Fraud : एटीएम में फंसे 10 हजार वापस दिलाने के नाम पर साइबर ठग ने आबकारी अधिकारी से साढ़े चार लाख ठगे
मम्फोर्डगंज में साइबर ठगों ने आबकारी निरीक्षक प्रसेन कुमार राय के खाते से 4.5 लाख रुपये उड़ा दिए। रिफंड के नाम पर उन्हें लिंक भेजकर पिन डालने को कहा और खाते से रकम काट ली। उन्होंने कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
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मम्फोर्डगंज में साइबर ठगों ने आबकारी निरीक्षक प्रसेन कुमार राय के खाते से 4.5 लाख रुपये उड़ा दिए। रिफंड के नाम पर उन्हें लिंक भेजकर पिन डालने को कहा और खाते से रकम काट ली। उन्होंने कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। प्रसेन पुराना मम्फोर्डगंज में रहते हैं और आबकारी आयुक्त कार्यालय में तैनात हैं। उनका खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में है। 10 दिसंबर को वह पीएनबी के एटीएम से नकदी निकालने गए थे। उनके खाते से 10 हजार रुपये कट गए, लेकिन एटीएम से नकदी नहीं निकली।
काफी देर तक परेशान रहने के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिली। 16 दिसंबर को उन्होंने बैंक में अप्लीकेशन दी। 19 दिसंबर को दोपहर में उनके पास एक कॉल आई। जिस नंबर से कॉल आई, वह 11 अंकों का हेल्पलाइन या कस्टमर केयर नंबर जैसा था। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक कर्मी बताया और फिर शिकायत का रिफरेंस नंबर मांगा। रिफरेंस नंबर बताने के बाद उसने आवाज साफ न आने की बात कहते हुए एक अन्य नंबर से व्हाट्सएप कॉल की।
इसके बाद व्हाट्सएप के जरिये एक लिंक भेजा और पिन डालने को कहा। लिंक पर क्लिक करके जैसे ही उन्होंने पिन डाला, उनके खाते से तीन बार में 4.5 लाख रुपये उड़ा दिए गए। इनमें से दो बार दो-दो लाख और तीसरी बार में 50 हजार रुपये निकाले गए। इस घटना की शिकायत उन्होंने फौरन ही नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर की। इस मामले में कर्नलगंज इंस्पेक्टर राममोहन राय ने बताया कि मोबाइल नंबर के आधार पर अज्ञात में एफआईआर दर्ज की गई है।
बिजली बिल पेेमेंट अपडेट करने के नाम पर 24 हजार उड़ाए
रमाकांत शर्मा माधोकुंज कटरा स्थित बरसाना अपार्टमेंट में रहते हैं। उनके पास बिजली विभाग के नाम से एसएमएस आया। इसमें लिखा था कि आपका बिजली बिल जमा नहीं है और रात तक कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसमें इलेक्ट्रिसिटी अफसर का नंबर भी दिया था। कॉल करने पर बताया गया कि एप डाउनलोड कर जानकारी फीड करें तो बिल अपडेट हो जाएगा। जैसे ही उन्होंने ऐसा किया, खाते से 24 हजार रुपये कट गए।
- डीसीपी नगर संतोष कुमार मीणा बताते हैं कि रिफंड के नाम पर साइबर ठगी की वारदातें आए दिन होती हैं।
- बैंक या अन्य अधिकांश संस्थान कस्टमर केयर के लिए आउटसोर्सिंग के जरिये कर्मचारी रखते हैं, ऐसे में उन्हें आसानी से डाटा मिल जाता है, जिनमें नाम, नंबर व अन्य जानकारियां होती हैं।
- डाटा मिलने पर साइबर ठग कस्टमर को बैंक अफसर बनकर फोन करते हैं। इसके बाद झांसा देने के लिए कंप्लेंट नंबर आदि की जानकारी लेते हैं।
- फिर रिफंड की बात कहकर लिंक भेजते हैं। यह पेमेंट लिंक होता है जिस पर क्लिक करते ही खाते से रकम उड़ा दी जाती है।
- इसलिए बेहद जरूरी है कि किसी भी तरह के अनजान लिंक पर क्लिक न किया जाए।
- खाते संबंधित कार्य को बैंक जाकर ही निपटाएं। a
आप हुए हैं साइबर ठगी के शिकार तो हमसे साझा करें जानकारी
अगर आप साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं तो कैसे हुए, ठग ने क्या कहा, उसके बाद क्या रकम वापस मिली या नहीं। यह जानकारी हमसे इस नंबर 7617566162 पर व्हाट्सएप पर साझा कर सकते हैं। हम आपसे मिली जानकारी को प्रकाशित कर अन्य लोगों को सचेत करने की कोशिश करेंगे।