झटका : कोविड के इलाज में पेंशनरों को लाखों का चूना, कैशलेस सुविधा देने की जगह वसूला गया इलाज का खर्च
कोविड के इलाज में केंद्रीय पेंशनरों को लाखों रुपये का चूना लगा है। केंद्र सरकार के निर्देश थे कि सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) के पैनलबद्ध निजी अस्पतालों में पेंशनरों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी, लेकिन ज्यादातर अस्पतालों ने सीधे पेंशनरों से उनके इलाज का खर्च वसूला और वह भी मनमाना। पेंशनरों ने जब खर्च के समायोजन के लिए सीजीएचएस में बिल प्रस्तुत किए तो उन्हें बिल की आधी धनराशि भी नहीं मिली। इसकी शिकायत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से की गई है। फिलहाल सीजीएचएस प्रशासन ने अब तक इस मामले में अपने स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 10 जुलाई 2020 को आदेश जारी किया था कि सीजीएचएस में पंजीकृत पेंशनर अगर पैनलबद्ध निजी अस्पतालों में कोविड का इलाज कराते हैं तो उन्हें राज्य सरकार की ओर से निर्धारित दर पर कैशलेस सुविधा प्रदान की जाएगी।
कोविड की दूसरी लहर के दौरान प्रयागराज में अस्पतालों ने जमकर मनमानी की और पेंशनरों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के बजाय राज्य सरकार की ओर से निर्धारित दर से कई गुना अधिक धनराशि उनसे वसूली। पेंशनर तुलसीराम ने सीजीएचएस में 186410 रुपये का बिल प्रस्तुत किया, जिसके एवज में उन्हें केवल 72800 रुपये मिले। पेंशनर दिनेश कुमार गुप्ता ने 427683 रुपये का बिल प्रस्तुत किया, लेकिन सिर्फ 2.29 लाख रुपये का समायोजन हुआ।
सेवानिवृत्त कर्मियों/श्रमजीवियों के संगठन सिटिजंस ब्रदरहुड के महामंत्री विनोद कुमार तिवारी ने जब अपर निदेशक कार्यालय, सीजीएचएस प्रयागराज से सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगी तो जवाब मिला कि 55 पेंशनरों के बिल सीजीएचएस को प्राप्त हुए हैं। यानी इन 55 पेंशनरों को कोविड का कैशलेस इलाज नहीं मिला, बल्कि अस्पतालों ने उनसे मनमाने तरीके से वसूली की।
सिटिजंस ब्रदरहुड के महामंत्री ने आरटीआई में यह भी पूछा कि अस्पतालों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई तो जवाब मिला कि कोई शिकायत नहीं आई, जबकि तुलसीराम ने क्लेम के फॉर्म पर और सीजीएचएस के निदेशक को पत्र भेजकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। विनोद कुमार तिवारी का कहना है कि कोविड के इलाज के दौरान अन्य राज्यों और शहरों में भी पेंशनरों के साथ ऐसे ही मनमानी की गई और ऐसे में करोड़ों रुपये का खेल हुआ है। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से मांग की है कि प्रकरण की जांच कराई जाए और पेंशनरों को वास्तविक व्यय का भुगतान किया जाए।
पत्र भेजकर सीजीएचएस ने की खानापूरी
आरटीआई के जवाब में अपर निदेशक कार्यालय, सीजीएचएस प्रयागराज की ओर से कहा गया है कि कैशलेस इलाज के लिए सभी पैनलबद्ध अस्पतालों को अप्रैल 2021 में पत्र भेजा गया था। सभी अस्पताल पेंशनरों को कैशलेस सुविधा दे रहे हैं। कैशलेस सुविधा न देने के संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर अस्पताल के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।