्शनी का हुआ उद्घाटन, डिजिटल हुए बापू और पटेल के सपने
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लौहपुरुष सरदार पटेल के सपने डिजिटल इंडिया के तहत कुंभ में साकार हो रहे हैं। इन महापुरुषों की जीवन गाथा के साथ राष्ट्र निर्माण में इनकी भूमिका, विकास यात्रा पर आधारित डिजिटल प्रदर्शनी देखने के लिए शनिवार को दिन भर भीड़ लगी रही। इस प्रदर्शनी में पीएम नरेंद्र मोदी के अब तक के कार्यकाल व उनके मन की बात काा भी डिजिटलाइजेशन किया गया है। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को भी इस डिजिटल प्रदर्शनी में जगह दी गई है।
कुंभ मेला क्षेत्र के सेक्टर- एक त्रिवेणी रोड पर ब्यूरो ऑफ आउटिंग एंड कम्यूनिकेशन की ओर से एक भारत, स्वच्छ भारत और सक्षम भारत केे स्लोगन के साथ डिजिटल प्रदर्शनी शनिवार को शुरू हुई। इसकी प्रस्तुती नई दिल्ली संस्था थिकिंग कैप कर रही है। इस प्रदर्शनी में गांधी के जीवनकाल, देश विकास के लिए उनके संजोए सपनों को डिजिटलाइज किया गया है। बापू के भजनों को डिजिटल-वे दिया गया है। बापू क्या चाहते थे? देश के प्रति उनका नजरिया क्या था?
जैसे अहम सवालों के जवाबों को प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा सरदार पटेल के रियासतों के भारतीय गणराज्य मेंं विलय कराने के काम, आजादी के दौरान योगदान और उनकी डिजिटल जीवन गाथा का वर्णन किया गया है। बीओसी के क्षेत्रीय प्रदर्शनी अधिकारी कैलाश चंद्र ने बताया कि प्रदर्शनी का उद्देश्य डिजिटल के माध्यम से बापू और पटेल के विचारों को आगे लाना है। इसकी पूरी जानकारी आम लोगों के सामने डिजिटल के माध्यम से प्रस्तुत की गई है।
लोगों ने साझा की अपने दिल की बातें
डिजिटल प्रदर्शनी में बापू और पटेल के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। यह सरकार का अच्छा कदम है। इससे लोगों को पता चलता है कि दोनों महापुरुषों ने देश और समाज के लिए क्या-क्या किया है। ये महापुरुष राष्ट्र निर्माण के नायक रहे हैं। इस प्रदर्शनी जरिए इनके बारे में लोगों में और जानकारियां प्रसारित होंगी। - आशुतोष पाण्डेय प्रतापगढ़
कुंभ में डिजिटल प्रदर्शनी को देख सुखद अनुभव हो रहा है। बापू और पटेल के बारे में इतनी जानकारी एक साथ मिलना बड़ी बात है। अन्य दूसरी जगह संभव नहीं था। सरकार ने डिजिटल प्रदर्शनी लगाकर ज्ञान की कुंजी जैसे खोल दी है। ऐसे आगे भी होते रहना चाहिए, ताकि आजादी की भूमिका निभाने वालों जीवन चरित आए और लोगों को जानकारी मिले। -राजेश कुमार प्रतापढ़
सरकार कीयोजनाओं के प्रचार-प्रसार का जरिया है। जो लोगों के बीच आनी चाहिए, ताकि पता चल सके कि इन्होंने जनता के लिए क्या-क्या किया है। हांलाकि बापू और पटेल के जीवन वृत्त की डिजिटलाइजेशन होना बहुत अच्छा है। इससे लोगों मे जानकारियां बढ़ेगी। जिससे लोग कुछ सीख सकेंगे। -अवधेश कुमार आजमगढ़
प्रदर्शनी में महात्मा गांधी और सरदार पटेल के विचारों और भावी भारत के सपने का प्रस्तुतीकरण कुंभ में आने वाले लोगों के लिए ज्ञानोपयोगी है। यहां से जानकारी लेकर अपने जीवन इनके विचारों को आत्मसात कर बेहतर भविष्य के लिए कार्य कर सकते हैं। -अर्जित मिश्रा कुंडा, प्रतापगढ़