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Prayagraj News: अफसर बनना है तो एआई जानें, पीसीएस में आया निबंध
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सीएवी इंटर कॉलेज से पीसीएसकी परीक्षा देने के बाद बाहर निकलते अभ्यर्थी। अमर उजाला।
- फोटो : shiv tripathi
पीसीएस अफसर बनना है तो अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की जानकारी भी रखनी होगी। रविवार से शुरू हुई सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) मुख्य परीक्षा-2024 में निबंध के प्रश्नपत्र की परीक्षा में ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता: संभावनाएं एवं चुनौतियां’ विषय पर निबंध लिखने के लिए आया।
प्रयागराज व लखनऊ के 34 केंद्रों में सुबह नौ से अपराह्न 12 बजे तक सामान्य हिंदी व दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक निबंध की परीक्षा हुई। अभ्यर्थियों ने बताया कि निबंध के ज्यादातर प्रश्न समसामयिक मुद्दों पर आधारित थे और आसान भी थे, जिन्हें हल करने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आई। हालांकि, जो अभ्यर्थी परीक्षा में पहली बार शामिल हुए, उन्हें लगा कि निबंध का प्रश्न पत्र हल करने के लिए समय कुछ कम मिला।
निबंध का प्रश्न पत्र कुल तीन खंडों में था और प्रत्येक खंड में तीन प्रश्न थे। अभ्यर्थियों को प्रत्येक खंड से एक प्रश्न करना अनिवार्य था। निबंध अधिकतम 700 शब्दों में लिखना था। ‘स्टार्टअप: भारत का भविष्य’, ‘कृषि में तकनीकी नवाचार एवं सतत विकास’, ‘मानव मूल्य और साहित्य’, ‘भारत में न्यू वुमन की कल्पना: एक मिथक’, ‘राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी का प्रभाव’ जैसे विषयों पर निबंध लिखने के लिए आए।
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इसके अलावा ‘अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की बढ़ती लोकप्रियता’, ‘ग्लोबल वार्मिंग: भविष्य के लिए संकट’, ‘भारतीय अर्थव्यवस्था और मेक इन इंडिया’ जैसे विषयों पर भी निबंध आए। पीसीएस के 947 पदों पर भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा दो जुलाई तक आयोजित की जाएगी, जिसके लिए 14,957 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। 30 जून को पहले व दूसरे सत्र में क्रमश: सामान्य अध्ययन के पहले एवं दूसरे प्रश्न पत्र की परीक्षा होगी।
अभ्यर्थियों ने अपराध की रोकथाम के लिए एसपी को लिखा पत्र
सामान्य हिंदी के प्रश्नपत्र में अभ्यर्थियों को दो पत्र भी लिखने पड़े। इनमें से एक पत्र उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक की ओर से पुलिस अधीक्षक (एसपी) को लिखना था, जिसमें आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए कठोर कार्रवाई का निर्देश देना था। वहीं, दूसरे पत्र में उप सचिव, गृह मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखना था, जिसमें प्रसूति पूर्ण भ्रूण लिंग परीक्षण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है, ताकि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान सफल हो सके। इसके अलावा विलोम, वाक्यांशों के लिए एक शब्द, वाक्याें को शुद्ध करने, मुहावरों/लोकोत्तियों के प्रयोग से संबंधित प्रश्न भी पूछे गए।
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प्रयागराज व लखनऊ के 34 केंद्रों में सुबह नौ से अपराह्न 12 बजे तक सामान्य हिंदी व दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक निबंध की परीक्षा हुई। अभ्यर्थियों ने बताया कि निबंध के ज्यादातर प्रश्न समसामयिक मुद्दों पर आधारित थे और आसान भी थे, जिन्हें हल करने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आई। हालांकि, जो अभ्यर्थी परीक्षा में पहली बार शामिल हुए, उन्हें लगा कि निबंध का प्रश्न पत्र हल करने के लिए समय कुछ कम मिला।
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निबंध का प्रश्न पत्र कुल तीन खंडों में था और प्रत्येक खंड में तीन प्रश्न थे। अभ्यर्थियों को प्रत्येक खंड से एक प्रश्न करना अनिवार्य था। निबंध अधिकतम 700 शब्दों में लिखना था। ‘स्टार्टअप: भारत का भविष्य’, ‘कृषि में तकनीकी नवाचार एवं सतत विकास’, ‘मानव मूल्य और साहित्य’, ‘भारत में न्यू वुमन की कल्पना: एक मिथक’, ‘राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी का प्रभाव’ जैसे विषयों पर निबंध लिखने के लिए आए।
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इसके अलावा ‘अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की बढ़ती लोकप्रियता’, ‘ग्लोबल वार्मिंग: भविष्य के लिए संकट’, ‘भारतीय अर्थव्यवस्था और मेक इन इंडिया’ जैसे विषयों पर भी निबंध आए। पीसीएस के 947 पदों पर भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा दो जुलाई तक आयोजित की जाएगी, जिसके लिए 14,957 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। 30 जून को पहले व दूसरे सत्र में क्रमश: सामान्य अध्ययन के पहले एवं दूसरे प्रश्न पत्र की परीक्षा होगी।
अभ्यर्थियों ने अपराध की रोकथाम के लिए एसपी को लिखा पत्र
सामान्य हिंदी के प्रश्नपत्र में अभ्यर्थियों को दो पत्र भी लिखने पड़े। इनमें से एक पत्र उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक की ओर से पुलिस अधीक्षक (एसपी) को लिखना था, जिसमें आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए कठोर कार्रवाई का निर्देश देना था। वहीं, दूसरे पत्र में उप सचिव, गृह मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखना था, जिसमें प्रसूति पूर्ण भ्रूण लिंग परीक्षण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है, ताकि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान सफल हो सके। इसके अलावा विलोम, वाक्यांशों के लिए एक शब्द, वाक्याें को शुद्ध करने, मुहावरों/लोकोत्तियों के प्रयोग से संबंधित प्रश्न भी पूछे गए।