फैसला : नाबालिग बालक से अप्राकृतिक दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त को 10 साल की सजा, जुर्माना भी लगा
जिला न्यायालय में सोमवार को नाबालिग बालक के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म मामले के आरोपी अमन भारतीय को 10 वर्ष की सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये जुर्माने की सजा से दंडित करने का निर्णय सुनाया।
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जिला न्यायालय में सोमवार को नाबालिग बालक के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म मामले के आरोपी अमन भारतीय को 10 वर्ष की सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये जुर्माने की सजा से दंडित करने का निर्णय सुनाया। यह आदेश विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) राजेश कुमार पंचम ने आरोपी के वकील और सहायक शासकीय अधिवक्ता राजेश गुप्ता के तर्कों को सुनकर दिया।
पीड़ित के पिता वादी मुकदमा ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई और आरोप लगाया कि 11 जुलाई 2020 की शाम करीब चार बजे पड़ोसी अमन भारतीय मेरे नाबालिग बालक को जामुन तोड़ने के बहाने बगिया में ले गया और उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत से अभियुक्त को कम से कम सजा देने की याचना की, जबकि अभियोजन पक्ष ने विरोध करते हुए अधिकतम सजा की मांंग की।
विशेष लोक अभियोजक विनय तिवारी एवं मनोज त्रिपाठी ने कोर्ट के समक्ष छह गवाह परीक्षित कराए। मामले के तथ्यों, परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीर प्रकृति को देखकर कोर्ट ने 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा का निर्णय सुनाया।