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स्टेडियम रन में महिला आर्मी अफसर ने बढ़ाया संगमनगरी का मान
Wed, 11 Aug 2021 11:14 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 11 Aug 2021 11:14 PM IST
सार
प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर प्रयागराज लौटी डॉ. फरहा दीबा ने बताया कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने से वाले प्रतिभागी को दो साल के अंदर फुल मैराथन को साढ़े पांच घंटे में पूरा किया हो।
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prayagraj news : दीबा फराह।
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
संगमनगरी की महिला आर्मी अफसर मेजर डॉ. फराह दीबा बंगलुरू में आयोजित स्टेडियम रन में परचम लहराया है। छठवीं बटालियन एनसीसी गर्ल्स विंग में प्रशासनिक अफसर के पद पर तैनात डॉ. फरहा दीबा ने सात-आठ अगस्त को आयोजित प्रतियोगिता में लगातार 12 घंटे दौड़कर 82.9 किमी की दूरी तय की है।
प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर प्रयागराज लौटी डॉ. फराह दीबा ने बताया कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने से वाले प्रतिभागी को दो साल के अंदर फुल मैराथन को साढ़े पांच घंटे में पूरा किया हो। फरहा ने प्रयागराज में आयोजित वाली पिछली दोनों इंदिरा मैराथान में प्रतिभाग किया था और निर्धारित समय सीमा में दौड़ पूरी की थी। इसके अलावा 50 किलोमीटर की एक मैराथान में भी शामिल हुई थीं। फरहा ने बताया कि यह दौड़ सायं पांच बजे शुरू होती है और अगले दिन सुबह पांच समाप्त होती है। प्रतिभागी को लगातार दौड़ना होता है।
इस दौरान ड्रिंक आदि कार्यो के लिए आपने ब्रेक लिया तो वह समय प्रतियोगिता के नियम के मुताबिक घटा दिया जाता है। इस प्रतियोगिता में यह देखा जाता है कि प्रतिभागी कितना अधिक समय तक ट्रैक पर रहा। डॉ. फरहा ने बताया कि मैग्नेटिक ट्रैक पर दौड़ना होता है। साथ ही प्रतिभागी के शूज में चिप लगी होती है। वह चाल के हिसाब से गणना होती है कि कितने समय में प्रतिभागी ने कितनी दूरी तय की है।
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प्रतियोगिता में बने रहने के लिए कम से कम 11 घंटे तक ट्रैक पर रहना होता है। 11 घंटे से कम ट्रैक पर रहने पर प्रतिभागी प्रतियोगिता से बाहर हो जाता है। फरहा ने 12 घंटे की दौड़ में 11.30 घंटे में 82.9 किमी की दूरी तय की है। इससे पहले फरहा ने चंडीगढ़ में आयोजित स्टेडियम रन में 12 घंटे में 70 किलोमीटर की दूरी तय किया था। मेजर दीबा के दो बच्चे हैं। वह देश की कई मैराथन प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं। डॉ. फरहा ने बताया कि प्रतियोगिता का परिणाम अभी नहीं आया है। जल्द ही परिणाम आने वाला है।
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प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर प्रयागराज लौटी डॉ. फराह दीबा ने बताया कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने से वाले प्रतिभागी को दो साल के अंदर फुल मैराथन को साढ़े पांच घंटे में पूरा किया हो। फरहा ने प्रयागराज में आयोजित वाली पिछली दोनों इंदिरा मैराथान में प्रतिभाग किया था और निर्धारित समय सीमा में दौड़ पूरी की थी। इसके अलावा 50 किलोमीटर की एक मैराथान में भी शामिल हुई थीं। फरहा ने बताया कि यह दौड़ सायं पांच बजे शुरू होती है और अगले दिन सुबह पांच समाप्त होती है। प्रतिभागी को लगातार दौड़ना होता है।
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इस दौरान ड्रिंक आदि कार्यो के लिए आपने ब्रेक लिया तो वह समय प्रतियोगिता के नियम के मुताबिक घटा दिया जाता है। इस प्रतियोगिता में यह देखा जाता है कि प्रतिभागी कितना अधिक समय तक ट्रैक पर रहा। डॉ. फरहा ने बताया कि मैग्नेटिक ट्रैक पर दौड़ना होता है। साथ ही प्रतिभागी के शूज में चिप लगी होती है। वह चाल के हिसाब से गणना होती है कि कितने समय में प्रतिभागी ने कितनी दूरी तय की है।
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प्रतियोगिता में बने रहने के लिए कम से कम 11 घंटे तक ट्रैक पर रहना होता है। 11 घंटे से कम ट्रैक पर रहने पर प्रतिभागी प्रतियोगिता से बाहर हो जाता है। फरहा ने 12 घंटे की दौड़ में 11.30 घंटे में 82.9 किमी की दूरी तय की है। इससे पहले फरहा ने चंडीगढ़ में आयोजित स्टेडियम रन में 12 घंटे में 70 किलोमीटर की दूरी तय किया था। मेजर दीबा के दो बच्चे हैं। वह देश की कई मैराथन प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं। डॉ. फरहा ने बताया कि प्रतियोगिता का परिणाम अभी नहीं आया है। जल्द ही परिणाम आने वाला है।