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पुलिस भर्ती 2018: शारीरिक जांच के नतीजे पर संदेह हो तो दोबारा जांच का आदेश देना सही

Sat, 12 Dec 2020 01:17 AM IST
prayagraj Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 12 Dec 2020 01:17 AM IST
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Police recruitment 2018: If the result of physical examination is suspected then it is right to order a re-investigation
यूपी पुलिस - फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
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  • जहां पहले कराई जांच, वहीं दोबारा भी कराएं, दूसरे जिले में जांच कराना अनुचित

कांस्टेबल भर्ती 2018 में कई अभ्यर्थियों द्वारा उनकी लंबाई की नाप का गलत परिणाम आने की शिकायत का समाधान करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि लंबाई की जांच के नतीजे को लेकर संदेह है तो दोबारा जांच कराने का आदेश देना सही है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोबारा जांच उसी जिले में कराई जानी चाहिए। इसके लिए किसी दूसरे जिले के मेडिकल बोर्ड से जांच कराना गलत है। कोर्ट का कहना था कि शारीरिक माप को लेकर यदि अभ्यर्थी के मन में संदेह है तो दूर किया जाना आवश्यक है। अदालत ने बरेली में हुई जांच की शिकायत के बाद दोबारा बुलंदशहर के मेडिकल बोर्ड से जांच कराने के पुलिस भर्ती बोर्ड के निर्णय को रद़द करते हुए कहा कि दोबारा भी बरेली के डॉक्टरों का ही मेडिकल बोर्ड बनाकर जांच कराई जाए।


प्रदेश सरकार की विशेष अपील को खारिज करते हुए यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की पीठ ने दिया है। विशेष अपील कांस्टेबल भर्ती अभ्यर्थी योगेंद्र कुमार ने दाखिल की थी।  याची ने 2018 की पुलिस भर्ती की परीक्षा में सफल होने के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा दी। बरेली में हुई जांच में इनकी लंबाई 168 सेमी से कम पाई गई। उसने याचिका दाखिल कर दोबारा जांच कराने की मांग की। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने बुलंदशहर के सीएमओ व दो प्रोफेसर डॉक्टरों की टीम गठित कर क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में जांच का आदेश दिया। मेडिकल बोर्ड ने जांच की और रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। मेडिकल जांच रिपोर्ट में याची की लंबाई 168 सेमी से अधिक पाई गई तो कोर्ट ने याची को चयनित करने का निर्देश दिया।

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इस आदेश को अपील में राज्य सरकार ने चुनौती दी। अपर महाधिवक्ता का कहना था कि नियमानुसार एक बार जांच की जा सकती है और जांच वहीं होगी जहां परीक्षा हुई हो। एकल पीठ ने दूसरे जिले के डॉक्टरों की टीम से जांच का आदेश देकर क्षेत्राधिकार का उल्लंघन किया है। खंडपीठ ने दोबारा जांच के आदेश पर सरकार की आपत्ति अस्वीकार कर दी मगर जिस जिले में परीक्षा हुई है, वहीं दोबारा मेडिकल जांच की दलील को स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने एकल पीठ के आदेश के अनुसार बरेली में डॉक्टरों की टीम से जांच कराने का आदेश दिया है।

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