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संकट के दौर में गांधी दर्शन से मिलती है चेतना

Sat, 03 Oct 2015 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 03 Oct 2015 01:46 AM IST
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In times of crisis consciousness draws from Gandhian philosophy
इलाहाबाद (ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विवि की ओर से शुक्रवार को दो महापुरुषों गांधी-शास्त्री की जयंती मनाई गई। विवि की ओर से वर्तमान परिवेश में महात्मा गांधी की प्रासंगिकता विषय पर आयोजित संगोष्ठी में कुलपति प्रो. एमपी दुबे ने कहा कि गांधी जी की प्रासंगिकता पहले से आज बहुत अधिक बढ़ गई है। आज संकट एवं अवमूल्यन के काल में गांधी दर्शन से लोगों को चेतना मिलती है। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती को हमें नागरिक धर्म के रूप में मनाना चाहिए। भारत ने दक्षिण अफ्रीका को एमके गांधी दिया जबकि दक्षिण अफ्रीका ने भारत को महात्मा गांधी दिया।
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न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने कहा कि गांधी जी एक संत थे, उनका महत्व न केवल भारत में वरन विश्व में भी है। उनके अहिंसा के सिद्धांत ने अंग्रेजी सरकार को हिला दिया था। मंडलायुक्त राजन शुक्ल ने कहा कि गांधी जी का दृष्टिकोण समन्वयवादी था। उनमें मानवीय संवेदनाएं अंदर तक विराजमान थी।
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हम गांधी जी के व्यावहारिक दर्शन को जीवन में उतारकर प्रगति कर सकते हैं। अध्यक्षता कर रहे इविवि के पूर्व कुलपति प्रो. आरपी मिश्र ने कहा कि गांधी जी के विचारों को अपनाकर हम अपने ऊपर नियंत्रण कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने दक्षिण अफ्रीका को एमके गांधी दिया जबकि दक्षिण अफ्रीका ने भारत को महात्मा गांधी दिया। इस मौके पर प्रो. एचएस उपाध्याय, विनोद चंद दुबे सहित कई अन्य ने विचार रखे। अतिथियों का स्वागत डॉ. टीएन दुबे ने किया, धन्यवाद डीपी त्रिपाठी ने किया। संचालन डॉ. हरीश जायसवाल ने किया। इस मौके पर सफाई अभियान चलाया गया। मंडलायुक्त ने विवि के  आसपास की सड़कों पर प्रकाश की व्यवस्था करने की बात कही।
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इलाहाबाद विवि के गांधी विचार एवं शांति अध्ययन संस्थान की ओर से गांधी:कल आज और कल विषय पर आयोजित संगोष्ठी के मुख्य वक्ता जीबी पंत संस्थान के प्रो. विमल कुमार ने कहा कि गांधी जी की मृत्यु के इतने वर्षों बाद भी उनकी स्वीकार्यता बढ़ी है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा का संदर्भ देते हुए कहा कि वह भी अपने साथ गांधी जी को जोड़कर स्वीकार्यता बढ़ा रहे हैं। अध्यक्षता कर रहे संस्थान के निदेशक प्रो. मोहम्मद असलम ने कहा कि गांधी को हमें अपने कार्य व्यवहार में लागू करना होगा। इस मौके पर डॉ. राजेश सिंह, अविनाश श्रीवास्तव, हरवंश, डॉ. हरदेव, पंकज यादव सहित कई लोग मौजूद रहे।
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