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UP: ट्रेन में लोको पायलट ने ली झपकी तो डिवाइस बोलेगी... जागते रहिए; फोन का अधिक प्रयोग करने पर मिलेगा ये मैसेज
Tue, 16 Jan 2024 01:15 PM IST
शाहरुख खान
राहुल शर्मा, अमर उजाला, प्रयागराज
राहुल शर्मा, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 16 Jan 2024 01:15 PM IST
सार
रेलवे में पहली बार एआई पर आधारित आरडीएएस डिवाइस ट्रेन ड्राइवर को अलर्ट करेगी। अगर लोको पायलट ने झपकी ली तो डिवाइस बोलेगी कि जागते रहिए। मोबाइल का अधिक इस्तेमाल करने पर भी यह डिवाइस मैसेज देकर ड्राइवर को अलर्ट करेगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
चलती ट्रेन में अगर लोको पायलट ने झपकी ली तो इंजन में लगी एक विशेष डिवाइस उसे अलर्ट कर देगी। डिवाइस बोलेगी ड्राइवर जागते रहिए। इतना ही नहीं लोको पायलट अगर इंजन के केबिन में कहीं मोबाइल पर ज्यादा देर बात करता पाया गया तब भी डिवाइस अलर्ट मैसेज देते हुए कहेगी कि ड्राइवर फोन रखिए।
रेलवे द्वारा आने वाले दिनों में यह डिवाइस देश के सभी प्रमुख रूट की ट्रेनों के इंजनों में लगाने की तैयारी है। डिवाइस का परीक्षण भी हो गया है। इसके परिणाम भी सकारात्मक आए हैं। डिवाइस पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित है। कवच के साथ ही रेलवे संरक्षा को लेकर तमाम इंतजाम कर रहा है।
भारतीय रेल के मिशन रफ्तार प्रोजेक्ट के तहत ही पिछले वर्ष ही रेलवे बोर्ड ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे को एक खास डिवाइस बनाने का निर्देश दिया था। संबंधित जोनल रेलवे द्वारा एआई का प्रयोग करते हुए रेलवे चालक सहायता प्रणाली (आरडीएएस) नाम की डिवाइस तैयार की। तमाम जोनल रेलवे द्वारा इसका परीक्षण भी किया जा रहा है।
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बताया जा रहा है कि लोको में लगी यह डिवाइस न केवल लोको पॉयलट को सतर्क करेगी, बल्कि एक निश्चित अवधि के लिए चालक के सतर्कता खोने की स्थिति में आपातकालीन ब्रेक भी लगा देगी। इसकी तमाम खूबियां भी है। अगर ड्राइवर सिगरेट पी रहा है तो भी डिवाइस उसे टोकेगी।
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रेलवे द्वारा आने वाले दिनों में यह डिवाइस देश के सभी प्रमुख रूट की ट्रेनों के इंजनों में लगाने की तैयारी है। डिवाइस का परीक्षण भी हो गया है। इसके परिणाम भी सकारात्मक आए हैं। डिवाइस पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित है। कवच के साथ ही रेलवे संरक्षा को लेकर तमाम इंतजाम कर रहा है।
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भारतीय रेल के मिशन रफ्तार प्रोजेक्ट के तहत ही पिछले वर्ष ही रेलवे बोर्ड ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे को एक खास डिवाइस बनाने का निर्देश दिया था। संबंधित जोनल रेलवे द्वारा एआई का प्रयोग करते हुए रेलवे चालक सहायता प्रणाली (आरडीएएस) नाम की डिवाइस तैयार की। तमाम जोनल रेलवे द्वारा इसका परीक्षण भी किया जा रहा है।
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बताया जा रहा है कि लोको में लगी यह डिवाइस न केवल लोको पॉयलट को सतर्क करेगी, बल्कि एक निश्चित अवधि के लिए चालक के सतर्कता खोने की स्थिति में आपातकालीन ब्रेक भी लगा देगी। इसकी तमाम खूबियां भी है। अगर ड्राइवर सिगरेट पी रहा है तो भी डिवाइस उसे टोकेगी।
सोशल मीडिया में शेयर हुआ डिवाइस का वीडियो
डिवाइस की खूबियों को लेकर सोशल मीडिया में 1.19 मिनट का एक वीडियो भी जारी हुआ है। रेलकर्मी भी इस वीडियो को खूब शेयर कर रहे हैं। उस वीडियो में डिवाइस की खूबियों से रेलकर्मियों को वाकिफ कराया गया है। इसमें केबिन में ही एक स्क्रीन लगी है। उसमें सीसीटीवी के माध्यम से ट्रेन चला रहा लोको पॉयलट भी दिख रहा है।
इसमें अगर लोको पॉयलट अगर कुछ देर दाएं या बाएं देखता है तो एआई की मदद से डिवाइस में उपलब्ध प्रोग्राम के माध्यम से आवाज आएगी कि ड्राइवर सामने देखिएं। बताया जा रहा है कि तमाम जोनल रेलवे में इसी वर्ष प्रयोग के तौर पर आरडीएएस को लगाया जाएगा।
इस डिवाइस में तमाम खूबियां हैं। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर आने वाले दिनों में उत्तर मध्य रेलवे द्वारा संचालित ट्रेनों में भी आरडीएएस डिवाइस लगाई जाएगी। -हिमांशु शेखर उपाध्यक्ष, सीपीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे।