तब्लीगी जमातियों का मामला : हाईकोर्ट ने कहा- लापरवाही बरतने वाले सरकारी वकीलों पर आश्वासन के मुताबिक कार्रवाई करे सरकार
यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने विदेशी तबलीगियों हसे उर्फ हसाना वे व 11अन्य तथा दहा दसई व 12अन्य की धारा 482के अंतर्गत दाखिल याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा याचियों के खिलाफ आपराधिक केस की सुनवाई पूरी हो चुकी है।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उम्मीद जताई है कि विदेशी तबलीगी जमातियों की याचिका की सुनवाई में सरकारी वकील द्वारा कोर्ट कार्यवाही में बाधा डालने के मामले में राज्य सरकार की तरफ से वरिष्ठ अधिकारी अपने आश्वासन पर कायम रहते हुए कार्यवाही करेंगे। कोर्ट में अपर महाधिवक्ता एम सी चतुर्वेदी के साथ उपस्थित राज्य विधि परामर्शी पी के श्रीवास्तव ने आश्वस्त किया कि कोर्ट कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न नहीं होने पाएगा। सरकार जवाबदेही के सिद्धांत पर कायम हैं।
पूरी ईमानदारी से कोर्ट कार्यवाही में सहयोग दिया जाएगा। परामर्शी ने कहा कि कार्यवाही शुरू की गई है। कुछ गोपनीय पत्रजात पेश किए जो दिए गए आश्वासन को सत्यापित करते हैं। कोर्ट ने प्रकरण को निस्तारित करते हुए कहा कि जब सरकार कार्यवाही कर रही है तो अलग से आदेश देना उचित नहीं होगा। सरकार की तरफ से बड़े अधिकारियों ने आश्वस्त किया है तो कार्यवाही अवश्य होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने विदेशी तबलीगियों हसे उर्फ हसाना वे व 11अन्य तथा दहा दसई व 12अन्य की धारा 482के अंतर्गत दाखिल याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा याचियों के खिलाफ आपराधिक केस की सुनवाई पूरी हो चुकी है। गवाही हो चुकी है।ऐसे में याचिका काअस्तित्व नहीं बचा है। विदेशी तबलीगियों के खिलाफ कोरोना फैलाने के आरोप में एफ आई आर दर्ज कराई गई। शाहजहांपुर व हापुड़ में चल रहे मुकदमे के शीघ्र निस्तारण की मांग में याचिका पर राज्य सरकार के अधिवक्ता से सहयोग न मिलने से देरी होने पर कोर्ट ने राज्य विधि परामर्शी को तलब किया। सरकारी वकील ने कोर्ट को सही जानकारी नहीं दी। गुमराह किया। जिससे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तलब करना पड़ा।