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कौशाम्बी में नवनिर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य को सर्प ने डसा, मौत
Sun, 16 May 2021 07:34 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 16 May 2021 07:34 PM IST
सार
- झाड़फूंक के चक्कर नहीं हुआ समुचित इलाज, परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव को दफनाया
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snake bite
विस्तार
मूरतगंज विकास खंड के पन्नोई गांव की नवनिर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य को सोते समय सर्प ने डस लिया। इससे उसकी मौत हो गई। परिजनो ने पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा है। चरवा कोतवाली के पन्नोई गांव निवासी राम अभिलाष की आठ साल पहले बीमारी के दौरान निधन हो गया है। पति की मौत के बाद उसकी पत्नी उमा देवी (45) मेहनत मजदूरी करके बच्चों का भरण पोषण करती थी। पिछले दिनों हुए पंचायत चुनाव में उमा देवी ने क्षेत्र पंचायत के वार्ड नम्बर 18 से सदस्य पद का चुनाव लड़ा था और वह इस वार्ड से क्षेत्र पंचायत सदस्य चुनी गई थी।
परिजनों के अनुसार शुक्रवार की रात को उमा देवी खाना खाने के बाद अपने बिस्तर पर सो रही थी। रात करीब दो बजे जब उसकी नींद खुली तो वहां पर बैठे जहरीले सर्प ने उसे डस लिया। इससे उमा देवी की हालत गंभीर हो गई। आनन फानन में इकट्ठा हुए लोगों ने उमा देवी को झाड़फूंक के लिए सैनी इलाके के एक गांव ले गए। जहां देर रात तक चली झाड़ फूंक की प्रक्रिया के बाद उमा देवी की जान को नहीं बचाया जा सका। उमा देवी की मौत होने के बाद निराश होकर घर लौटे परिजनों ने रविवार की सुबह शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया है। घटना को लेकर परिवार में कोहराम मचा है।
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परिजनों के अनुसार शुक्रवार की रात को उमा देवी खाना खाने के बाद अपने बिस्तर पर सो रही थी। रात करीब दो बजे जब उसकी नींद खुली तो वहां पर बैठे जहरीले सर्प ने उसे डस लिया। इससे उमा देवी की हालत गंभीर हो गई। आनन फानन में इकट्ठा हुए लोगों ने उमा देवी को झाड़फूंक के लिए सैनी इलाके के एक गांव ले गए। जहां देर रात तक चली झाड़ फूंक की प्रक्रिया के बाद उमा देवी की जान को नहीं बचाया जा सका। उमा देवी की मौत होने के बाद निराश होकर घर लौटे परिजनों ने रविवार की सुबह शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया है। घटना को लेकर परिवार में कोहराम मचा है।
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इलाज होता तो बच सकती थी जान
सर्प दंश से जान गवाने वाली उमा देवी के बेटे अरुण का हाल बेहाल है। पिता राम अभिलाष की मौत के बाद घर की जिम्मेदारी इसी पर है। सर्प दंश के बाद बिगड़ी मां की हालत को लेकर बेटे अरुण ने इलाज कराने की बात लोगों से कही थी। लेकिन गांव के लोगों ने झाड़ फूंक कराने की सलाह देकर उमा देवी को सैनी लेकर चले गए। यहाँ पर देर रात तक झाड़ फूंक की प्रक्रिया चलती रही लेकिन उमा देवी की जान चली गई। अरुण कुमार का कहना है कि यदि झाड़ फूंक पर वह ध्यान न देकर अस्पताल में इलाज कराता तो उसकी मां की जान बच सकती थी।
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