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आईजी ने पकड़ीं कंट्रोल रूम की कमियां
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Sat, 07 Feb 2015 12:43 AM IST
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इलाहाबाद। आईजी जोन बीबी शर्मा शुक्रवार दोपहर पुलिस लाइन स्थित हाईटेक कंट्रोल रूम का निरीक्षण करने पहुंचे तो उनको हर जगह कमियां ही नजर आईं। कंट्रोल रूम में शिकायतें तो दर्ज हो रही हैं और क्षेत्र की पैट्रोलिंग कार (पीसी) तथा ईगल बाइक तक सूचनाएं भी पहुंच रही हैं लेकिन कार्रवाई क्या हुई, इसका कोई रिकार्ड नहीं मिला। आईजी ने इस पर नाराजगी जताई तो कंट्रोल रूम के अफसर और निरीक्षक बहाने बनाने लगे। आईजी ने कहा कि अगली बार वह निरीक्षण को आएं तो सब कुछ दुरुस्त मिलना चाहिए।
आईजी दोपहर 12 बजे डीआईजी भगवान स्वरूप और एसएसपी दीपक कुमार के साथ कंट्रोल रूम पहुंचे थे। आईजी यह देखने आए थे कि हाईटेक कंट्रोल रूम काम कैसे करता है। बताया गया कि 100 डायल की दस लाइनों पर शिकायतें दर्ज कर डिस्पैचर तक पहुंचाई जाती हैं। इसके बाद पांच डिस्पैचर संबंधित पीसी और ईगल बाइक पर एसएमएस और वायरलेस से सूचना पहुंचाते हैं। शिकायतों का क्या हुआ, इसकी रिपोर्ट तो कंट्रोल रूम पर पहुंच जाती है लेकिन इसका कोई रिकार्ड नहीं रखा जाता।
आईजी ने कहा कि प्रतिदिन की शिकायतों और निस्तारण का रिकार्ड रखा जाए और एसपी कंट्रोल रूम और सीओ इसकी जांच करें। उन्होंने हर घंटे पीसी की लोकेशन लेने और इसका भी लेखाजोखा रखने का निर्देश दिया। कहा कि अफसर स्थलीय निरीक्षण भी करें। दंगे जैसी स्थिति से निपटने के लिए क्या किया जाना चाहिए, इस बारे में आईजी ने पूछताछ शुरू की तो कंट्रोल रूम के कर्मचारी बगलें झांकने लगे। उनके पास प्रशासनिक अफसरों के नंबर भी नहीं थे। फोर्स की कमी के बारे में भी आईजी को जानकारी दी गई। उन्होंने इसके जल्द समाधान का भरोसा दिलाया।
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आईजी बीबी शर्मा ने शुक्रवार शाम पुलिस लाइन में जिले के सभी थानेदारों के साथ बैठक की। उन्होंने बीट पुलिसिंग पर जोर दिया। कहा कि बीट के सिपाही की हर गली और घर में दखल होनी चाहिए। यह तभी संभव है जब सिपाही अपना व्यवहार दोस्ताना रखें और क्षेत्र में नियमित गश्त करें। आईजी ने शिवरात्रि से पहले मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कर लेने का निर्देश दिया। कहा कि होली से पहले अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया जाए। ऐसे लोगों पर नजर रखी जाए जो माहौल खराब कर सकते हैं। चेतावनी भी दी कि अगर घूसखोरी की शिकायत उन तक पहुंची तो सख्त कार्रवाई होगी।
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आईजी दोपहर 12 बजे डीआईजी भगवान स्वरूप और एसएसपी दीपक कुमार के साथ कंट्रोल रूम पहुंचे थे। आईजी यह देखने आए थे कि हाईटेक कंट्रोल रूम काम कैसे करता है। बताया गया कि 100 डायल की दस लाइनों पर शिकायतें दर्ज कर डिस्पैचर तक पहुंचाई जाती हैं। इसके बाद पांच डिस्पैचर संबंधित पीसी और ईगल बाइक पर एसएमएस और वायरलेस से सूचना पहुंचाते हैं। शिकायतों का क्या हुआ, इसकी रिपोर्ट तो कंट्रोल रूम पर पहुंच जाती है लेकिन इसका कोई रिकार्ड नहीं रखा जाता।
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आईजी ने कहा कि प्रतिदिन की शिकायतों और निस्तारण का रिकार्ड रखा जाए और एसपी कंट्रोल रूम और सीओ इसकी जांच करें। उन्होंने हर घंटे पीसी की लोकेशन लेने और इसका भी लेखाजोखा रखने का निर्देश दिया। कहा कि अफसर स्थलीय निरीक्षण भी करें। दंगे जैसी स्थिति से निपटने के लिए क्या किया जाना चाहिए, इस बारे में आईजी ने पूछताछ शुरू की तो कंट्रोल रूम के कर्मचारी बगलें झांकने लगे। उनके पास प्रशासनिक अफसरों के नंबर भी नहीं थे। फोर्स की कमी के बारे में भी आईजी को जानकारी दी गई। उन्होंने इसके जल्द समाधान का भरोसा दिलाया।
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आईजी बीबी शर्मा ने शुक्रवार शाम पुलिस लाइन में जिले के सभी थानेदारों के साथ बैठक की। उन्होंने बीट पुलिसिंग पर जोर दिया। कहा कि बीट के सिपाही की हर गली और घर में दखल होनी चाहिए। यह तभी संभव है जब सिपाही अपना व्यवहार दोस्ताना रखें और क्षेत्र में नियमित गश्त करें। आईजी ने शिवरात्रि से पहले मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त कर लेने का निर्देश दिया। कहा कि होली से पहले अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाया जाए। ऐसे लोगों पर नजर रखी जाए जो माहौल खराब कर सकते हैं। चेतावनी भी दी कि अगर घूसखोरी की शिकायत उन तक पहुंची तो सख्त कार्रवाई होगी।