फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   In cases where records were not found 20 thousand damages imposed in them

Allahabad High Court Order : जिन मुकदमों के नहीं मिले रिकॉर्ड उनमें लगाया 20 हजार का हर्जाना

Sat, 06 Aug 2022 01:08 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 06 Aug 2022 01:08 AM IST
सार

कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर हर्जाने की रकम जमा नहीं की जाती तो अगली सुनवाई पर उन केसों में प्रमुख सचिव विधि को उपस्थित रहना पड़ेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने समीर सहित कुल तकरीबन 16 सप्लीमेंट्री केसों की सुनवाई के दौरान दिया है।

विज्ञापन
In cases where records were not found 20 thousand damages imposed in them
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

रिकॉर्डों के पुनर्निर्माण के मामले में शुक्रवार को हाईकोर्ट में पेश प्रमुख सचिव विधि प्रमोद कुमार श्रीवास्तव के जवाब पर पीठ ने नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने सप्लीमेंट्री मामलों की सुनवाई के दौरान प्रमुख सचिव को खड़ा कराए रखा और जिन दो केसों में सरकारी अधिवक्ता अपने रिकॉर्डों और कोर्ट केद्वारा मांगी गई जानकारी केसाथ बहस नहीं कर सके, उनमें 20-20 हजार का हर्जाना लगाया।

विज्ञापन



कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर हर्जाने की रकम जमा नहीं की जाती तो अगली सुनवाई पर उन केसों में प्रमुख सचिव विधि को उपस्थित रहना पड़ेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने समीर सहित कुल तकरीबन 16 सप्लीमेंट्री केसों की सुनवाई के दौरान दिया है।
विज्ञापन



कोर्ट ने प्रमुख सचिव से पूछा कि महाधिवक्ता कार्यालय में आग से फाइलों के जल जाने से उनके पुनर्निर्माण के लिए यूपी सरकार ने क्या कदम उठाए हैं? जबकि मामले को हुए दो सप्ताह हो गए हैं। सरकार इन रिकॉर्डों की कस्टोडियन है। सही व्यवस्था न होने से सुनवाई नहीं हो पा रही है। सरकारी अधिवक्ताओं के आग्रह पर केस टाले जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



इस पर प्रमुख सचिव की ओर से कई तर्क प्रस्तुत किए गए। कहा गया कि महाधिवक्ता कार्यालय को धीरे-धीरे संचालित किया जा रहा है और जैसे-जैसे केसों की जानकारी सामने आ रही है। उनके रिकॉर्ड का पुनर्निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन कोर्ट इस जवाब से संतुष्ट नहीं दिखी और कड़ी नाराजगी जाहिर की।



पेशी के दौरान बैठने पर कोर्ट सख्त 
कोर्ट ने सुबह एक बार मामले की सुनवाई की, उसके बाद दोपहर में भी सुनवाई शुरू की। इस दौरान प्रमुख सचिव बैठ गए तो कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने पूछा किसके आदेश से बैठ गए, जब पेशी पर आए हैं। कोर्ट ने उन्हें सुनवाई तक खड़ा कराए रखा। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें सप्लीमेंट्री केसों की अगली सुनवाई पर आगे से पेशी में छूट दे दी। सुनवाई केदौरान महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा, अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल सहित कई सरकारी अधिवक्ता मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed